राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर। गोला थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव में सार्वजनिक रास्ते को कथित कब्जे से मुक्त कराने की शिकायत करना एक युवती को भारी पड़ गया। आरोप है कि शिकायत से नाराज कुछ लोगों ने युवती के साथ गाली-गलौज करते हुए लात-मुक्कों और डंडे से मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंची उसकी बहन के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है।
घटना का वीडियो प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आया। पीड़िता की तहरीर पर गोला पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घर के सामने युवती से मारपीट का आरोप
गोपालपुर निवासी जूली शर्मा पुत्री रमाकान्त शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 14 अगस्त को दोपहर करीब 1:10 बजे वह अपनी पुश्तैनी जमीन पर बैठी थी।
आरोप है कि इसी दौरान घर के सामने रहने वाले राहुल यादव, गिरिजा यादव, मीना देवी समेत अन्य लोग वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। इसके बाद आरोपितों ने कथित तौर पर लात-मुक्कों और डंडे से जूली के साथ मारपीट शुरू कर दी।
पीड़िता के मुताबिक, जब उसने शोर मचाया तो उसकी बहन चांदनी भी मौके पर पहुंची। आरोप है कि उसके साथ भी मारपीट की गई।
सरकारी रास्ते को लेकर चल रहा है विवाद
इस मामले की जड़ गांव के एक सार्वजनिक मार्ग को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। जूली और उसके पिता का आरोप है कि गांव में लंबे समय से लोगों के आवागमन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सरकारी रास्ते को एक परिवार अपनी निजी जमीन का हिस्सा बता रहा है।
परिवार का आरोप है कि रास्ते को अवरुद्ध करने के उद्देश्य से वहां बाउंड्रीवाल बनाने का प्रयास किया जा रहा था। इसी को लेकर जूली और उसके पिता ने संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर रास्ते की स्थिति स्पष्ट होने तक निर्माण कार्य रोकने की मांग की थी।
पीड़िता का दावा है कि सार्वजनिक रास्ता होने के कारण ग्रामीणों के आवागमन को देखते हुए प्रशासन से मौके की स्थिति की जांच कराने और यथास्थिति बनाए रखने का अनुरोध किया गया था।
दो महीने से अधिकारियों के पास पहुंच रही थी शिकायत
जूली और उसके पिता के अनुसार, रास्ते के विवाद को लेकर पिछले करीब दो महीने से शिकायतें की जा रही थीं।
परिवार की ओर से उपजिलाधिकारी गोला, जिलाधिकारी गोरखपुर और आईजीआरएस के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायत भेजे जाने का दावा किया गया है।
परिजनों का आरोप है कि लगातार शिकायत किए जाने से कुछ लोग नाराज थे और इसी वजह से युवती के साथ मारपीट की गई।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
मारपीट का वीडियो हुआ प्रसारित
घटना का कथित वीडियो सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। वीडियो में मारपीट से संबंधित दृश्य होने का दावा किया जा रहा है।
पुलिस ने इस वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो कब और कहां बनाया गया तथा इसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान क्या है।
वीडियो के अलावा पुलिस दोनों पक्षों के बयान और घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच करेगी।
घायल युवती का निजी अस्पताल में इलाज
परिजनों के अनुसार, मारपीट में जूली शर्मा को चोटें आई हैं। फिलहाल उसका गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
परिवार का कहना है कि युवती के कान से रक्तस्राव हो रहा है।
उसकी चोटों की वास्तविक स्थिति मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट होगी।
पुलिस जांच में मेडिकल रिपोर्ट को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर शामिल किया जाएगा।
बहन से भी मारपीट का आरोप
पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जब उसकी बहन चांदनी
उसे बचाने के लिए मौके पर पहुंची तो उसके साथ भी मारपीट की गई।
परिवार का आरोप है कि विवाद के दौरान दोनों बहनों को चोटें आईं। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए
आरोपों की जांच कर रही है और घटना के समय मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
गोला पुलिस ने जूली शर्मा की तहरीर के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मामले में बीएनएस की धारा 115(2), 352 और 351(3) लगाई गई हैं।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
जांच में मारपीट की घटना के साथ-साथ सार्वजनिक रास्ते को लेकर चल रहे विवाद की भी पड़ताल की जा रही है।
रास्ते की जमीन की भी होगी जांच
मामला केवल मारपीट तक सीमित नहीं है। इसके पीछे सार्वजनिक
रास्ते की जमीन को लेकर विवाद भी बताया जा रहा है।
इसलिए पुलिस और प्रशासन के सामने यह पता लगाना
महत्वपूर्ण होगा कि जिस रास्ते को लेकर शिकायत की गई है, उसका वास्तविक राजस्व रिकॉर्ड क्या है।
इसके लिए संबंधित दस्तावेज, राजस्व अभिलेख और मौके की स्थिति की जांच महत्वपूर्ण होगी।
यदि रास्ता सरकारी या सार्वजनिक उपयोग का पाया जाता है तो उस पर किसी प्रकार के
अवरोध या निर्माण को लेकर प्रशासन अलग से कार्रवाई कर सकता है। वहीं, जमीन के
स्वामित्व को लेकर दोनों पक्षों के दावों का फैसला संबंधित राजस्व प्रक्रिया के तहत होगा।
शिकायत के बाद विवाद बढ़ने का आरोप
पीड़िता और उसके पिता का कहना है कि रास्ते को लेकर लगातार शिकायत करने के बाद उनके
परिवार पर दबाव बनाया जा रहा था। इसी क्रम में मारपीट की घटना होने का आरोप लगाया गया है।
परिवार चाहता है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले
तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गांव में घटना को लेकर चर्चा
मारपीट का वीडियो सामने आने और मुकदमा दर्ज होने के बाद गांव में यह मामला चर्चा का
विषय बना हुआ है। सार्वजनिक रास्ते और जमीन से जुड़े विवाद के कारण
दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति पैदा होने की बात सामने आई है।
प्रशासन के सामने अब दो स्तर पर मामले को संभालने की चुनौती है—पहला,
मारपीट के आरोपों की जांच और दूसरा, विवादित रास्ते की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना।
निष्कर्ष
गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव में सार्वजनिक रास्ते को
कथित कब्जे से मुक्त कराने की शिकायत को
लेकर युवती से मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता जूली शर्मा ने आरोप लगाया है कि
रास्ते को लेकर अधिकारियों से शिकायत करने के कारण नाराज लोगों ने उसके साथ मारपीट की।
घटना में उसकी बहन के साथ भी मारपीट का आरोप है। वीडियो प्रसारित होने के बाद
मामला सामने आया और पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ
बीएनएस की धारा 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
फिलहाल घायल युवती का गोरखपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस मारपीट के वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट और दोनों पक्षों के बयानों के
साथ-साथ विवादित रास्ते से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
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