मतदाता सूची विवाद ने लिया खतरनाक मोड़! बीएलओ को मिली जान से मारने की धमकी,

गोरखपुर जनपद के गोला थाना क्षेत्र स्थित कौआडील ग्राम सभा में मतदाता सूची को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर रूप लेता नजर आ रहा है। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिलने और गाली-गलौज किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। मामले को चुनावी व्यवस्था और सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।

बीएलओ ने एसडीएम से लगाई सुरक्षा की गुहार

प्राप्त जानकारी के अनुसार पवन कुमार जायसवाल, जो विकास खंड गगहा में सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत हैं और कौआडील ग्राम सभा में बीएलओ की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, उन्होंने उपजिलाधिकारी गोला को लिखित शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गांव निवासी चंदन राव द्वारा उन्हें लगातार अपशब्द कहे गए और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। बीएलओ का कहना है कि इस घटना के बाद वे मानसिक रूप से भयभीत हैं और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

मतदाता सूची में नाम न होने से शुरू हुआ विवाद

स्थानीय लोगों के अनुसार विवाद की शुरुआत मतदाता सूची में नाम दर्ज न होने को लेकर हुई। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बीएलओ का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े सभी कार्य निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार किए जाते हैं। किसी भी नाम को जोड़ने या हटाने का निर्णय व्यक्तिगत स्तर पर नहीं बल्कि नियमानुसार किया जाता है। इसके बावजूद उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया जा रहा है।

वायरल ऑडियो ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता

मामले से जुड़ा एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो में कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा। ऑडियो वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में मामले की चर्चा तेज हो गई है।

बीएलओ ने जताई अप्रिय घटना की आशंका

अपने शिकायत पत्र में बीएलओ ने कहा है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी दायित्वों का निर्वहन करने वाले कर्मचारियों को धमकाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर खतरा है।

एसडीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

मामले को गंभीरता से लेते हुए गोला के उपजिलाधिकारी अमित कुमार जायसवाल ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद गोला थाना पुलिस से बातचीत की गई है और शिकायत के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारियों के साथ अभद्रता और धमकी की घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस जांच में जुटी, जुटाए जा रहे साक्ष्य

गोला थाना प्रभारी निरीक्षक सीपी पांडेय के अनुसार शिकायत और वायरल ऑडियो दोनों की जांच की जा रही है।

पुलिस सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ कर रही है और तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है।

जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस का कहना है कि

मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।

सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर चुनावी और प्रशासनिक कार्यों में लगे सरकारी कर्मचारियों की

सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रही है। मतदाता सूची तैयार करने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों पर

दबाव बनाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि

ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई से ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है।

गोरखपुर के कौआडील गांव में बीएलओ को मिली कथित जान से मारने की

धमकी और वायरल ऑडियो का मामला प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।

फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।

यह घटना सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर

कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है, जिनका समाधान समय रहते किया जाना आवश्यक है।

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