पशुओं को खोलने गई थीं 55 वर्षीय अगरवती, तभी अचानक गिरा जर्जर हिस्सा; बारिश से कमजोर हुई थी इमारत
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के उझानी क्षेत्र में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। मीहलाल नगला गांव में एक दो मंजिला मकान का अगला हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय वहां मौजूद 55 वर्षीय महिला अगरवती मलबे की चपेट में आ गईं। उन्हें ग्रामीणों ने मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे में तीन पशुओं की भी जान चली गई। घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
बताया गया कि अगरवती सुबह अपने पशुओं को खोलने के लिए मकान के बाहरी हिस्से में गई थीं। इसी दौरान अचानक मकान का कमजोर हिस्सा गिर गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मकान का अगला भाग पहले से ही दरका हुआ था और लगातार बारिश के कारण उसमें नमी बढ़ने से ढांचा और कमजोर हो गया था। इसके बाद अचानक यह हिस्सा ढह गया और महिला तथा पशु मलबे में दब गए।
सुबह करीब पांच बजे हुआ हादसा
घटना उझानी क्षेत्र के मीहलाल नगला गांव में सुबह करीब पांच बजे हुई। प्रताप सिंह का दो मंजिला मकान गांव के आसपास स्थित था। मकान का अगला हिस्सा पहले से क्षतिग्रस्त बताया जा रहा था। बारिश के मौसम में लगातार पानी पड़ने से इसकी हालत और खराब हो गई थी।
हादसे के वक्त प्रताप सिंह की पत्नी अगरवती मकान के बाहरी हिस्से में बंधे पशुओं को खोलने पहुंची थीं। उनके साथ चार पशु भी वहां मौजूद थे। इसी दौरान अचानक मकान का अगला हिस्सा नीचे आ गिरा। मलबे की चपेट में महिला और पशु आ गए।
अचानक हुए हादसे से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और मलबे में फंसे लोगों तथा पशुओं को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।
ग्रामीणों ने महिला को बाहर निकाला, लेकिन नहीं बची जान
हादसे के बाद ग्रामीणों ने राहत और बचाव का काम शुरू किया। अगरवती मकान के बाहरी हिस्से में दब गई थीं। लोगों ने उन्हें मलबे से बाहर निकाल लिया, लेकिन उनकी हालत गंभीर थी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
परिवार के लिए यह हादसा बेहद दर्दनाक रहा। जिस समय महिला अपने पशुओं को बचाने और खोलने के लिए बाहर निकली थीं, उसी दौरान जर्जर मकान का हिस्सा उनके ऊपर गिर गया। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। मृतका के बेटे विपिन ने बताया कि उनकी मां पशुओं को खोलने गई थीं और उसी समय मकान का हिस्सा गिर पड़ा।
तीन पशुओं की भी मलबे में दबकर मौत
हादसे में सिर्फ महिला की जान नहीं गई, बल्कि वहां बंधे पशु भी मलबे की चपेट में आ गए। चार पशुओं में से तीन की मौत हो गई। राहत और बचाव टीमों ने मलबा हटाने के बाद मृत पशुओं को बाहर निकाला।
पशुओं की मौत से भी परिवार और ग्रामीणों में दुख है। गांव में बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए थे। हादसे के बाद काफी देर तक राहत एवं बचाव कार्य चलता रहा।
एसडीआरएफ की दो टीमें मौके पर पहुंचीं
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी तेजी से कार्रवाई की गई। मौके पर एसडीआरएफ की दो टीमें भेजी गईं। इसके अलावा उझानी नगर पालिका से जेसीबी मशीन भी मंगाई गई।
एसडीआरएफ की टीम ने मलबा हटाने का काम किया। भारी मलबे के नीचे दबे पशुओं को बाहर निकालने के लिए मशीनों की मदद ली गई। राहत दलों ने घटनास्थल को साफ करने और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि मलबे के नीचे कोई और व्यक्ति या पशु न फंसा हो।
मकान में नहीं रहता था कोई
हादसे से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि जिस मकान का अगला हिस्सा गिरा, उसमें उस समय कोई व्यक्ति नहीं रहता था। मकान का बाहरी हिस्सा पहले से ही कमजोर और दरका हुआ बताया गया था।
बारिश के कारण इसकी स्थिति और खराब हो गई। लगातार नमी के चलते दीवार और अन्य संरचनात्मक हिस्सों की मजबूती प्रभावित हुई और सुबह अचानक इसका एक हिस्सा ढह गया।
यह घटना बारिश के मौसम में पुराने और जर्जर भवनों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत को भी सामने लाती है। खासकर ऐसे मकान जिनमें पहले से दरारें दिखाई दे रही हों, उनके आसपास लोगों और पशुओं की आवाजाही को नियंत्रित करना जरूरी हो सकता है।
छोटे भाई के मकान का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त
