विधान मंडल बजट सत्र अपडेट्स
उत्तर प्रदेश विधान मंडल का बजट सत्र चल रहा है, जो 9 फरवरी 2026 से शुरू हुआ। यूपी सरकार का यह महत्वपूर्ण सत्र है, जहां आज श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होने वाला है। कल यानी 11 फरवरी (बुधवार) को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना योगी सरकार का आखिरी बजट पेश करेंगे। इससे पहले सोमवार को सदन में आर्थिक समीक्षा पेश की गई। सत्र की शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से हुई, लेकिन विपक्ष के हंगामे से कार्यवाही प्रभावित हुई। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “विपक्ष अपनी बात रख सकता है, लेकिन गवर्नर के प्रति सम्मान दिखाना चाहिए था।”
बजट सत्र की शुरुआत और राज्यपाल का अभिभाषण
बजट सत्र 9 फरवरी को शुरू हुआ, जहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने संयुक्त बैठक में अभिभाषण दिया। अभिभाषण में योगी सरकार की उपलब्धियां, विकास योजनाएं और आगामी चुनौतियों पर फोकस रहा। विपक्ष, खासकर सपा विधायकों ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) ऑफ इलेक्टोरल रोल्स, महंगाई, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों पर हंगामा किया, जिससे सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हुई। स्पीकर सतीश महाना ने कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलेगा, लेकिन संसदीय मर्यादा का पालन करना चाहिए। उन्होंने अफसोस जताया कि गवर्नर के प्रति अपेक्षित सम्मान नहीं दिखाया गया।
श्रद्धांजलि सभा और आगे की कार्यवाही
आज 10 फरवरी को सदन में श्रद्धांजलि सभा होगी, जहां दिवंगत सदस्यों और प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद कार्यवाही स्थगित हो सकती है। 11 फरवरी को बजट पेश होगा, जो 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए होगा। पिछले बजट से करीब एक लाख करोड़ रुपये अधिक होने की उम्मीद है, जिसमें विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, किसान कल्याण और महिला सशक्तिकरण पर जोर रहेगा। चुनावी साल होने से लोकलुभावन घोषणाएं भी संभावित हैं। आर्थिक सर्वेक्षण में बजट साइज 8.33 लाख करोड़ तक पहुंचने और कैपिटल एक्सपेंडिचर में वृद्धि की बात कही गई है।
विपक्ष का हंगामा और सरकार का जवाब
पहले दिन विपक्ष के हंगामे पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि ऑल-पार्टी मीटिंग में सहयोग का वादा किया गया था, लेकिन गवर्नर के साथ व्यवहार देखकर बड़ा दुख हुआ। ओम प्रकाश राजभर ने भी विपक्ष पर महिला (राज्यपाल) का अपमान करने का आरोप लगाया। स्पीकर महाना ने सभी दलों से सहयोग मांगा और कहा कि सदन चर्चा का मंच है, शोर-शराबे का नहीं।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर सदस्य को
अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, जरूरत पड़ने पर देर शाम तक बैठक चलेगी।
बजट सत्र का महत्व और अपेक्षाएं
यह सत्र 2027 विधानसभा चुनाव से पहले का आखिरी प्रमुख बजट सत्र है। योगी सरकार विकास के दावों को
मजबूत करने के साथ आर्थिक मजबूती दिखाना चाहेगी। आर्थिक सर्वेक्षण में बजट साइज 2016-17 के
3.47 लाख करोड़ से दोगुना से अधिक होने की बात कही गई है। स्वास्थ्य, पर्यटन और
कृषि क्षेत्रों में रिकॉर्ड आवंटन की चर्चा है। विपक्ष SIR, बेरोजगारी और महंगाई
जैसे मुद्दों पर हमला बोलेगा। सत्र 20 फरवरी तक चलेगा, जिसमें बजट पर चर्चा और अन्य मुद्दे उठेंगे।
उत्तर प्रदेश बजट सत्र 2026 राजनीतिक गलियारों में गहमागहमी पैदा कर रहा है।
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