गोला थाना परिसर में संपूर्ण समाधान दिवस: 11 राजस्व शिकायतें दर्ज, मौके पर किसी का नहीं हुआ निस्तारण

गोरखपुर: संपूर्ण समाधान दिवस में आए 11 मामले, एक भी शिकायत का नहीं हुआ निस्तारण,

आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के उद्देश्य से प्रत्येक माह आयोजित होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस में इस बार गोरखपुर जिले के गोला थाना परिसर में कुल 11 शिकायतें दर्ज की गईं। हालांकि, सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि इनमें से एक भी शिकायत का मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। सभी मामले राजस्व विभाग से संबंधित थे, जिनमें भूमि विवाद, अतिक्रमण, सीमांकन, रास्ते और बैनामे से जुड़े प्रकरण प्रमुख रहे।

शिकायतकर्ताओं ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं और तत्काल कार्रवाई की मांग की, लेकिन मौके पर समाधान न मिलने के कारण अधिकांश फरियादी निराश होकर वापस लौट गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समाधान दिवस में भी तत्काल राहत नहीं मिलेगी तो आम जनता का इस व्यवस्था पर विश्वास कमजोर हो सकता है।

नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी ने सुनीं शिकायतें

संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता नायब तहसीलदार बालचंद चौहान तथा थाना प्रभारी निरीक्षक सी.पी. पाण्डेय ने संयुक्त रूप से की। दोनों अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त किया कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, किसी भी मामले का मौके पर निस्तारण न होने से लोगों में असंतोष स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

लगातार घट रही शिकायतों की संख्या भी चिंता का विषय

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संपूर्ण समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। यदि शिकायतों का समय पर निस्तारण नहीं होता, तो लोग इस व्यवस्था से धीरे-धीरे दूरी बनाने लगते हैं।

इस बार केवल 11 शिकायतों का दर्ज होना भी कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि कम संख्या में शिकायतें आने का एक कारण यह भी हो सकता है कि पूर्व में दर्ज मामलों का समय पर समाधान नहीं हो पाया, जिससे लोगों का भरोसा कम हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि समाधान दिवस तभी प्रभावी माना जाएगा, जब शिकायतों के निस्तारण की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार दिखाई दे।

भूमि विवाद का मामला बना चर्चा का विषय

समाधान दिवस के दौरान चंद चौराहा निवासी रणविजय चंद ने एक महत्वपूर्ण शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उन्होंने ग्राम बेवरी में विधिवत भूमि का बैनामा कराया है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी बैनामाशुदा भूमि पर नगर पंचायत गोला द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जबकि संबंधित भूमि सरकारी नहीं है।

उन्होंने प्रशासन से निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों या संबंधित पक्ष के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की।

अधिकारियों ने शिकायत दर्ज कर संबंधित विभाग को जांच कर आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण की शिकायत

समाधान दिवस में एक अन्य महत्वपूर्ण शिकायत बारानगर निवासी लक्ष्मी, सावित्री और सुजीत की ओर से दर्ज कराई गई।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने सार्वजनिक रास्ता छोड़कर अपनी निजी भूमि पर मकान बनाया है, लेकिन पड़ोसी खेत मालिक ने सार्वजनिक मार्ग पर कंटीले तार लगाकर अतिक्रमण कर लिया है।

इसके कारण ग्रामीणों, महिलाओं, बच्चों और पशुओं के आवागमन में गंभीर परेशानी हो रही है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से अतिक्रमण तत्काल हटवाने तथा संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

अधिकारियों ने राजस्व टीम को मौके पर जाकर जांच करने और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

सभी शिकायतें रहीं राजस्व विभाग से संबंधित

इस बार समाधान दिवस में दर्ज सभी 11 शिकायतें राजस्व विभाग से जुड़ी हुई थीं। इनमें प्रमुख रूप से—

  • भूमि विवाद
  • सीमांकन संबंधी विवाद
  • अवैध कब्जे की शिकायतें
  • सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण
  • बैनामा विवाद
  • राजस्व अभिलेखों से संबंधित मामले

शामिल रहे।

सभी मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए अधिकारियों ने शीघ्र जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मौके पर समाधान न मिलने से बढ़ी नाराजगी

संपूर्ण समाधान दिवस की सबसे बड़ी विशेषता यह मानी जाती है कि अधिक से अधिक शिकायतों का मौके पर समाधान किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

लेकिन इस बार एक भी शिकायत का तत्काल निस्तारण नहीं हो पाया। इससे कई फरियादियों ने निराशा व्यक्त की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों के समाधान में लगातार देरी होती रही तो

इस व्यवस्था की उपयोगिता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।

प्रशासन ने समयबद्ध कार्रवाई का दिया आश्वासन

नायब तहसीलदार बालचंद चौहान और थाना प्रभारी निरीक्षक सी.पी. पाण्डेय ने

संबंधित लेखपालों, कानूनगो और अन्य अधिकारियों को सभी मामलों की

निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण पूरी पारदर्शिता और नियमानुसार किया जाएगा तथा

किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

समाधान दिवस में रहे मौजूद

कार्यक्रम के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी, लेखपाल, कानूनगो, गोला थाना

पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सभी शिकायतों का विधिवत पंजीकरण किया गया और आवश्यक अभिलेखों के साथ उन्हें संबंधित विभागों को अग्रेषित कर दिया गया।

निष्कर्ष

गोरखपुर के गोला थाना परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 11 शिकायतों का दर्ज होना और

एक भी मामले का मौके पर निस्तारण न होना प्रशासन के लिए गंभीर संकेत माना जा रहा है।

जहां एक ओर शिकायतों की संख्या में कमी चिंता का विषय है, वहीं दूसरी ओर लंबित

मामलों का समय पर समाधान न होना आम जनता के विश्वास को प्रभावित कर सकता है।

यदि प्रशासन भविष्य में शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण पर

विशेष ध्यान देता है, तो समाधान दिवस की उपयोगिता और जनता का

भरोसा दोनों मजबूत होंगे। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि दर्ज की गई

शिकायतों पर संबंधित विभाग कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी कार्रवाई करते हैं।

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