गोरखपुर में बड़ा हादसा! राप्ती नदी में डूबे तीन किशोर, परिवारों में मचा कोहराम

Gorakhpur में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया। राप्ती नदी में नहाने गए तीन किशोर गहरे पानी में डूब गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद SDRF और स्थानीय गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया गया और काफी मशक्कत के बाद तीनों के शव बरामद किए गए।

दोस्तों के साथ नदी में नहाने गए थे किशोर

रिपोर्ट्स के मुताबिक किशोर दोपहर के समय दोस्तों के साथ राप्ती नदी के किनारे पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरे पानी में चले गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन तेज बहाव और गहराई की वजह से सफलता नहीं मिल सकी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंच गई।

कई घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे के बाद SDRF, NDRF और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटों की तलाश के बाद तीनों किशोरों के शव नदी से बाहर निकाले गए।

घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन जमा हो गए। शव मिलते ही परिवारों में चीख-पुकार मच गई।

गांव में पसरा मातम

तीनों किशोरों की मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी किनारे सुरक्षा इंतजामों की कमी की वजह से अक्सर ऐसे हादसे होते रहते हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी किनारे चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।

पुलिस ने शुरू की जांच

$पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार किशोर नहाने के दौरान गहरे पानी में चले गए थे।

पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

राप्ती नदी में डूबने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं।

कुछ महीने पहले भी गोरखपुर में नदी में नहाने गए कई किशोरों की डूबने से मौत हो गई थी।

विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात और गर्मी के मौसम में नदी का बहाव और गहराई

अचानक बढ़ जाती है, जिससे हादसों का खतरा अधिक रहता है।

प्रशासन से उठी सुरक्षा की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी किनारे सुरक्षा गार्ड, बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए

ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।

लोगों ने बच्चों और किशोरों को बिना निगरानी नदी में न जाने देने की भी अपील की है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने जताया दुख

घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग दुख जता रहे हैं।

कई यूजर्स ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

स्थानीय लोगों ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की भी मांग उठाई है।

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