UP में बिजली कर्मियों की छुट्टियां रद्द, 31 जुलाई तक अवकाश पर रोक; कर्मचारियों को तुरंत लौटने का आदेश

यूपी में बिजली विभाग का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने 19 जिलों में बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टियां 31 जुलाई तक रद्द कर दी हैं।

इसके साथ ही जो कर्मचारी और अधिकारी पहले से अवकाश पर गए हुए हैं, उन्हें तत्काल वापस ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

किन जिलों में लागू हुआ आदेश?

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा जारी आदेश के अनुसार लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर, बाराबंकी, अयोध्या, बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, अमेठी, बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं और पीलीभीत जिलों में यह फैसला लागू किया गया है।

इन सभी जिलों के मुख्य अभियंताओं को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्बाध बिजली आपूर्ति पर फोकस

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल ने 21 मई को इस संबंध में सर्कुलर जारी किया।

आदेश में कहा गया है कि भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली खपत को देखते हुए निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना प्राथमिकता है। इसके लिए फील्ड स्तर पर लगातार निगरानी और तकनीकी टीमों की उपलब्धता जरूरी है।

गर्मी के कारण बढ़ी बिजली की मांग

प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। तापमान लगातार बढ़ने से बिजली की मांग भी रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच रही है।

एसी, कूलर और अन्य उपकरणों के अधिक उपयोग के कारण बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे में बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है।

अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश

विभाग ने सभी इंजीनियरों और कर्मचारियों को अलर्ट मोड में रहने को कहा है।

फॉल्ट, ट्रिपिंग और लाइन खराब होने जैसी समस्याओं को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा फील्ड निरीक्षण बढ़ाने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान करने पर भी जोर दिया गया है।

आम जनता को क्या होगा फायदा?

सरकार और बिजली विभाग का मानना है कि कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ने से

बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होगी और कटौती की समस्या कम होगी।

गर्मी के मौसम में लगातार बिजली मिलना आम लोगों, व्यापारियों और उद्योगों के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है।

कर्मचारियों में चर्चा का विषय बना आदेश

31 जुलाई तक छुट्टियां रद्द होने का फैसला विभागीय कर्मचारियों के बीच चर्चा का

विषय बना हुआ है। कई कर्मचारियों को अपना अवकाश बीच में छोड़कर वापस लौटना पड़ सकता है।

हालांकि विभाग का कहना है कि जनता को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

उत्तर प्रदेश के 19 जिलों में बिजली कर्मियों की छुट्टियां रद्द करने का फैसला भीषण गर्मी और

बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए लिया गया है।

31 जुलाई तक लागू यह आदेश बिजली आपूर्ति व्यवस्था को

मजबूत बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

अब विभाग की कोशिश है कि गर्मी के इस दौर में लोगों को बिजली संकट का सामना न करना पड़े