मकान गिरने से सिर्फ प्रताप सिंह का भवन प्रभावित नहीं हुआ। हादसे में उनके छोटे भाई नन्हे के मकान का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक मलबा गिरने से आसपास की संरचनाओं पर भी असर पड़ा।
घटना के बाद परिवार के लोगों ने अपने स्तर पर नुकसान का जायजा लिया। ग्रामीणों ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग किया। प्रशासन और बचाव दलों की मौजूदगी में मलबा हटाया गया।
परिवार में मचा कोहराम
अगरवती की मौत की खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सुबह जिस समय परिवार सामान्य दिनचर्या में जुटने की तैयारी कर रहा था, उसी वक्त अचानक हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया।
मृतका के बेटे विपिन के अनुसार, उनकी मां पशुओं को खोलने के लिए गई थीं।
परिवार को उम्मीद नहीं थी कि मकान का कमजोर हिस्सा इतनी तेजी से गिर जाएगा।
कुछ ही क्षण में महिला और पशु मलबे के नीचे दब गए।
घटना ने ग्रामीणों को भी झकझोर दिया है। लोगों के बीच जर्जर मकानों और
बारिश के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बारिश में जर्जर मकानों से बढ़ता है खतरा
बदायूं की यह घटना मानसून के दौरान पुराने और कमजोर भवनों को लेकर गंभीर चेतावनी भी देती है।
लगातार बारिश के कारण दीवारों में नमी बढ़ सकती है। पहले से मौजूद दरारें बड़ी हो सकती हैं और
कमजोर हिस्सों के गिरने का खतरा बढ़ सकता है।
ऐसे भवनों में रहने वाले लोगों या उनके आसपास पशुओं को बांधने वालों के लिए
समय रहते सावधानी बरतना जरूरी है। यदि किसी
मकान की दीवार या छत में बड़ी दरार दिखाई दे तो विशेषज्ञ से उसकी जांच कराना और
जरूरत पड़ने पर उस हिस्से को खाली रखना सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।
हादसे ने उठाए सुरक्षा से जुड़े सवाल
इस घटना के बाद यह सवाल भी सामने आता है कि जर्जर भवनों की पहचान और
उनकी निगरानी को लेकर स्थानीय स्तर पर कितनी सतर्कता बरती जा रही है।
खासकर बारिश के मौसम में पुराने मकानों की स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण हो जाता है।
यदि किसी भवन का हिस्सा पहले से दरका हुआ हो और उसमें लगातार पानी जा रहा हो तो
खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे भवनों को समय रहते
सुरक्षित करना या कमजोर हिस्से को हटाना दुर्घटना रोकने में मदद कर सकता है।
हालांकि इस घटना के मामले में उपलब्ध जानकारी के अनुसार मकान का
अगला हिस्सा पहले से दरका हुआ था और बारिश के कारण कमजोर होने के बाद गिर गया।
राहत और बचाव कार्य के बाद हटाया गया मलबा
घटना के बाद एसडीआरएफ की टीम और जेसीबी की मदद से मलबा हटाया गया।
राहत दलों ने काफी सावधानी से काम किया, क्योंकि मलबे के नीचे पशु दबे हुए थे।
मलबा हटाए जाने के बाद मृत पशुओं को बाहर निकाला गया। घटनास्थल पर
जुटे ग्रामीणों के बीच हादसे को लेकर चर्चा होती रही। परिवार के लिए सबसे बड़ा नुकसान
अगरवती की मौत थी, जबकि पशुओं की मौत ने भी दुख को और बढ़ा दिया।
क्या कहता है पूरा घटनाक्रम?
घटना की पूरी तस्वीर को सरल तरीके से समझें तो सुबह करीब पांच बजे अगरवती
पशुओं को खोलने के लिए मकान के बाहरी हिस्से में पहुंचीं। उसी दौरान पहले से कमजोर और दरका हुआ
दो मंजिला मकान का अगला हिस्सा अचानक गिर गया। महिला और चार पशु मलबे में दब गए।
ग्रामीणों ने तत्काल बचाव शुरू किया। महिला को बाहर निकाला गया,
लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। चार में से तीन पशुओं की भी मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद
एसडीआरएफ की दो टीमें और जेसीबी मौके पर पहुंचीं तथा मलबा हटाकर राहत कार्य पूरा किया गया।
निष्कर्ष
बदायूं के उझानी क्षेत्र के मीहलाल नगला गांव में दो मंजिला मकान का अगला हिस्सा गिरने से
55 वर्षीय महिला अगरवती की मौत हो गई और तीन पशुओं ने भी दम तोड़ दिया।
महिला हादसे के समय पशुओं को खोलने गई थीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मकान का
अगला हिस्सा पहले से दरका हुआ था और बारिश के कारण कमजोर होने के बाद अचानक ढह गया।
हादसे के बाद एसडीआरएफ की दो टीमें और जेसीबी मौके पर पहुंचीं। मलबा हटाकर
मृत पशुओं को बाहर निकाला गया। घटना में मृतका के परिवार के साथ-साथ आसपास के लोगों में भी शोक है।
बारिश के मौसम में जर्जर भवनों की समय रहते जांच और कमजोर हिस्सों से
दूरी बनाना ऐसी दुर्घटनाओं से बचाव के लिए बेहद जरूरी है।
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