गोरखपुर में अवैध खनन पर बड़ा एक्शन: तहसील प्रशासन ने 2 जेसीबी और 3 डंपर किए सीज, मचा हड़कंप

गोरखपुर राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोला तहसील में अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई

गोरखपुर जिले की गोला तहसील में अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो जेसीबी मशीन और तीन डंपर सीज कर दिए। सोमवार को हुई इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में अवैध खनन से जुड़े लोगों के बीच हड़कंप मच गया। तहसील प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि बिना वैध अनुमति के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे पर्यावरण, कृषि भूमि और सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान पहुंचता है। इसी कारण ऐसे मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

जानकारी के अनुसार गोला के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अमित कुमार जायसवाल और नायब तहसीलदार जयप्रकाश नियमित क्षेत्र भ्रमण पर निकले हुए थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि गोला-बड़हलगंज मार्ग स्थित महुलिया पोयल गांव के पास खेतों में बिना किसी वैध अनुमति के मिट्टी का खनन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।

मौके पर नहीं मिले वैध दस्तावेज, तुरंत सीज हुई मशीनें

प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही खनन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जांच के दौरान अधिकारियों ने एक जेसीबी मशीन और दो मिट्टी से लदे डंपर मौके पर खड़े पाए। टीम ने खनन से संबंधित अनुमति पत्र, रॉयल्टी रसीद और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे, लेकिन मौके पर मौजूद लोग कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।

दस्तावेज उपलब्ध न होने पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीन और दोनों डंपरों को सीज कर दिया। इसके साथ ही पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभागों को भेजी गई, ताकि नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति खनन करने वालों के खिलाफ केवल वाहन सीज करने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आवश्यक होने पर आर्थिक दंड और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

चौतीसा गांव में भी चला प्रशासन का अभियान

महुलिया पोयल गांव में कार्रवाई के बाद प्रशासनिक टीम ने आसपास के क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। इसी दौरान चौतीसा गांव के पास भी अवैध रूप से मिट्टी खनन किए जाने की सूचना मिली। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो वहां भी बिना अनुमति खनन कार्य जारी मिला।

प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक और जेसीबी मशीन तथा एक डंपर को सीज कर दिया। इस तरह पूरे अभियान के दौरान कुल दो जेसीबी मशीन और तीन डंपर प्रशासन की कार्रवाई की जद में आए। अधिकारियों की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध खनन करने वालों के बीच दहशत का माहौल देखा गया। कई स्थानों पर खनन कार्य तत्काल बंद कर दिया गया।

अवैध खनन से पर्यावरण और किसानों पर पड़ता है असर

अवैध मिट्टी खनन केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर पर्यावरण और किसानों पर भी पड़ता है। लगातार मिट्टी निकालने से खेतों की उपजाऊ क्षमता प्रभावित होती है। कई बार खेतों में गहरे गड्ढे बन जाते हैं, जिससे बारिश के समय दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा भूजल स्तर और प्राकृतिक संतुलन पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

बिना रॉयल्टी के खनन होने से सरकार को राजस्व का नुकसान होता है। यही कारण है कि शासन समय-समय पर ऐसे मामलों के खिलाफ विशेष अभियान चलाता है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले काफी समय से क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन की शिकायतें मिल रही थीं। दिन के साथ-साथ कई बार रात के समय भी मशीनों के जरिए मिट्टी निकाली जाती थी। प्रशासन की इस कार्रवाई से लोगों में उम्मीद जगी है कि अब ऐसे अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगेगी।

प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

एसडीएम गोला अमित कुमार जायसवाल ने कहा कि बिना वैध अनुमति के

किसी भी प्रकार का खनन पूरी तरह अवैध है।

यदि भविष्य में कहीं भी ऐसी गतिविधि की सूचना मिलती है तो

तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध खनन में शामिल व्यक्तियों और

वाहन मालिकों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि उनके आसपास कहीं भी

अवैध खनन होता दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

नागरिकों के सहयोग से ऐसे मामलों पर अधिक प्रभावी ढंग से नियंत्रण किया जा सकता है।

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में गोला तहसील के अलावा जिले के अन्य क्षेत्रों में भी विशेष

अभियान चलाया जाएगा, ताकि अवैध खनन पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

गोरखपुर के गोला तहसील क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती और

कानून व्यवस्था के प्रति उसकी गंभीरता को दर्शाती है। दो जेसीबी मशीन और तीन

डंपरों को सीज कर प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि प्राकृतिक संसाधनों का

अवैध दोहन किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि इसी प्रकार लगातार

अभियान चलते रहे तो सरकारी राजस्व की सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण

संरक्षण और किसानों के हितों की भी रक्षा होगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि

भविष्य में भी प्रशासन इसी तरह सक्रिय रहकर अवैध खनन के खिलाफ कठोर कदम उठाता रहेगा।

FAQ

1. गोरखपुर में अवैध खनन पर क्या कार्रवाई हुई?

गोला तहसील प्रशासन ने छापेमारी के दौरान दो जेसीबी मशीन और तीन डंपरों को सीज किया।

2. कार्रवाई कहां की गई?

महुलिया पोयल गांव और चौतीसा गांव के पास अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ यह कार्रवाई की गई।

3. वाहन क्यों सीज किए गए?

खनन से संबंधित वैध अनुमति, रॉयल्टी और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके थे।

4. प्रशासन ने क्या चेतावनी दी है?

प्रशासन ने कहा है कि भविष्य में भी अवैध खनन मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और

दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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