UP: “पापा, दोपहर तक लौट आऊंगा”… आखिरी कॉल बनी दर्दनाक याद, झपकी और तेज रफ्तार ने ली 8 जिंदगियां

उत्तर प्रदेश के Jalaun जिले में हुए भीषण सड़क हादसे ने आठ परिवारों की खुशियां छीन लीं। तेज रफ्तार और ड्राइवर की झपकी इस हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है। एक फोन कॉल—“पापा, दोपहर तक लौट आऊंगा”—अब परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया है।

आखिरी बातचीत जो बन गई याद

हादसे में जान गंवाने वाले कथावाचक मनोज ने अपने पिता से फोन पर बात की थी और जल्द लौटने का वादा किया था।

इसी तरह देशराज ने रविवार रात करीब 11 बजे अपने भाई से बात कर बताया था कि अयोध्या में कार्यक्रम खत्म हो चुका है और वे वापस लौट रहे हैं।

लेकिन परिजनों को क्या पता था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी।

कैसे हुआ हादसा?

यह दर्दनाक हादसा कालपी क्षेत्र में हुआ, जहां तेज रफ्तार वाहन और झपकी ने मिलकर बड़ा नुकसान कर दिया।

बताया जा रहा है कि ड्राइवर को झपकी आने से वाहन अनियंत्रित हो गया और सामने से आ रहे डंपर से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही कई लोगों की जान चली गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए डंपर चालक को पकड़ लिया।

  • चालक हादसे के बाद फरार हो गया था
  • पेट्रोल पंप के पास वाहन खड़ा मिला
  • पुलिस ने पीछा कर आरोपी को गिरफ्तार किया

वाहन को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

Jalaun और आसपास के इलाकों में सड़क हादसों का सिलसिला जारी है।

7 मई 2025 को भी झांसी-कानपुर हाईवे पर इसी तरह झपकी के कारण बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें कई लोगों की जान गई थी।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे ने कई परिवारों को पूरी तरह तोड़ दिया है।

  • किसी का बेटा चला गया
  • किसी का भाई हमेशा के लिए बिछड़ गया
  • छोटे-छोटे बच्चे अनाथ हो गए

हर घर में मातम और चीख-पुकार का माहौल है।

सड़क सुरक्षा: बड़ी चेतावनी

विशेषज्ञों का कहना है कि:

  • लंबी दूरी की ड्राइव में थकान सबसे बड़ा खतरा है
  • झपकी आने पर तुरंत गाड़ी रोकना जरूरी है
  • तेज रफ्तार हादसों को और घातक बना देती है

Jalaun का यह हादसा एक गंभीर चेतावनी है कि लापरवाही और थकान सड़क पर जानलेवा साबित हो सकती है।

जरूरी है कि ड्राइवर सतर्क रहें, समय-समय पर आराम करें और गति सीमा का पालन करें, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।