राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर जिले की गोला तहसील में प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं का आंदोलन लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने तहसील परिसर में जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उपनिबंधन कार्यालय के सामने धरना दिया। आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी ने प्रदेश सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार जनकल्याण नहीं बल्कि व्यापारिक सोच के साथ कार्य कर रही है।
धरना स्थल पर पहुंचे पूर्व विधायक, आंदोलन को दिया समर्थन
सोमवार को गोला तहसील परिसर में चल रहे धरना-प्रदर्शन के बीच पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था से बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार को किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले उससे जुड़े सभी पक्षों से व्यापक चर्चा करनी चाहिए ताकि आम जनता और संबंधित पेशे से जुड़े लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
धरने को संबोधित करते हुए विनय शंकर तिवारी ने कहा कि वर्तमान सरकार लोककल्याण की भावना से नहीं बल्कि व्यापारिक दृष्टिकोण से निर्णय ले रही है। उनका आरोप था कि यदि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होती है तो प्रदेश के लाखों अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टाम्प विक्रेता और इस कार्य से जुड़े अन्य लोगों के रोजगार पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल सेवाओं में तकनीकी त्रुटियां आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनती रही हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने आधार कार्ड में त्रुटियों के सुधार में होने वाली देरी का उल्लेख किया और आशंका जताई कि यदि संपत्ति पंजीकरण जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में तकनीकी गड़बड़ी हुई तो लोगों को गंभीर नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ई-रजिस्ट्री व्यवस्था पर उठाई चिंताएं
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्रणालियों में सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर पहले भी कई सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि रजिस्ट्री जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जाती है तो साइबर सुरक्षा और तकनीकी त्रुटियों का जोखिम भी बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी व्यवस्था लागू करने से पहले सभी संभावित समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना चाहिए ताकि आम नागरिकों के संपत्ति अधिकार सुरक्षित रह सकें।
बार एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन, गोला के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस लिया जाए और वर्तमान रजिस्ट्री प्रणाली को यथावत जारी रखा जाए। अधिवक्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प विक्रेताओं, टाइपिस्टों, फोटोकॉपी संचालकों तथा अन्य संबंधित लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।

अधिवक्ताओं ने जारी रखने का किया ऐलान
धरने में शामिल अधिवक्ताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार का मुद्दा नहीं बल्कि आम नागरिकों के हित और
संपत्ति से जुड़े अधिकारों का भी प्रश्न है। प्रदर्शनकारियों ने
सरकार से पुनर्विचार कर सभी पक्षों के साथ संवाद स्थापित करने की मांग की।
बड़ी संख्या में अधिवक्ता रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रंतिदेव मिश्र, महामंत्री आमोद गौड़ सहित बड़ी संख्या में
अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टाम्प विक्रेता और अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने
एकजुट होकर आंदोलन को आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया।
ई-रजिस्ट्री को लेकर जारी है बहस
प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को लेकर अलग-अलग पक्षों की अलग राय है। एक ओर
प्रदर्शनकारी रोजगार, तकनीकी समस्याओं और पारदर्शिता को लेकर चिंता जता रहे हैं, वहीं सरकार का उद्देश्य डिजिटल
सेवाओं को बढ़ावा देकर प्रक्रियाओं को अधिक आधुनिक और सुविधाजनक बनाना बताया जाता है।
इस विषय पर अंतिम निर्णय सरकार की नीति, संबंधित नियमों और भविष्य में होने वाले प्रशासनिक निर्णयों पर निर्भर करेगा।
निष्कर्ष
गोला तहसील में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन
सातवें दिन भी जारी रहा। पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी ने
आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना की और प्रस्तावित व्यवस्था को
वापस लेने की मांग की। दूसरी ओर प्रदर्शनकारी भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में
सरकार और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली बातचीत इस पूरे मुद्दे की दिशा तय कर सकती है।
FAQ
प्रश्न 1. गोला तहसील में आंदोलन किस मुद्दे को लेकर हो रहा है?
प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टाम्प विक्रेता आंदोलन कर रहे हैं।
प्रश्न 2. आंदोलन को समर्थन देने कौन पहुंचे?
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन का समर्थन किया।
प्रश्न 3. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग क्या है?
ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस लेकर पूर्व की रजिस्ट्री प्रणाली को जारी रखा जाए।
प्रश्न 4. प्रदर्शनकारियों ने आगे क्या घोषणा की?
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार प्रस्तावित व्यवस्था वापस नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा।
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