ज्ञानवापी सर्वे का आदेश देने वाले जज रवि कुमार दिवाकर ने मांगी 24 घंटे सुरक्षा, सोशल मीडिया पर फोटो डालकर दी गई धमकी

ज्ञानवापी सर्वे का आदेश देने वाले जज ने मांगी 24 घंटे सुरक्षा

ज्ञानवापी परिसर के सर्वे का आदेश देने वाले न्यायिक अधिकारी रवि कुमार दिवाकर एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने अपने आवास पर 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। बताया गया है कि सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर साझा कर आपत्तिजनक और धमकी भरे संदेश पोस्ट किए गए हैं, जिसके बाद सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, जज दिवाकर ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें लगातार सुरक्षा संबंधी खतरे महसूस हो रहे हैं। उन्होंने अपने और परिवार की सुरक्षा को देखते हुए चौबीसों घंटे सशस्त्र सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ी सुरक्षा की मांग

जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर जज रवि कुमार दिवाकर की तस्वीर के साथ भड़काऊ और धमकीपूर्ण पोस्ट साझा की गई। जांच एजेंसियों ने इन पोस्टों को गंभीरता से लिया है। इससे पहले भी इस तरह के मामलों में जांच एजेंसियां कार्रवाई कर चुकी हैं और सुरक्षा बढ़ाने की सिफारिश की गई थी।

रिपोर्टों के मुताबिक, जज दिवाकर को पहले भी धमकी भरे संदेश और विदेशी नंबरों से संदिग्ध कॉल मिलने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। इसी कारण उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग दोहराई है।

ज्ञानवापी मामले में क्यों चर्चा में आए थे जज रवि कुमार दिवाकर

रवि कुमार दिवाकर उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे जब उन्होंने वर्ष 2022 में ज्ञानवापी परिसर के वीडियोग्राफिक सर्वे का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद मामला देशभर में सुर्खियों में रहा और न्यायालय में कई स्तरों पर सुनवाई हुई।

इसके बाद से उनकी सुरक्षा को लेकर समय-समय पर चिंता जताई जाती रही है। पूर्व में भी उन्हें सुरक्षा प्रदान की गई थी, लेकिन अब उन्होंने अपने आवास पर चौबीस घंटे सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

धमकी से जुड़े मामले सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं। सोशल मीडिया पोस्ट, संबंधित अकाउंट और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है

ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी देने वाले लोग कौन हैं और उनका उद्देश्य क्या था।

प्रशासन का कहना है कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

यदि खतरे का स्तर अधिक पाया जाता है तो सुरक्षा व्यवस्था में

आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

न्यायपालिका की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है।

संवेदनशील मामलों की सुनवाई करने वाले न्यायाधीशों को मिलने वाली

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेषज्ञ लगातार मजबूत सुरक्षा तंत्र की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए

न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।

किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय माना जाता है।

ज्ञानवापी सर्वे का आदेश देने वाले जज रवि कुमार दिवाकर द्वारा 24 घंटे सुरक्षा की मांग ने एक बार फिर

न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है। सोशल मीडिया पर सामने

आई धमकी भरी पोस्ट के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हैं और पूरे मामले की जांच जारी है।

आने वाले दिनों में प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

FAQ

1. जज रवि कुमार दिवाकर ने 24 घंटे सुरक्षा क्यों मांगी है?

सोशल मीडिया पर धमकी भरी पोस्ट और सुरक्षा संबंधी आशंकाओं के बाद

उन्होंने अपने आवास पर चौबीसों घंटे सुरक्षा की मांग की है।

2. जज रवि कुमार दिवाकर किस मामले में चर्चा में आए थे?

उन्होंने 2022 में ज्ञानवापी परिसर के वीडियोग्राफिक सर्वे का आदेश दिया था।

3. क्या पहले भी उन्हें सुरक्षा मिली थी?

हाँ, पहले भी उन्हें सुरक्षा प्रदान की गई थी। अब उन्होंने सुरक्षा बढ़ाने का अनुरोध किया है।

4. फिलहाल इस मामले में क्या कार्रवाई चल रही है?

पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पोस्ट और धमकी से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं।

read this post :Emergency 1975: जब देश में लगा था आपातकाल, जानिए भारतीय लोकतंत्र के 7 सबसे बड़े और अनसुने सच