लखनऊ, 17 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों बदले मौसम के बाद अब बारिश और तेज हवाओं से राहत मिलने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर पड़ने के साथ प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, रात के तापमान में गिरावट के कारण सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस हो सकती है।
पिछले दिनों पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं ने मौसम का मिजाज बदल दिया था। पूर्वांचल के कुछ इलाकों में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। अब मौसम में बदलाव के साथ लोगों को दिन और रात के तापमान में अंतर महसूस होने की संभावना है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं का असर
15 और 16 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के झोंके भी चले, जिससे दिन के तापमान और मौसम की स्थिति में बदलाव आया।
प्राप्त मौसम संबंधी जानकारी के अनुसार, बागपत में 58 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मथुरा में 34 मिलीमीटर और मुजफ्फरनगर में 34.2 मिलीमीटर वर्षा हुई। इन इलाकों में बारिश के कारण मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहा।
पूर्वांचल के कुछ स्थानों पर भी छिटपुट बारिश हुई। हालांकि, बारिश का प्रभाव सभी जिलों में एक जैसा नहीं रहा।
अब कमजोर पड़ेगा पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अगले 24 घंटे के दौरान कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके बाद उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं और अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
इस बदलाव के साथ दिन के तापमान में लगभग दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। दूसरी ओर, रात के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
इसका मतलब है कि दोपहर के समय गर्मी का अहसास कुछ बढ़ सकता है, जबकि सुबह और रात में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रह सकता है।
लखनऊ समेत प्रदेश के मौसम में क्या बदलाव होगा?
राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की स्थिति स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर कमजोर पड़ने के बाद मौसम साफ रहने की संभावना है।
लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को सुबह तथा रात के समय हल्की ठंडक महसूस हो सकती है। हालांकि, किसी जिले में बारिश होगी या नहीं,
इसकी पुष्टि के लिए संबंधित दिन का स्थानीय मौसम पूर्वानुमान देखना जरूरी है।
मौसम विभाग के 17 अक्टूबर 2026 के पूर्वानुमान में पूर्वी और पश्चिमी
उत्तर प्रदेश के लिए अगले सात दिनों के दौरान कोई चेतावनी दर्ज नहीं थी।
स्थानीय मौसम की स्थिति में बदलाव होने पर पूर्वानुमान भी बदल सकता है।
किसानों और आम लोगों के लिए क्या है सलाह?
मौसम में बदलाव को देखते हुए आम लोगों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- सुबह और रात में बाहर निकलते समय हल्के गर्म कपड़े साथ रखें, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
- किसान सिंचाई, कटाई और अन्य कृषि कार्यों की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर ध्यान दें।
- तेज हवाओं या बारिश की स्थिति में खुले स्थानों और कमजोर ढांचों के पास सावधानी बरतें।
- मौसम संबंधी किसी नई चेतावनी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग के आधिकारिक अपडेट देखते रहें।
अक्टूबर में बढ़ सकती है सुबह-शाम की ठंडक
अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बारिश के बाद हवा में नमी और
तापमान में बदलाव के कारण सुबह तथा शाम का मौसम दिन की तुलना में ठंडा महसूस हो सकता है।
हालांकि, रात के तापमान में गिरावट का अर्थ यह नहीं है कि
प्रदेश में तत्काल कड़ाके की सर्दी शुरू हो जाएगी।
आने वाले दिनों में ठंड की स्थिति तापमान, हवा और स्थानीय मौसम प्रणालियों पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर पड़ने के साथ बारिश और
तेज हवाओं से राहत मिलने के आसार हैं। दिन के तापमान में
हल्की बढ़ोतरी और रात में दो से तीन डिग्री तक गिरावट की संभावना है।
ऐसे में लोगों को मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखनी चाहिए और
अपने जिले के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार दिनचर्या की योजना बनानी चाहिए।
read this post :CKK रिटेल मार्ट के बोनस शेयर की घोषणा से एक सप्ताह में शेयरों में आई तूफानी तेजी