निर्दोष को छुआ तो खैर नहीं, दोषी छोड़ा तो कार्रवाई तय: गोरखपुर एसएसपी डॉ. कौस्तुभ

गोरखपुर पुलिस में नई ऊर्जा और सख्ती

11 फरवरी 2026 को गोरखपुर पुलिस लाइन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जहां नवागत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. कौस्तुभ ने 2023 बैच के करीब 200 उपनिरीक्षकों को संबोधित किया। बैठक में एसपी सिटी अभिनव त्यागी और एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र भी मौजूद रहे। एसएसपी ने स्पष्ट संदेश दिया: “निर्दोष को छुआ तो खैर नहीं, दोषी छोड़ा तो कार्रवाई तय।” यह निर्देश गोरखपुर में निष्पक्ष पुलिसिंग की नई शुरुआत का प्रतीक है, जहां जनता का भरोसा जीतना और अपराध पर जीरो टॉलरेंस मुख्य लक्ष्य है। डॉ. कौस्तुभ, जो पहले जौनपुर एसपी रह चुके हैं और आईपीएस से पहले नेत्र चिकित्सक थे, ने पद संभालते ही सक्रियता दिखाई है।

एसएसपी के प्रमुख निर्देश: जनता का भरोसा और निष्पक्षता

बैठक की शुरुआत में एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी जनता का भरोसा है, जो केवल ईमानदार, निष्पक्ष और संवेदनशील कार्य से अर्जित होता है। उन्होंने उपनिरीक्षकों को चेतावनी दी: “अपने कर्तव्य निष्ठा से निभाएं, निर्दोष को अनावश्यक परेशान न करें—यह पुलिस की छवि खराब करता है।” सख्त लहजे में बोले, “दोषी को बख्शने या मामले में ढिलाई बरतने पर कठोर विभागीय कार्रवाई होगी। कानून से ऊपर कोई नहीं।” अपराधियों के प्रति सहानुभूति बर्दाश्त नहीं होगी। यह संदेश गोरखपुर की कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

थाने स्तर पर शालीनता और समयबद्ध निस्तारण

एसएसपी ने थानों पर फरियादियों से शालीन व्यवहार पर जोर दिया। हर शिकायत को गंभीरता से सुनें और समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करें। “पुलिस का व्यवहार ऐसा हो कि नागरिक सुरक्षित और सम्मानित महसूस करें।” छोटी लापरवाहियां बड़ी समस्याएं बन जाती हैं, इसलिए ड्यूटी में सतर्कता जरूरी। बैठक में विवेचना की गुणवत्ता, गिरफ्तारी प्रक्रिया, महिला एवं कमजोर वर्ग के मामलों में संवेदनशीलता, बीट पुलिसिंग, रात्रि गश्त और अपराध नियंत्रण पर विस्तृत चर्चा हुई। तकनीक का अधिक उपयोग, रिकॉर्ड अपडेट और वरिष्ठों को सही जानकारी समय पर देने के निर्देश दिए गए। गोरखपुर पुलिस अब डिजिटल और पारंपरिक पुलिसिंग का बेहतर मिश्रण अपनाएगी।

एसपी सिटी और एसपी नॉर्थ के सुझाव: टीमवर्क और सक्रियता

एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने टीम भावना, अनुशासन, समयपालन और बेहतर संवाद को पुलिसिंग की रीढ़ बताया। सफल अधिकारी वही है जो जनता में सकारात्मक छवि बनाए। एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र ने छोटी घटनाओं पर नजर रखने और त्वरित कार्रवाई की सलाह दी। “अपराध रोकथाम में सक्रियता सबसे बड़ा हथियार है।” मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने पर बल दिया, जो कानून व्यवस्था को मजबूत करेगा।

ईमानदारी को प्रोत्साहन, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

बैठक के अंत में एसएसपी ने कहा कि ईमानदार मेहनत करने वालों को विभाग प्रोत्साहित करेगा,

लेकिन भ्रष्टाचार या लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं।

करीब दो घंटे चली बैठक पुलिस महकमे में नई ऊर्जा भरने वाली रही। अब निर्दोष की

सुरक्षा और दोषी की सजा पर सख्त निगरानी होगी। गोरखपुरवासी अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे।

निष्पक्ष पुलिसिंग की नई शुरुआत

एसएसपी डॉ. कौस्तुभ की यह बैठक गोरखपुर पुलिस की प्रतिष्ठा बढ़ाने और

जनता के भरोसे को मजबूत करने का संकल्प है।

निर्दोष को परेशान न करने और दोषी को बख्शने पर सख्त कार्रवाई का संदेश अपराध नियंत्रण में क्रांतिकारी साबित होगा।

गोरखपुर अब बेहतर कानून व्यवस्था की ओर अग्रसर है।