करीब आधे घंटे चली वार्ता, फिर हुआ बड़ा फैसला
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने ABVP प्रतिनिधियों से करीब आधे घंटे तक विस्तार से बातचीत की। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की। इसके बाद कैंट थाना प्रभारी संजय सिंह को निलंबित कर दिया गया। साथ ही पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए, ताकि विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
विभागीय जांच में सामने आएंगे तथ्य
पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। वहीं ABVP ने इसे अपनी जीत बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग दोहराई है। विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
निष्कर्ष
डीडीयू विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान हुआ यह विवाद पूरे गोरखपुर में चर्चा का
विषय बन गया है। पुलिस और छात्र संगठन के बीच टकराव के बाद कैंट थाना
प्रभारी का निलंबन इस मामले को और महत्वपूर्ण बना देता है।
अब सभी की निगाहें विभागीय जांच की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि पूरे घटनाक्रम में
किसकी जिम्मेदारी तय होती है। यदि जांच में किसी भी पक्ष की गलती सामने आती है तो उसके अनुसार
आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला कानून-व्यवस्था, छात्र राजनीति और
प्रशासनिक जवाबदेही—तीनों दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।