कानपुर में सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। महाराजपुर थाना क्षेत्र में कानपुर-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों ने तुरंत पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी।
हरियाणा से बिहार जा रही थी स्कॉर्पियो
पुलिस के अनुसार हादसा सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे रूमा स्थित न्यू जेके ढाबा के पास हुआ। हरियाणा के सिरसा से बिहार जा रही स्कॉर्पियो में कुल 12 लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चालक ने सामने आए किसी अज्ञात वाहन को बचाने की कोशिश की, जिससे स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से घुस गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में एक 45 वर्षीय व्यक्ति, 13 वर्षीय किशोरी और लगभग 9 वर्षीय बालक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।
घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
सूचना मिलते ही महाराजपुर पुलिस और एनएचएआई की टीम मौके पर पहुंची। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो को हटाकर यातायात बहाल कराया गया। सभी घायलों को एंबुलेंस से पहले कांशीराम अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हैलेट अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घायलों में दो महिलाएं, चार पुरुष और तीन बच्चियां शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार दो महिलाओं और एक पुरुष की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
हादसे की वजह की जांच में जुटी पुलिस
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि स्कॉर्पियो चालक ने किसी अज्ञात वाहन को बचाने की कोशिश की, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया। हालांकि पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि सड़क किनारे खड़ा ट्रक सुरक्षा मानकों के अनुसार पार्क किया गया था या नहीं।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि
हादसे के पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि
जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बार-बार हो रहे सड़क हादसों ने बढ़ाई चिंता
कानपुर-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर पहले भी कई बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार, सड़क किनारे खड़े भारी वाहन और चालक की
एक छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का सुझाव है कि हाईवे पर खराब या खड़े वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर,
चेतावनी संकेत और पर्याप्त दूरी पर बैरिकेड लगाना अनिवार्य होना चाहिए। साथ ही लंबी दूरी की यात्रा के
दौरान चालक को पर्याप्त आराम करना चाहिए, ताकि थकान के कारण दुर्घटना की संभावना कम हो सके।
निष्कर्ष
कानपुर का यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
तीन लोगों की मौत और नौ लोगों के घायल होने की यह घटना बताती है कि हाईवे पर थोड़ी सी लापरवाही भी कितनी
बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उम्मीद है कि
हादसे के वास्तविक कारण सामने आने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
FAQ
1. कानपुर सड़क हादसा कब हुआ?
सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे महाराजपुर थाना क्षेत्र में यह हादसा हुआ।
2. हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
हादसे में तीन लोगों की मौत हुई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं।
3. कितने लोग घायल हुए हैं?
कुल नौ लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई गई है।
4. हादसे की वजह क्या बताई जा रही है?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्कॉर्पियो चालक किसी अज्ञात वाहन को बचाने के
प्रयास में नियंत्रण खो बैठा और खड़े ट्रक से टकरा गया।
5. घायलों का इलाज कहां चल रहा है?
सभी घायलों का इलाज कानपुर के हैलेट अस्पताल में किया जा रहा है।
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