आयात निर्भरता से भारत पीछे छूट रहा
भारत का विकास आज अन्य देशों से पीछे छूट रहा है, क्योंकि हम आयात करने वाले देश बन चुके हैं। आयात पर निर्भरता हमें हमेशा कमजोर रखती है, जबकि निर्यात ही देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाता है। फिशरमैन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रभान निषाद ने आत्मनिर्भरता और स्वदेशी रोजगार पर लगातार जागरूकता फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत को आगे बढ़ाना है तो निर्यात की दिशा में काम करना होगा। स्वदेशी उद्योग स्थापित कर हम अपने युवाओं को रोजगार दे सकते हैं।
विदेशी निवेश का खतरा: कमजोर अर्थव्यवस्था की ओर
विदेशी निवेशकों का आगमन भारत के लिए घातक साबित हो रहा है। जितने ज्यादा विदेशी निवेशक आएंगे, उतना ही हमारी अर्थव्यवस्था कमजोर होगी। ये निवेशक मुनाफा कमाकर देश छोड़ देंगे, लेकिन हमारी करेंसी की कीमत लगातार गिरती चली जाएगी। चंद्रभान निषाद ने चेतावनी दी कि विदेशी निवेश खतरे की घंटी बजा रहा है। हम कर्ज के दलदल में फंस जाएंगे और आने वाला जेनरेशन दूसरे देशों पर निर्भर हो जाएगा। आत्मनिर्भर बनना ही एकमात्र रास्ता है।
स्वदेशी रोजगार: देश का असली सम्मान
हमारे पास अपार संसाधन हैं, जो स्वदेशी उद्योगों से फल-फूल सकते हैं। चंद्रभान निषाद का कहना है कि देश का रोजगार, सम्मान और संपूर्ण अधिकार हमारा है। हमें आयात कम कर निर्यात बढ़ाना चाहिए। फिशरमैन आर्मी जैसे संगठन स्वदेशी मॉडल को बढ़ावा दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्योग लगाकर लाखों नौकरियां पैदा की जा सकती हैं। आत्मनिर्भर भारत का सपना स्वदेशी से ही साकार होगा।
भारतीय अर्थव्यवस्था बचाने के लिए स्वदेशी नीति अपनाएं
भारतीय अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए स्वदेशी नीति अपनानी होगी। चंद्रभान निषाद ने युवाओं से अपील की कि वे विदेशी उत्पादों का बहिष्कार करें। निर्यात-आधारित उद्योग जैसे टेक्सटाइल, कृषि उत्पाद और मछली पालन में भारत अग्रणी बन सकता है। फिशरमैन कम्युनिटी पहले ही आत्मनिर्भरता का उदाहरण पेश कर रही है।
विदेशी कंपनियों की लूट रोककर हम अपनी करेंसी को स्थिर रख सकते हैं।
कर्ज के चक्रव्यूह से बाहर निकलने का समय आ गया है।
आत्मनिर्भरता से भारत विश्व शक्ति बनेगा
आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाने से भारत विश्व शक्ति बनेगा।
चंद्रभान निषाद की मुहिम से लाखों लोग जागरूक हो रहे हैं।
स्वदेशी रोजगार सृजन से बेरोजगारी खत्म होगी। सरकार को भी निर्यात प्रोत्साहन नीतियां लागू करनी चाहिए।
आयात शुल्क बढ़ाकर घरेलू उद्योगों को संरक्षण दें। फिशरमैन आर्मी का संदेश स्पष्ट है-
अपना रोजगार, अपना सम्मान। इस दिशा में काम करें तो भारत का भविष्य उज्ज्वल है।
स्वदेशी से मजबूत भारत का निर्माण
चंद्रभान निषाद के विचार स्पष्ट करते हैं कि स्वदेशी रोजगार और आत्मनिर्भरता ही भारत को सच्ची ताकत दे सकती है।
फिशरमैन आर्मी जैसी पहलें ग्रामीण स्तर पर आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही हैं। युवाओं, उद्यमियों और
सरकार को मिलकर स्वदेशी मॉडल अपनाना होगा। इससे न सिर्फ अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि
आने वाली पीढ़ियां आत्मविश्वासी और स्वावलंबी बनेंगी। अपना देश, अपना रोजगार – यही सच्चा राष्ट्रवाद है।