रूस में सामने आया चौंकाने वाला ‘ब्लैक विडो’ स्कैम
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस में एक कथित ‘ब्लैक विडो’ (Black Widow) स्कैम चर्चा का विषय बन गया है। रूसी अधिकारियों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ महिलाओं पर आरोप है कि वे युद्ध में भेजे जाने वाले सैनिकों से जल्दबाजी में शादी करती हैं ताकि उनकी मृत्यु होने पर मिलने वाला सरकारी मुआवजा प्राप्त कर सकें। इन आरोपों के कारण पूरे रूस में इस व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है।
क्या है ‘ब्लैक विडो’ स्कैम?
रिपोर्टों के अनुसार रूस में युद्ध में मारे गए सैनिकों के परिवार को सरकार की ओर से कम से कम 50 लाख रूबल (लगभग 60 लाख रुपये) का मुआवजा दिया जाता है। आरोप है कि कुछ महिलाएं सैनिकों से युद्ध पर रवाना होने से ठीक पहले शादी कर लेती हैं। यदि सैनिक की युद्ध में मौत हो जाती है तो कानूनी रूप से पत्नी होने के कारण मुआवजे का बड़ा हिस्सा उन्हें मिल जाता है, जबकि माता-पिता, बच्चों या अन्य रिश्तेदारों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
CNN रिपोर्ट के बाद बढ़ी चर्चा
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में ऐसे कई मामलों का उल्लेख किया गया है। एक मामले में सेंट पीटर्सबर्ग की एक महिला को अपने पिता की मौत के बाद पता चला कि उन्होंने युद्ध पर जाने से केवल दो दिन पहले अपने से काफी कम उम्र की महिला से शादी कर ली थी। परिवार का आरोप है कि यह विवाह केवल मुआवजा पाने के उद्देश्य से किया गया था। हालांकि हर मामले में आरोपों की सत्यता अदालत या जांच एजेंसियों द्वारा अलग-अलग तय की जानी है।
नर्स पर भी लगे गंभीर आरोप
रिपोर्टों के अनुसार रूस के एक सैन्य अस्पताल में कार्यरत एक नर्स पर आरोप लगा कि उसने इलाज के दौरान गंभीर रूप से घायल पांच सैनिकों से उनकी मृत्यु से पहले विवाह किया। आरोप है कि ऐसा सरकारी मुआवजा प्राप्त करने के लिए किया गया। इन आरोपों के बाद उसे नौकरी से हटा दिया गया।
सुरक्षा कर्मियों की मिलीभगत के भी आरोप
कुछ जांचों में यह भी आरोप सामने आए हैं कि कथित तौर पर कुछ सुरक्षा बलों के सदस्य और अन्य लोग भी ऐसे फर्जी विवाह कराने वाले नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कमजोर और अकेले सैनिकों को निशाना बनाया जाता था। हालांकि इन मामलों की जांच जारी है और सभी आरोप अदालत में सिद्ध होना बाकी हैं।
रूस में कार्रवाई की मांग तेज
इस कथित स्कैम के सामने आने के बाद रूस में राजनीतिक स्तर पर भी कार्रवाई की मांग उठी है। कुछ सांसदों और अधिकारियों ने कहा है कि सैनिकों के परिवारों को ऐसे धोखाधड़ी वाले मामलों से बचाने के लिए कानून और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए।
युद्ध के बीच बढ़ी आर्थिक चुनौतियां
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध, आर्थिक दबाव और सैनिकों के लिए घोषित बड़े मुआवजे ने इस तरह के कथित
फर्जी विवाह मामलों को बढ़ावा दिया हो सकता है। हालांकि प्रत्येक मामले की
वास्तविकता अलग हो सकती है और सभी मामलों में आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं।
निष्कर्ष
रूस में कथित ‘ब्लैक विडो’ स्कैम ने सैनिकों के मुआवजा तंत्र और युद्धकालीन
सामाजिक चुनौतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई मामलों में जांच जारी है और
संबंधित आरोपों की कानूनी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
ऐसे में अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच और न्यायिक निर्णयों के बाद ही स्पष्ट होंगे।
FAQ (Frequently Asked Questions)
Q1. ‘ब्लैक विडो’ स्कैम क्या है?
उत्तर: यह कथित धोखाधड़ी का ऐसा तरीका है जिसमें कुछ महिलाओं पर युद्ध में जा रहे
सैनिकों से मुआवजा पाने के उद्देश्य से शादी करने का आरोप लगाया गया है।
Q2. रूस में सैनिकों के परिवार को कितना मुआवजा मिलता है?
उत्तर: रिपोर्टों के अनुसार युद्ध में मारे गए सैनिक के परिवार को कम से कम
50 लाख रूबल का सरकारी मुआवजा दिया जाता है।
Q3. इस मामले में नर्स पर क्या आरोप लगे हैं?
उत्तर: आरोप है कि एक सैन्य अस्पताल की नर्स ने पांच घायल सैनिकों से उनकी मृत्यु से पहले
विवाह किया ताकि मुआवजा प्राप्त किया जा सके। इन आरोपों के बाद उसे नौकरी से हटा दिया गया।
Q4. क्या सभी आरोप साबित हो चुके हैं?
उत्तर: नहीं। कई मामलों में जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। सभी आरोप न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं।
Q5. रूस में इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया हुई है?
उत्तर: कई रूसी नेताओं और अधिकारियों ने ऐसे कथित मामलों पर
सख्त कार्रवाई और सैनिकों के परिवारों की सुरक्षा के लिए कानून मजबूत करने की मांग की है।
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