CM योगी ने सहारनपुर से किया बड़ा ऐलान, स्कूल चलो अभियान-2026 के दूसरे चरण की शुरुआत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सहारनपुर से राज्यव्यापी स्कूल चलो अभियान-2026 के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य नए शैक्षणिक सत्र में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना, स्कूल से बाहर बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना और ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की दोबारा स्कूल में वापसी कराना है।

मुख्यमंत्री ने सहारनपुर के इस्माइलपुर स्थित सीएम मॉडल कंपोजिट स्कूल में बच्चों को पाठ्यपुस्तकें, स्कूल बैग और स्टेशनरी वितरित की। साथ ही जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रधानाध्यापकों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा को उत्तर प्रदेश के विकास की सबसे मजबूत नींव बताया।

1 से 15 जुलाई तक चलेगा विशेष नामांकन अभियान

स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक पूरे उत्तर प्रदेश में चलाया जाएगा। इस दौरान विशेष रूप से उन बच्चों की पहचान की जाएगी जो किसी कारणवश स्कूल नहीं जा रहे हैं या पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं।

अभियान के तहत शिक्षकों, अभिभावकों, ग्राम पंचायतों, स्कूल प्रबंधन समितियों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि कोई भी पात्र बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

₹613 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सहारनपुर दौरे के दौरान ₹613 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।

इन परियोजनाओं में सड़क, आधारभूत ढांचे, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। सरकार का कहना है कि शिक्षा और विकास दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री ने अभिभावकों और शिक्षकों से की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व, संस्कार और आत्मविश्वास के निर्माण का आधार है।

उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे स्कूलों का वातावरण बच्चों के लिए अधिक आकर्षक बनाएं और खेल-कूद व गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दें। वहीं अभिभावकों से अपील की कि

वे बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें और उन्हें केवल अंकों के आधार पर नहीं,

बल्कि उनके प्रयास और समर्पण के आधार पर भी प्रोत्साहित करें।

सरकार का लक्ष्य—हर बच्चा पहुंचे स्कूल

उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

स्कूल चलो अभियान के माध्यम से ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने, बाल वाटिका में

छोटे बच्चों का नामांकन बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि यदि समाज, शिक्षक, अभिभावक और

प्रशासन मिलकर प्रयास करें तो शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

सहारनपुर दौरे का क्या रहा महत्व?

सहारनपुर से अभियान की शुरुआत करना सरकार की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है

जिसमें शिक्षा और विकास को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। एक ओर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का अभियान शुरू हुआ,

वहीं दूसरी ओर जिले को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात भी मिली।

इससे शिक्षा, आधारभूत संरचना और जनकल्याण योजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सहारनपुर दौरा शिक्षा और विकास दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण रहा। स्कूल चलो

अभियान-2026 के दूसरे चरण की शुरुआत के साथ सरकार ने शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य दोहराया,

जबकि ₹613 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास से जिले के

विकास को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में यह अभियान पूरे प्रदेश में

शिक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

FAQ

प्रश्न 1. स्कूल चलो अभियान-2026 का दूसरा चरण कब शुरू हुआ?
1 जुलाई 2026 से इसकी शुरुआत सहारनपुर से की गई।

प्रश्न 2. अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना, स्कूल से बाहर बच्चों को मुख्यधारा में लाना और ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की वापसी कराना।

प्रश्न 3. मुख्यमंत्री ने सहारनपुर में क्या-क्या किया?
उन्होंने स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ किया, बच्चों को स्कूल किट वितरित की, शिक्षकों को

सम्मानित किया और ₹613 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

प्रश्न 4. यह अभियान कितने दिनों तक चलेगा?
यह अभियान 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक पूरे उत्तर प्रदेश में चलाया जाएगा।

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