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इंकलाब की पुकार और भगत सिंह की विरासत
16 फरवरी 2026 शांतिवन शोध पुस्तकालय सत्यपथ गोविंद नगरी थाना शाहपुर गोरखपुर🇮🇳 ‘राष्ट्रपति महोदय’ ‘इंकलाब जिंदाबाद’ भगत सिंह भारत को ‘रिवॉल्यूशन’ बचा सकता है जस्टिस मार्कंडेय काटजू शांतिपूर्ण अहिंसात्मक इंकलाब 19 अप्रैल संसद “जिस अलगाववादी RSS का स्वतंत्रता संग्राम में शून्य योगदान है’और बीजेपी जो!RSS के पेट से पैदा है,के मंत्री ‘सोशलिज्म’और’सेकुलरिज्म’ समाप्त करने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं”‘ संविधान की हत्या की धमकी दे रहे हैं यह वे लोग हैं जिन्होंने आजादी के बाद आज तक नफरत अलगाव के अतिरिक्त 1 किलो अनाज नहीं पैदा की एक दिन सड़क पर मजदूरी नहीं की।
14 अप्रैल 2026: संसद पर इंकलाब का ऐलान
14 अप्रैल 2026 को संसद पर जब इंकलाब करूंगा सोशलिज्म सेकुलरिज्म से घृणा करने वालों के पुतले आग के हवाले करूंगा ‘महोदया ‘”सोशलिज्म” सेकुलरिज्म” की “आत्मा” एकता’ एवं समानता’ की बनी हैसोशलिज्म’ सेकुलरिज्म “प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 की की आत्मा थींसोशलिज्म सेक्युलरिज्म सुभाष चंद्र बोस भगत सिंह अशफ़ाकउल्ला खा पंडित राम प्रसाद बिस्मिल चंद्रशेखर आजाद की आत्मा से निकली हैसोशलिज्म सेकुलरिज्म ‘प्रिंबल ऑफ़ कॉन्स्टिट्यूशन’ में जो संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा है, अमेंडमेंट 42,1976 में रखा गया ‘महोदया संविधान तोड़ने की धमकी देने वाले संसद में बैठे हैं सड़कों पर Z प्लस श्रेणी सुरक्षा लेकर घूम रहे हैं इन्हें नहीं मालूम यह सोशलिज्म सेकुलरिज्म असंख्य की फांसी एवं कुर्बानी का परिणाम है।
संविधान की हिफाजत: ऐतिहासिक कुर्बानियों की याद
‘महोदया ‘क्या ये,अलगाववादी नफरती चोर लुटेरे बलात्कारी अपराधी1857 की क्रांति’ गांधी पटेल नेहरू अंबेडकर भगत सिंह भगत सिंह अशफ़ाकउल्ला खान पंडित बिस्मिल चंद्रशेखर आजाद की आत्मा से निकली सेकुलरिज्म सोशलिज्म तोड़ेंगे? किसने द्वारा उत्पादित अनाज खाकर मजदूरों की कोठियां में ऐशो आराम से रहने वाले परजीवी की तरह दूसरे पर पलने वाले कहते हैं
सोशलिज्म सेकुलरिज्म समाप्त करेंगे और आप इन बयानों को कैसे सुन रही हैं?
इस वायसराय हाउस में बैठने वाला वायसराय एर्विन ने भगत सिंह सुखदेव
राजगुरु की फांसी पर मोहर लगाई थी और उनके फांसी का परिणाम है सोशलिज्म और सेकुलरिज्म।
नफरत और अलगाववाद के खिलाफ सत्य और अहिंसा की ताकत
सत्य अहिंसा की पूरी ताकत से कहना चाहता हूं कि इन नफरतियों अलगाववादियों लुटेरे बलात्कारी अपराधियों परजीवियों’ की
शरारत नहीं चलने दूंगा बिल्कुल नहीं। भारत संविधान तिरंगा सोशलिज्म सेक्युलरिज्म
मानवता एकता बंधुत्व संप्रभुता की हिफाजत के लिए 14 अप्रैल संसद पर इंकलाब।
उच्च अधिकारियों को अपील और आगे की दिशा
प्रति :- माननीय मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय मा. मुख्य न्यायाधीश हाईकोर्ट मा राज्यपाल मा
मुख्यमंत्री माननीय सांसद गण डॉ संपूर्णानंद मल्ल पूर्वांचल गांधी9415418263।
यह संदेश शांतिपूर्ण इंकलाब की पुकार है, जो संविधान की मूल भावना को बचाने के लिए जरूरी है।
अलगाववाद और नफरत के खिलाफ एकजुट होकर हम भगत सिंह की विरासत को जीवित रख सकते हैं।