मूसलाधार बारिश से गांव का मुख्य संपर्क मार्ग डूबा
गोरखपुर। जनपद के गोला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्रामसभा बिशनपुर राजा के राजस्व गांव बीमटी में शनिवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। लगातार हुई तेज वर्षा के कारण गांव का मुख्य संपर्क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया है। सड़क पर कई स्थानों पर इतना अधिक पानी भर गया है कि लोगों के लिए यह पहचानना मुश्किल हो गया है कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां। परिणामस्वरूप गांव के लोगों का आवागमन बाधित हो गया है और दैनिक जीवन से जुड़े सामान्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के बाद जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण हर वर्ष यही स्थिति उत्पन्न होती है। इस बार भी सड़क पर कई फीट तक पानी भर जाने से बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य सड़क बनी तालाब, गांव का संपर्क प्रभावित
लगातार बारिश के कारण गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाला मार्ग पूरी तरह पानी में डूब गया है। कई जगह सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जो बारिश के पानी में पूरी तरह छिप चुके हैं। इससे पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण दोपहिया वाहन चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है। कई लोग वाहन लेकर निकलने से बच रहे हैं क्योंकि दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।
गांव के लोगों के अनुसार पानी भरने से बाजार, अस्पताल और अन्य आवश्यक स्थानों तक पहुंचना भी कठिन हो गया है।
स्कूली बच्चों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी
जलभराव का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर देखा जा रहा है। बच्चों को स्कूल जाने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। सड़क के गड्ढे पानी में छिप जाने के कारण अभिभावकों में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
कई परिवारों ने सुरक्षा के मद्देनजर अपने बच्चों को फिलहाल स्कूल भेजना बंद कर दिया है। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
महिलाओं को घरेलू जरूरत का सामान लाने, राशन खरीदने और अन्य कार्यों के लिए गांव से बाहर निकलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बुजुर्गों और बीमार लोगों को अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही है।
दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पूरी तरह पानी में डूब जाने के कारण दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ गई है। विशेषकर बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोगों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक है।
यदि कोई व्यक्ति पानी के भीतर छिपे गड्ढे में गिर जाए तो गंभीर हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
हर वर्ष बरसात में दोहराई जाती है समस्या
स्थानीय लोगों के अनुसार बीमटी गांव में यह समस्या वर्षों पुरानी है। मानसून आते ही गांव का मुख्य संपर्क मार्ग जलमग्न हो जाता है। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका।
ग्रामीणों का कहना है कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होने और वर्षा जल निकासी की समुचित व्यवस्था के अभाव में सड़क पर पानी जमा हो जाता है। यदि समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था कर दी जाए तो इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
किसानों की बढ़ी चिंता
लगातार हो रही बारिश का असर गांव के किसानों पर भी दिखाई देने लगा है। खेतों में पानी भरने से धान और अन्य खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि यदि खेतों से जल्द पानी नहीं निकला तो फसलें खराब हो सकती हैं, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गांव के साथ-साथ खेतों से भी पानी निकालने की
व्यवस्था की जाए ताकि कृषि उत्पादन प्रभावित न हो।
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
बीमटी गांव के लोगों ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों से तत्काल
हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि सबसे पहले सड़क पर जमा पानी निकालने की
व्यवस्था की जाए और क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत कराई जाए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि सड़क को ऊंचा बनाया जाए ताकि भविष्य में
बारिश के दौरान जलभराव की समस्या दोबारा न हो।
लोगों का कहना है कि यदि जल्द कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया तो
उन्हें आंदोलन का सहारा लेना पड़ सकता है।
स्थायी समाधान की जरूरत
ग्रामीणों का मानना है कि केवल बारिश के बाद पानी निकाल देना पर्याप्त समाधान नहीं है।
इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए गांव में मजबूत जल निकासी प्रणाली विकसित करनी होगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि—
- पक्की नालियों का निर्माण कराया जाए।
- वर्षा जल निकासी की वैज्ञानिक व्यवस्था विकसित की जाए।
- मुख्य सड़क का पुनर्निर्माण और ऊंचीकरण किया जाए।
- नियमित रूप से नालियों की सफाई कराई जाए।
- जलभराव वाले स्थानों का स्थायी सर्वे कर समाधान तैयार किया जाए।
उनका कहना है कि यदि इन बिंदुओं पर गंभीरता से कार्य किया जाए तो
भविष्य में गांव को इस समस्या से स्थायी राहत मिल सकती है।
बारिश से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित
लगातार हो रही बारिश के कारण गांव का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
लोगों को बाजार जाने, स्कूल पहुंचने, खेतों तक जाने और आवश्यक सेवाओं का
लाभ लेने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों को आशंका है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहा तो
स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा जलभराव का दायरा और बढ़ जाएगा।
निष्कर्ष
गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र के बीमटी गांव में भारी बारिश के बाद उत्पन्न जलभराव की
समस्या एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल रही है।
मुख्य संपर्क मार्ग के जलमग्न होने से बच्चों की पढ़ाई, किसानों की
खेती, महिलाओं की दिनचर्या और आम लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन केवल अस्थायी राहत तक सीमित न रहे, बल्कि जल निकासी, सड़क निर्माण और
नालों की नियमित सफाई की स्थायी योजना बनाकर इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित करे।
अब लोगों की निगाहें प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और भविष्य की योजनाओं पर टिकी हैं।
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