अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की सक्रियता बढ़ गई है। 24 से 29 सितंबर 2026 के बीच NSG कमांडो और सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान मौजूदा सुरक्षा इंतजाम, प्रवेश-निकास व्यवस्था और आपात स्थिति में प्रतिक्रिया की तैयारियों की समीक्षा की गई।
राम मंदिर परिसर में NSG की टीम ने संभाला मोर्चा
राम मंदिर परिसर में NSG की टीम ने सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक कर संभावित परिस्थितियों में सुरक्षा बलों के बीच तालमेल और प्रतिक्रिया व्यवस्था पर चर्चा की गई।
पिछले कुछ दिनों से परिसर में मॉक ड्रिल भी कराई जा रही है। इसका उद्देश्य किसी आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों और आपसी समन्वय को परखना है।
प्रवेश और निकास व्यवस्था की भी समीक्षा
सुरक्षा समीक्षा के दौरान मंदिर परिसर में आने-जाने वाले रास्तों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष ध्यान दिया गया। सुरक्षा एजेंसियां यह देख रही हैं कि किसी आकस्मिक स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया किस तरह सुनिश्चित की जा सकती है।
राम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक, निगरानी और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अयोध्या में बनेगा NSG का क्षेत्रीय केंद्र
राम मंदिर की सुरक्षा को मजबूत करने के साथ अयोध्या में NSG का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने
अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र में करीब 26 हेक्टेयर यानी 65 एकड़ भूमि गृह मंत्रालय को
NSG क्षेत्रीय केंद्र के लिए हस्तांतरित करने की मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य अयोध्या में सुरक्षा संबंधी
किसी चुनौती की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना बताया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों के बीच बढ़ेगा समन्वय
राम मंदिर परिसर में पहले से कई सुरक्षा एजेंसियां तैनात हैं। NSG की सक्रिय
भूमिका बढ़ने के साथ अलग-अलग सुरक्षा इकाइयों के बीच समन्वय और
आपातकालीन प्रतिक्रिया की व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
सुरक्षा समीक्षा का एक प्रमुख उद्देश्य संभावित आपात परिस्थितियों में कम से कम समय में
कार्रवाई की क्षमता को परखना भी है। इसी क्रम में मॉक ड्रिल और सुरक्षा अभ्यास कराए जा रहे हैं।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को देखते हुए सुरक्षा पर जोर
राम मंदिर में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इसके अलावा अयोध्या में धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों के चलते लगातार लोगों की
आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में मंदिर परिसर और आसपास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सुरक्षा
व्यवस्था को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
NSG के क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना से भविष्य में अयोध्या में किसी गंभीर
सुरक्षा चुनौती की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता बढ़ाने का उद्देश्य है।
सुरक्षा व्यवस्था की लगातार हो रही समीक्षा
29 सितंबर तक जारी सुरक्षा समीक्षा में मंदिर परिसर के साथ-साथ सुरक्षा बलों के बीच समन्वय,
प्रवेश-निकास मार्ग और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखा जा रहा है।
NSG की टीम की मौजूदगी और लगातार चल रहे सुरक्षा अभ्यास से यह संकेत मिलता है कि
अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय और
त्वरित प्रतिक्रिया वाली प्रणाली के रूप में मजबूत किया जा रहा है।
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