गोरखपुर में आगामी परीक्षा को सुरक्षित
परीक्षा की तैयारियों में जुटा प्रशासन
गोरखपुर में आगामी परीक्षा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और नकलविहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य परीक्षा के दौरान पारदर्शिता बनाए रखना और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकना रहा।
केंद्र व्यवस्थापकों को दिए गए जरूरी निर्देश
प्रशिक्षण के दौरान परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, गोपनीय सामग्री की सुरक्षा, अभ्यर्थियों की जांच प्रक्रिया और परीक्षा संचालन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया कि सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए ताकि परीक्षा निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।
नकल रोकने पर रहेगा विशेष फोकस
प्रशासन की ओर से साफ किया गया कि परीक्षा के दौरान नकल या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को परीक्षा केंद्रों पर लगातार नजर बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए।
CCTV और निगरानी व्यवस्था होगी मजबूत
प्रशिक्षण सत्र में CCTV निगरानी, कंट्रोल रूम संचालन और संवेदनशील केंद्रों की विशेष मॉनिटरिंग पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी तरह की अनियमितता को समय रहते रोका जा सके।
गोपनीय सामग्री की सुरक्षा पर जोर
परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री की सुरक्षा को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने कहा कि प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय दस्तावेजों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा जाएगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
अभ्यर्थियों की जांच प्रक्रिया होगी सख्त
परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और प्रतिबंधित वस्तुओं को परीक्षा केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए रखना है।
अधिकारियों ने बताई जिम्मेदारियां
प्रशिक्षण के दौरान स्टैटिक मजिस्ट्रेटों और केंद्र व्यवस्थापकों को
उनकी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया गया।
उन्हें परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने, शिकायतों का तत्काल समाधान करने और
परीक्षा संबंधी सभी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने मांगा पूर्ण सहयोग
अधिकारियों ने सभी संबंधित कर्मचारियों और केंद्र व्यवस्थापकों से सहयोग की अपील की।
उनका कहना था कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
किसी भी प्रकार की लापरवाही पूरे परीक्षा तंत्र को प्रभावित कर सकती है।
परीक्षार्थियों को मिलेगी बेहतर व्यवस्था
प्रशासन का प्रयास है कि परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों को
बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके तहत बैठने की
व्यवस्था, पेयजल, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
गोरखपुर में परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय दिखाई दे रहा है।
स्टैटिक मजिस्ट्रेटों और केंद्र व्यवस्थापकों को दिया गया प्रशिक्षण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रशासन का लक्ष्य है कि परीक्षा बिना किसी विवाद और अनियमितता के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
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