Varanasi Crime News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से सामने आया एक हत्याकांड इन दिनों चर्चा में है। मामला वाराणसी में हुई हत्या का नहीं, बल्कि दादरा एवं नगर हवेली के सिलवासा में हुई एक कथित हत्या का है, जिसके आरोपी को करीब 1500 किलोमीटर दूर वाराणसी से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपनी पत्नी छोटी उपाध्याय की हत्या के बाद शव को सूटकेस में छिपा दिया और सिलवासा से फरार होकर वाराणसी में आकर रहने लगा। करीब दो महीने बाद महिला का शव बरामद हुआ और जांच आगे बढ़ते हुए आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
प्रेम संबंध से शुरू हुई कहानी हत्या तक पहुंची
पुलिस के मुताबिक, बिहार के नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र निवासी ऋषभ कुमार सिंह का छोटी उपाध्याय के साथ प्रेम संबंध था। छोटी पहले से विवाहित थी। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों घर से निकलकर दादरा एवं नगर हवेली पहुंचे, जहां उन्होंने शादी कर ली और सिलवासा में किराये के मकान में रहने लगे।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों के परिवार इस रिश्ते से खुश नहीं थे। इसी बीच पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा। पुलिस का दावा है कि छोटी अपने गांव वापस जाने का दबाव बना रही थी और इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
9 जून की रात क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार, 9 जून 2026 को छोटी और ऋषभ के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद के बाद ऋषभ ने छोटी की गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने कथित तौर पर शव को प्लास्टिक से ढका और रस्सी से बांधकर एक ट्रॉली सूटकेस में रख दिया। इसके बाद वह कमरे में ताला लगाकर वहां से निकल गया।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी सिलवासा से फरार होकर वाराणसी पहुंचा और यहां अपनी पहचान छिपाकर मजदूरी करने लगा।
दो महीने तक सूटकेस में बंद रहा शव
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि महिला का शव करीब दो महीने तक उसी किराये के कमरे में छिपा रहा।
पुलिस के मुताबिक, 3 अगस्त 2026 को सिलवासा के टोकर खड़ा इलाके में स्थित मकान का कमरा खोला गया। मकान मालिक वहां किसी दूसरे व्यक्ति को कमरा किराये पर देने की तैयारी कर रहा था। कमरा खुलने के बाद दुर्गंध आने पर शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।
जांच के दौरान बाथरूम में रखा ट्रॉली सूटकेस मिला। उसे खोलने पर महिला का शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव की पहचान छोटी उपाध्याय के रूप में की।
हत्या के बाद वाराणसी में छिपा था आरोपी
महिला का शव मिलने के बाद सिलवासा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस को आरोपी ऋषभ कुमार सिंह की तलाश थी। जांच के दौरान उसके वाराणसी में छिपे होने की जानकारी सामने आई।
सिलवासा पुलिस ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश STF से मदद मांगी। इसके बाद STF की वाराणसी इकाई ने आरोपी की तलाश शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने वाराणसी में अपनी पहचान बदलकर मजदूरी शुरू कर दी थी। वह मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र में एक औद्योगिक परिसर में काम कर रहा था।
चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र में संयुक्त कार्रवाई
खुफिया सूचना मिलने के बाद UP STF की वाराणसी फील्ड यूनिट और सिलवासा पुलिस की टीम ने चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र में कार्रवाई की।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ऋषभ कुमार सिंह को सोमवार को वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां से सिलवासा पुलिस को ट्रांजिट रिमांड मिली। इसके बाद आरोपी को आगे की जांच के लिए सिलवासा ले जाया गया।
छोटी के पहले पति से जुड़ा मामला भी सामने आया
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि छोटी की पहले शादी हो चुकी थी। रिपोर्ट के अनुसार, वह अपने पहले पति को छोड़कर ऋषभ के साथ चली गई थी और दोनों ने बाद में दादरा एवं नगर हवेली में शादी की।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, छोटी को लेकर बिहार के रोह थाने में अपहरण की प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी। इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
परिवार की नाराजगी और रिश्ते में बढ़ता विवाद
पुलिस के अनुसार, छोटी और ऋषभ के रिश्ते को दोनों परिवारों की तरफ से स्वीकार नहीं किया गया था।
शादी के बाद दोनों सिलवासा में रहने लगे, लेकिन कुछ समय बाद उनके बीच विवाद बढ़ने लगा।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या से पहले दोनों के बीच वास्तव में क्या हुआ था,
विवाद किस वजह से बढ़ा और हत्या के बाद आरोपी ने शव को छिपाने की योजना कैसे बनाई।
इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों से ही स्पष्ट होंगे।
वाराणसी बना आरोपी तक पहुंचने की अहम कड़ी
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि अपराध की कथित घटना सिलवासा में हुई,
शव वहीं बरामद हुआ, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी वाराणसी में हुई।
सिलवासा पुलिस और UP STF के बीच सूचना के आदान-प्रदान के बाद आरोपी की लोकेशन सामने आई।
चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र में कार्रवाई के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
इससे एक बार फिर सामने आता है कि दूसरे राज्य में जाकर छिपने वाले अपराध के आरोपियों तक
पहुंचने में विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।
पुलिस जांच में अब किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?
