UP News आगरा में बहू की बेरहमी सास का कूल्हा और हाथ तोड़ा डॉक्टर भी हुए हैरान

उत्तर प्रदेश के आगरा के शाहगंज क्षेत्र में एक सनसनीखेज घरेलू हिंसा का मामला सामने आया है, जहां एक बहू पर अपनी सास को बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। इस घटना में सास गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनका कूल्हा टूट गया और शरीर पर कई गहरी चोटें आईं।

घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है।

विवाद के बाद हुई बर्बर पिटाई

जानकारी के मुताबिक, शाहगंज के बाग नानक चंद इलाके में रहने वाली सावित्री देवी का अपनी बहू शालू के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था।

विवाद इतना बढ़ गया कि शालू ने आपा खो दिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। आरोप है कि उसने तब तक पिटाई की जब तक सावित्री देवी गंभीर रूप से घायल नहीं हो गईं।

कूल्हा टूटा 28 टांके लगे

हमले में सावित्री देवी का कूल्हा टूट गया, जिसके चलते उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों को उनकी सर्जरी करनी पड़ी और शरीर पर 28 टांके लगाए गए।

इसके अलावा उनके हाथ में भी गंभीर चोट आई, जिस पर प्लास्टर चढ़ाया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, चोटें काफी गंभीर हैं और इलाज में समय लगेगा।

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

पीड़िता के बेटे अजित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि

उसकी भाभी शालू का व्यवहार पहले से ही आक्रामक रहा है।

परिवार का आरोप है कि वह अक्सर सास को परेशान करती थी और

इस बार उसने सारी हदें पार कर दीं। इस घटना के बाद परिवार सदमे में है।

पुलिस ने दर्ज किया केस

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता का बयान दर्ज किया।

पुलिस ने आरोपी बहू के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की

कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।

इलाके में बढ़ा आक्रोश

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा देखने को मिल रहा है।

लोग इस तरह की घरेलू हिंसा की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

यह मामला महिलाओं के खिलाफ हिंसा और पारिवारिक विवादों के गंभीर रूप को भी उजागर करता है।

आगरा में सामने आया यह मामला घरेलू हिंसा की भयावहता को दिखाता है।

पारिवारिक विवाद जब हिंसा में बदल जाते हैं, तो उसके परिणाम बेहद गंभीर होते हैं।

ऐसे मामलों में समय रहते हस्तक्षेप और सख्त कार्रवाई जरूरी है,

ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।