बड़ी राहत: गोरखपुर में ई-रजिस्ट्री विवाद खत्म, 8 दिन बाद अधिवक्ता लौटेंगे काम पर, जानिए क्या बदला?

आठ दिन तक चला आंदोलन, शासन के संशोधित आदेश के बाद लिया गया फैसला

गोरखपुर के गोला तहसील कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के बैनर तले ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में पिछले आठ दिनों से चल रहा अधिवक्ताओं का आंदोलन मंगलवार को समाप्त हो गया। शासन द्वारा ई-पंजीकरण नियमावली से जुड़े पहले जारी आदेश को वापस लेने के बाद बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया। इस निर्णय के साथ ही 1 जुलाई 2026 से अधिवक्ता, स्टाम्प विक्रेता और दस्तावेज लेखक अपने नियमित कार्य पर लौटेंगे।

इस फैसले से सबसे अधिक राहत उन लोगों को मिलेगी जिनकी जमीन, मकान या अन्य संपत्ति की रजिस्ट्री पिछले कई दिनों से लंबित थी। अब तहसील में रजिस्ट्री और पंजीकरण से जुड़े कार्य फिर से सामान्य गति से शुरू होने की उम्मीद है।

बार एसोसिएशन की बैठक में सर्वसम्मति से हुआ फैसला

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रंतिदेव मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में आंदोलन की वर्तमान स्थिति और शासन द्वारा जारी नए आदेश पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान महामंत्री आमोद गौड़ एडवोकेट ने बताया कि निबंधन विभाग द्वारा पहले जारी पत्रांक 3475/ई-पंजीकरण नियमावली/2026 के माध्यम से लागू की गई व्यवस्था को संशोधित करते हुए पत्रांक 2523/ई-पंजीकरण नियमावली/2026 दिनांक 4 जून 2026 के जरिए पूर्व आदेश वापस ले लिया गया है।

बार एसोसिएशन ने इसे अधिवक्ताओं की मांगों की दिशा में सकारात्मक कदम मानते हुए आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।

1 जुलाई से फिर शुरू होगा नियमित कार्य

बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि 1 जुलाई 2026 से सभी अधिवक्ता, स्टाम्प वेंडर, दस्तावेज लेखक और आंदोलन का समर्थन करने वाले सभी लोग अपना कार्य बहिष्कार समाप्त कर नियमित रूप से काम करेंगे।

बार एसोसिएशन ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने और आम जनता को हो रही असुविधा को समाप्त करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। लंबे समय से रुकी रजिस्ट्री प्रक्रिया अब दोबारा शुरू होने से लोगों के लंबित कार्य पूरे हो सकेंगे।

शासन के फैसले का अधिवक्ताओं ने किया स्वागत

बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा पूर्व आदेश वापस लेना अधिवक्ताओं की एकजुटता और लोकतांत्रिक आंदोलन की सफलता का परिणाम है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में अधिवक्ताओं के हितों के विरुद्ध कोई निर्णय लिया जाता है तो संगठन दोबारा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगा।

अध्यक्ष रंतिदेव मिश्र ने कहा कि बार एसोसिएशन हमेशा अधिवक्ताओं के अधिकारों, सम्मान और न्यायिक व्यवस्था की गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

आंदोलन को समर्थन देने वालों का जताया आभार

बार एसोसिएशन ने आंदोलन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अधिवक्ताओं, स्टाम्प विक्रेताओं,

दस्तावेज लेखकों, मीडिया प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

संगठन का कहना है कि सभी के सहयोग और एकजुटता के कारण आंदोलन अपने उद्देश्य तक पहुंच सका और

सरकार को आदेश में संशोधन करना पड़ा।

बड़ी संख्या में अधिवक्ता रहे मौजूद

बैठक में बार एसोसिएशन के वरिष्ठ एवं युवा अधिवक्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान हरिकेश पाण्डेय,

श्रीनिवास पाण्डेय, प्रमोद गिरी, भारतभूषण पाण्डेय, वीरबहादुर चन्द्र, हरिप्रसाद सिंह,

आलोक मौर्य, रामदुलारे राय, उमेश प्रसाद मिश्र, शकलदेव, प्रेमदेव पाण्डेय, रतिनन्दन मिश्र,

कृष्णचन्द्र मौर्य, परमहंस चन्द्र, जवाहरलाल शर्मा, सत्यराज भारती, रामलखन राय, बृजबहादुर गुप्ता,

राकेश कुमार, सुरेश तिवारी, देवई प्रसाद गौड़, सूर्यनारायण राय, गजेन्द्र शर्मा, हरिशंकर मणि शर्मा,

बृजलाल पाण्डेय, गणेश शंकर भारती, आनन्द मिश्र, आशीष राय, विश्वनाथ प्रजापति, कमलेश पाण्डेय,

धीरज कुमार पाण्डेय, जगनाथ मिश्र, अभिनव पाल, खैरुलहसन शर्मा, पंकज पाण्डेय,

देवव्रत पाण्डेय और सोनू पाठक सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।

आम जनता को क्या मिलेगा लाभ?

आंदोलन समाप्त होने के बाद अब तहसील में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री, बैनामा,

दस्तावेज सत्यापन और अन्य पंजीकरण संबंधी कार्य सामान्य रूप से शुरू हो जाएंगे।

इससे पिछले आठ दिनों से लंबित पड़े हजारों मामलों के निस्तारण में तेजी आने की संभावना है।

साथ ही आम नागरिकों, किसानों, व्यापारियों और संपत्ति खरीदारों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

निष्कर्ष

गोरखपुर में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को लेकर चल रहा आठ दिन का अधिवक्ताओं का

आंदोलन समाप्त होने से प्रशासन, अधिवक्ताओं और आम जनता तीनों को राहत मिली है।

शासन द्वारा पूर्व आदेश वापस लेने के बाद बार एसोसिएशन ने

आंदोलन खत्म करने का निर्णय लिया और 1 जुलाई से सभी अधिवक्ता नियमित रूप से कार्य पर लौटेंगे।

इससे तहसील में रजिस्ट्री और पंजीकरण संबंधी सभी सेवाएं फिर से सुचारु रूप से संचालित होने की उम्मीद है।

FAQ

प्रश्न 1. गोरखपुर में अधिवक्ताओं का आंदोलन क्यों चल रहा था?
ई-रजिस्ट्री (ई-पंजीकरण) व्यवस्था से जुड़े शासन के आदेश के विरोध में अधिवक्ताओं ने आंदोलन शुरू किया था।

प्रश्न 2. आंदोलन कितने दिन चला?
यह आंदोलन लगातार आठ दिनों तक चला।

प्रश्न 3. आंदोलन क्यों समाप्त किया गया?
शासन द्वारा पूर्व ई-पंजीकरण आदेश वापस लेने के बाद बार एसोसिएशन ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।

प्रश्न 4. अधिवक्ता कब से काम पर लौटेंगे?
1 जुलाई 2026 से अधिवक्ता, स्टाम्प विक्रेता और दस्तावेज लेखक नियमित रूप से कार्य शुरू करेंगे।

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