अमरोहा फार्महाउस मामला: केयरटेकर ने दर्ज कराया बयान, दरोगा पर कमरा उपलब्ध कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र में विधायक के फार्महाउस से जुड़े सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच में एक नया अपडेट सामने आया है। पुलिस ने फार्महाउस के केयरटेकर रामनिवास का बयान दर्ज किया है। केयरटेकर ने आरोप लगाया कि रजबपुर थाने में तैनात दरोगा नरेश पाल राणा ने फोन कर फार्महाउस में कमरा उपलब्ध कराने के लिए दबाव बनाया था।

गृह मंत्रालय की जांच टीम का दिया गया था हवाला

केयरटेकर के मुताबिक, उसे फोन पर बताया गया था कि गृह मंत्रालय की एक टीम जांच के सिलसिले में अमरोहा आ रही है और उसे कुछ समय के लिए फार्महाउस में ठहरना है। इसी आधार पर कमरे उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था।

केयरटेकर ने पुलिस को यह भी बताया कि उससे फार्महाउस की लोकेशन मांगी गई थी, जिसे उसने उपलब्ध करा दिया था। उसके अनुसार, बाद में फार्महाउस पर कुछ लोग पहुंचे। इन दावों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

विरोध करने पर धमकी देने का भी आरोप

रामनिवास ने अपने बयान में आरोप लगाया कि कमरे उपलब्ध कराने में आपत्ति जताने पर उसे दबाव और धमकी का सामना करना पड़ा। उसने यह भी कहा कि उसने अपनी शिकायत वापस नहीं ली है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कमरे खुलवाने के लिए दरोगा ने वास्तव में फोन किया था या नहीं और यदि किया था तो इसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं। साथ ही आरोपों में नामित पुलिसकर्मी का घटनाक्रम से संबंध भी जांचा जा रहा है।

दरोगा नरेश पाल राणा निलंबित

फार्महाउस में आरोपियों को कमरा उपलब्ध कराने के आरोपों के बाद रजबपुर थाने में तैनात दरोगा नरेश पाल राणा को निलंबित किया जा चुका है। जांच अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि

आरोपी पक्ष और दरोगा के बीच किसी तरह का संपर्क या संबंध था या नहीं।

जांच में महिला विवेचक भी शामिल

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच में एक महिला अधिकारी को भी शामिल किया है।

आदमपुर की एसओ कोमल को सह-विवेचक की जिम्मेदारी दी गई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला विवेचक पीड़िता के संपर्क में है और

उसके बयान तथा मामले से संबंधित जानकारी को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।

चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ी

मामले में एक महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों के बाद दो पुलिसकर्मियों और

दो सीआरपीएफ कर्मियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए

आरोपियों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की है।

पुलिस जांच में पीड़िता के बयान, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।

फार्महाउस में कमरे उपलब्ध कराने का मामला भी जांच के केंद्र में

इस मामले में अब केवल मुख्य घटना ही नहीं, बल्कि आरोपियों के फार्महाउस तक पहुंचने और

वहां कमरे उपलब्ध कराने की परिस्थितियां भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई हैं।

केयरटेकर के बयान के बाद पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि

कमरे किसके निर्देश पर उपलब्ध कराए गए, फोन किसने किया और

फार्महाउस पहुंचने वाले लोगों के बारे में पहले से क्या जानकारी थी।

जांच पूरी होने के बाद ही इन सवालों पर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।

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