गोला में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पर हमला, लाठी-डंडों से मारपीट का आरोप; चार के खिलाफ मुकदमा

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोरखपुर। गोला थाना क्षेत्र के बैकुण्ठपुर गांव में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुनील यादव ने गांव के चार लोगों पर लाठी-डंडों से हमला करने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। शिकायत मिलने के बाद गोला पुलिस ने चार नामजद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले में पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्यों और उपलब्ध वीडियो की भी जांच कर रही है।

पंचायत के विकास कार्य दिखाने के दौरान हमला

सुनील यादव की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, बीते शुक्रवार को वह गेनुआडीह चौराहे पर पंचायत की ओर से कराए गए विकास कार्यों को अधिकारियों को दिखा रहे थे।

आरोप है कि इसी दौरान गांव के चार लोग पहले से वहां मौजूद थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि मौका मिलते ही चारों ने एक साथ लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया।

अचानक हुए हमले के कारण मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। सुनील यादव के अनुसार, मारपीट में उनके शरीर पर कई जगह चोटें आईं।

बाएं हाथ की कनिष्ठा उंगली टूटने का दावा

प्रधान प्रतिनिधि ने अपनी शिकायत में बताया कि हमले के दौरान उनके बाएं हाथ की कनिष्ठा उंगली टूट गई। घटना के बाद उन्होंने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि हमले में इस्तेमाल किए गए लाठी-डंडों से उन्हें गंभीर चोट पहुंचाई गई। पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चोटों की स्थिति की जांच करेगी।

चार लोगों पर लगाए आरोप

सुनील यादव ने जिन लोगों के खिलाफ शिकायत की है, उनमें अमित यादव उर्फ बादल पुत्र अनिरुद्ध यादव, अंगद यादव पुत्र हरिश्चंद्र यादव, सर्वजीत यादव पुत्र स्वर्गीय वंशराज यादव और अनिरुद्ध यादव पुत्र हरिश्चंद्र यादव के नाम शामिल हैं।

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि चारों ने एक साथ मिलकर हमला किया। शिकायतकर्ता ने आरोपितों को दबंग किस्म का बताते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

घटना का वीडियो होने का दावा

प्रधान प्रतिनिधि ने पुलिस को दी गई शिकायत में यह भी बताया है कि घटना का वीडियो बनाया गया है

उनका आरोप है कि वीडियो देखने के बाद आरोपित पक्ष की ओर से गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। यदि वीडियो जांच में उपलब्ध होता है तो पुलिस इसे घटना की परिस्थितियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में देख सकती है।

पुलिस वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।

पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया मुकदमा

गोला थाने के प्रभारी निरीक्षक सीपी पाण्डेय के निर्देश पर पुलिस ने तहरीर के आधार पर चारों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

मामले में बीएनएस की धारा 115(2), 117(2), 352 और 351(3) के तहत कार्रवाई की गई है।

मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

जांच के दौरान पुलिस घटना के कारण, दोनों पक्षों के बीच किसी पुराने विवाद और

मारपीट की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश करेगी।

पुलिस कर रही मामले की जांच

मुकदमा दर्ज होने के बाद अब पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।

इसमें शिकायतकर्ता का बयान, मेडिकल रिपोर्ट, कथित वीडियो और

घटनास्थल से संबंधित जानकारी शामिल हो सकती है।

साथ ही पुलिस यह भी पता लगाएगी कि घटना के समय मौके पर कौन-कौन लोग मौजूद थे और

मारपीट की शुरुआत किस तरह हुई।

फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया है।

आरोपितों के खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।

गांव में घटना को लेकर चर्चा

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के साथ सार्वजनिक स्थान पर मारपीट के आरोप के बाद

गांव में घटना को लेकर चर्चा है। पंचायत के विकास कार्यों को

अधिकारियों को दिखाने के दौरान विवाद होने का दावा किया गया है।

स्थानीय स्तर पर पंचायत से जुड़े विकास कार्यों को लेकर किसी तरह का विवाद था या

घटना के पीछे कोई अन्य वजह रही, यह पुलिस की जांच के बाद स्पष्ट होगा।

निष्कर्ष

गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र के बैकुण्ठपुर गांव में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुनील

यादव पर कथित हमले का मामला सामने आया है। उन्होंने चार लोगों पर लाठी-डंडों से मारपीट,

गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, हमले में उनके बाएं हाथ की कनिष्ठा उंगली टूट गई।

उन्होंने घटना का वीडियो होने का भी दावा किया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर

बीएनएस की धारा 115(2), 117(2), 352 और 351(3) में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अब पुलिस की विवेचना में यह स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे वास्तविक विवाद क्या था और

आरोपों की पुष्टि किन साक्ष्यों से होती है।

read this post :अखिलेश यादव का केंद्र पर हमला: बोले- देश को परिसीमन से ज्यादा सीमाओं की सुरक्षा की जरूरत