महोबा में पीएम मोदी
महोबा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य और अधिवक्ता नीरज रावत की शिकायत पर अजय राय, कांग्रेस के निवर्तमान प्रदेश सचिव बृजराज सिंह समेत करीब 30 समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
नीट छात्रा से मिलने पहुंचे थे अजय राय
जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की रहने वाली 25 वर्षीय युवती महोबा में किराये पर रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। 30 अप्रैल को लाइब्रेरी से लौटते समय युवती लापता हो गई थी। करीब 16 दिन बाद पुलिस ने उसे बरामद किया।
युवती ने कुछ लोगों पर अपहरण, दुष्कर्म और प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। हालांकि बाद में सोशल मीडिया पर युवती का शादी करते हुए वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।
सोशल मीडिया वीडियो बना विवाद की वजह
शुक्रवार को अजय राय महोबा पहुंचे और छात्रा से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। इसी दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते सुनाई दे रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई।
बिना अनुमति कार्यक्रम करने का भी आरोप
भाजपा नेता और अधिवक्ता नीरज रावत ने शहर कोतवाली में दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि 22 मई को बिना प्रशासनिक अनुमति के कार्यक्रम आयोजित किया गया था। शिकायत के अनुसार अजय राय 15-16 गाड़ियों के काफिले और दर्जनों समर्थकों के साथ पहुंचे थे।
आरोप है कि वाहनों को सड़क पर अव्यवस्थित तरीके से खड़ा किया गया, जिससे रास्ता बाधित हुआ और यातायात प्रभावित हुआ। शिकायतकर्ता ने वायरल वीडियो की पेन ड्राइव भी पुलिस को साक्ष्य के तौर पर सौंपी है।
सरकारी कार्य में बाधा समेत कई धाराओं में केस
वंदना सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी और
सरकारी कार्य में बाधा डालने की शिकायत मिली है।
तहरीर के आधार पर विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अब वायरल वीडियो, पेन ड्राइव और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर मर्यादा तोड़ने का आरोप लगाया है,
जबकि कांग्रेस की ओर से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है,
क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री पर टिप्पणी और संवेदनशील राजनीतिक आरोप शामिल हैं।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कुछ लोग इसे राजनीतिक बयानबाजी बता रहे हैं, जबकि
कई यूजर्स ने सार्वजनिक मंचों पर भाषा की मर्यादा बनाए रखने की बात कही है।
महोबा में अजय राय और उनके समर्थकों पर दर्ज हुई एफआईआर ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है।
अब सभी की नजर पुलिस जांच और वायरल वीडियो की जांच रिपोर्ट पर टिकी है। आने वाले दिनों में
इस मामले में और राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
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