इस हत्याकांड की जांच में कई सवाल महत्वपूर्ण हैं—
- हत्या के पीछे वास्तविक विवाद क्या था?
- क्या हत्या अचानक हुए विवाद में हुई या पहले से इसकी कोई योजना थी?
- शव को सूटकेस में रखने के बाद आरोपी कितने समय तक सिलवासा में रहा?
- आरोपी वाराणसी कब पहुंचा?
- वाराणसी में उसने अपनी पहचान क्यों बदली?
- हत्या के बाद उसने किन लोगों से संपर्क किया?
- क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी आरोपी या सहयोगी है?
इन सभी सवालों पर पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है।
आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, दोष सिद्ध होना बाकी
मामले में ऋषभ कुमार सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन कानूनी रूप से
यह याद रखना जरूरी है कि गिरफ्तारी अपने आप में अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।
पुलिस ने जो आरोप और जांच की जानकारी सामने रखी है, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्य और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही
अंतिम रूप से यह तय होगा कि आरोपी अपराध का दोषी है या नहीं।
निष्कर्ष: रिश्ते का खौफनाक अंत और दो महीने बाद खुला राज
सिलवासा में छोटी उपाध्याय की मौत और शव के सूटकेस में मिलने के बाद सामने आया
यह मामला कई सवाल खड़े करता है। प्रेम संबंध से शुरू हुई कहानी शादी तक पहुंची,
लेकिन पुलिस के मुताबिक बाद में विवाद इतना बढ़ा कि महिला की हत्या कर दी गई।
करीब दो महीने तक शव के कमरे में छिपे रहने और आरोपी के वाराणसी में जाकर मजदूरी करने की बात ने
मामले को और गंभीर बना दिया है। अब जांच एजेंसियों की नजर हत्या की पूरी कड़ी जोड़ने और
घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाने पर है।
FAQ
1. छोटी उपाध्याय की लाश कहां मिली थी?
पुलिस के अनुसार, छोटी उपाध्याय का शव 3 अगस्त को सिलवासा के टोकर खड़ा क्षेत्र में
एक किराये के मकान के अंदर रखे ट्रॉली सूटकेस से बरामद हुआ था।
2. छोटी उपाध्याय की मौत कब हुई थी?
पुलिस के अनुसार, कथित हत्या 9 जून 2026 को हुई थी।
3. आरोपी ऋषभ कुमार सिंह कहां से गिरफ्तार हुआ?
उसे वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र स्थित चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र से UP STF और
सिलवासा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया।
4. आरोपी वाराणसी में क्या कर रहा था?
पुलिस के अनुसार, वह पहचान बदलकर चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरी कर रहा था।
5. क्या ऋषभ कुमार सिंह को अदालत ने दोषी घोषित कर दिया है?
नहीं। अभी वह हत्या का आरोपी है। गिरफ्तारी और दोषसिद्धि अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाएं हैं। अंतिम निर्णय अदालत करेगी।
6. शव करीब दो महीने बाद कैसे मिला?
पुलिस के अनुसार, मकान मालिक जब कमरा किसी अन्य व्यक्ति को किराये पर देने के लिए
खोलने पहुंचा, तब दुर्गंध आने के बाद सूटकेस में शव होने का पता चला
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