गोरखपुर में फर्जी इंस्पेक्टर का धंधा उजागर
गोरखपुर जिले में एक बार फिर फर्जी अधिकारियों का खेल सामने आया है। 11 फरवरी 2026 को सिकरीगंज थाना क्षेत्र में फर्जी इंस्पेक्टर दिग्विजय नाथ को गिरफ्तार किया गया, जिसने पुलिस वर्दी पहनकर दर्जनों लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा। आरोपी ने कुल 16.30 लाख रुपये की ठगी की, जिसमें एक पीड़ित से अकेले 6 लाख रुपये लिए गए। सिकरीगंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने पूरे मामले की पोल खोल दी। एसपी साउथ दिनेश कुमार पूरी ने बताया कि आरोपी पर सख्त कार्रवाई होगी और अन्य पीड़ितों से अपील की गई है। यह घटना फर्जी IAS-IPS के बाद फर्जी इंस्पेक्टर के रूप में सामने आई है, जो गोरखपुर में ठगी के बढ़ते मामलों को दर्शाती है।
जनसुनवाई में शिकायत: 6 लाख की ठगी से खुलासा
मंगलवार को सिकरीगंज थाने में जनसुनवाई के दौरान पीड़ित नीरज शर्मा ने प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति, जो पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी में था, ने सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 6 लाख रुपये लिए। शिकायत मिलते ही एसएसआई के नेतृत्व में टीम गठित की गई। सूचना के आधार पर सिकरीगंज-बेलघाट मार्ग पर आरोपी की अल्टो कार रोकी गई। आरोपी वर्दी पहने कार में बैठा था। पूछताछ में दिग्विजय नाथ (55 वर्ष, पुत्र स्व. रामलाल, ग्राम लखवापाकड़, थाना बेलघाट) ने अपना जुर्म कबूल लिया। जांच में पता चला कि वह अन्य पीड़ितों से 5 लाख, 55 हजार और 25 हजार रुपये तक वसूल चुका था। कुल ठगी 16.30 लाख रुपये की बताई जा रही है।
बरामद सामान: फर्जी वर्दी से कार तक सब नकली
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में फर्जी सामान बरामद किया:
- चार पहिया अल्टो कार (ठगी में इस्तेमाल)।
- पुलिस यूनिफॉर्म, नेम प्लेट, बैज, पीकैप, कैप बेल्ट, मोनोग्राम, स्टार।
- फर्जी पुलिस आईडी कार्ड और अन्य वर्दी संबंधी सामग्री। सभी सामान नकली पाया गया। आरोपी ग्रामीण इलाके से था, लेकिन शहर में इंस्पेक्टर बनकर रौब जमाता था। पुलिस ने उसके फोन, दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है ताकि अन्य पीड़ितों और जुर्म का पता लगे।
आरोपी का बैकग्राउंड और ठगी का तरीका
दिग्विजय नाथ लंबे समय से इस धंधे में सक्रिय था। वह बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता, नौकरी का लालच देकर पहले छोटी रकम लेता और फिर बहाने बनाकर पूरी ठग लेता। फर्जी इंस्पेक्टर बनकर वह लोगों पर रौब जमाता, चेकिंग और नौकरी के नाम पर वसूली करता। गोरखपुर में फर्जी IAS-IPS के बाद यह मामला सामने आया, जो ठगी के नए तरीकों को उजागर करता है। एसपी साउथ ने कहा, “जनसुनवाई से आमजन की आवाज मजबूत हो रही है, ऐसे शातिरों को बख्शा नहीं जाएगा।”
पुलिस कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
सिकरीगंज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 419 (छद्म वेश), 420 (ठगी) समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने अन्य पीड़ितों से थाने पहुंचने की अपील की है।
एसपी साउथ ने टीम को बधाई दी और कहा कि अपराधी कितना भी चालाक हो, कानून का पंजा लंबा है।
गोरखपुर पुलिस सतर्कता बरतने की सलाह दे रही है—किसी अजनबी को नौकरी का झांसा न दें।
सावधानी बरतें, ठगी से बचें
यह घटना गोरखपुर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के प्रयासों को दर्शाती है।
फर्जी इंस्पेक्टर जैसे मामलों से सावधान रहें और
संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। अधिक जानकारी के लिए सिकरीगंज थाना संपर्क करें।
गोरखपुर पुलिस अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर अडिग है।