गोरखपुर के छोटे कारोबारियों और उद्योग लगाने की योजना बना रहे उद्यमियों के लिए राहत भरी खबर है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी गीडा की फ्लैटेड फैक्टरी परियोजना अब आवंटन प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंच गई है।
आगामी बोर्ड बैठक में फैक्टरी आवंटन की दरों को अंतिम मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके बाद उद्यमियों के लिए आवेदन और आवंटन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
सेक्टर-13 में तैयार हुई 80 औद्योगिक इकाइयां
गीडा के सेक्टर-13 में ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के तहत इस आधुनिक फ्लैटेड फैक्टरी का निर्माण किया गया है। करीब 42.36 करोड़ रुपये की लागत से कुल 80 औद्योगिक इकाइयां विकसित की गई हैं।
यह परियोजना खासतौर पर रेडीमेड गारमेंट उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमियों को यहां उद्योग स्थापित करने का मौका मिलेगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा परिसर
फ्लैटेड फैक्टरी परिसर में आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं ताकि उद्यमियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिल सके।
परियोजना में प्रदर्शनी हॉल, मार्केटिंग आउटलेट, अग्निशमन व्यवस्था, अलग-अलग लिफ्ट और महिला कर्मियों के बच्चों के लिए विशेष स्थान जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा सुरक्षा और बिजली आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
छोटे कारोबारियों को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लैटेड फैक्टरी मॉडल छोटे उद्यमियों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। इससे कम लागत में उद्योग स्थापित करने का अवसर मिलेगा और साझा सुविधाओं का फायदा भी मिलेगा।
रेडीमेड गारमेंट सेक्टर में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है
। खासकर महिलाओं और युवाओं को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।
ODOP योजना को मिलेगा बढ़ावा
एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत गोरखपुर में
रेडीमेड गारमेंट उद्योग को नई पहचान देने की कोशिश की जा रही है।
सरकार का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को मजबूत करना और छोटे कारोबारियों को आधुनिक सुविधाएं
उपलब्ध कराना है। फ्लैटेड फैक्टरी परियोजना को इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
निवेश और रोजगार में आएगी तेजी
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि परियोजना के शुरू होने से गोरखपुर में औद्योगिक निवेश बढ़ सकता है।
80 औद्योगिक इकाइयों के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से
बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बोर्ड बैठक पर टिकी नजरें
अब सभी की नजर आगामी बोर्ड बैठक पर टिकी हुई है, जहां आवंटन दरों को अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
मंजूरी मिलने के बाद उद्योग स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों के लिए प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण की फ्लैटेड फैक्टरी परियोजना
गोरखपुर के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
80 आधुनिक औद्योगिक इकाइयों के जरिए छोटे कारोबारियों को नया अवसर मिलेगा और
रेडीमेड गारमेंट उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में यह परियोजना रोजगार और
निवेश के लिहाज से पूर्वांचल के लिए बड़ा केंद्र बन सकती है।