टाटा मोटर्स
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को लेकर एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। Yogi Adityanath ने टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट से 10 लाखवें वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यूपी अब तेजी से निर्यात का बड़ा हब बनकर उभर रहा है।
10 लाखवें वाहन की ऐतिहासिक लॉन्चिंग
मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 34 वर्षों की यात्रा में Tata Motors के लखनऊ प्लांट से 10 लाखवां वाहन तैयार होना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उत्पादन का आंकड़ा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास की नई पहचान है।
उन्होंने इसे प्रदेश के ग्लोबल सप्लाई हब बनने की दिशा में एक मजबूत कदम बताया और कहा कि यह उपलब्धि आगे और बड़े लक्ष्य हासिल करने का संकेत है।
टाटा समूह की सराहना
मुख्यमंत्री ने Tata Group के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि टाटा ने देश के विकास में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि लोगों के मन में टाटा का नाम भरोसे और गुणवत्ता का प्रतीक है।
उन्होंने यह भी कहा कि टाटा का निवेश सिर्फ उद्योग तक सीमित नहीं है,
बल्कि यह प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम बन रहा है।
यूपी में बढ़ता इंफ्रास्ट्रक्चर
सीएम योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी और संसाधनों की कमी बड़ी समस्या थी,
लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
उन्होंने बताया कि आज देश के कुल एक्सप्रेसवे का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है,
जो जल्द ही बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि Ganga Expressway का लोकार्पण इसी महीने Narendra Modi द्वारा किया जाएगा।
यह एक्सप्रेसवे लगभग 600 किलोमीटर लंबा होगा और प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा।
उन्होंने यह भी बताया कि पहले जहां प्रदेश में केवल दो एयरपोर्ट थे, वहीं
अब 16 एयरपोर्ट पूरी तरह से संचालित हो रहे हैं। हाल ही में Noida International Airport को
राष्ट्र को समर्पित किया गया है, जो देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट माना जा रहा है।
रोजगार और निवेश को बढ़ावा
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ की आबादी और 56 प्रतिशत
वर्कफोर्स इसे निवेश के लिए सबसे उपयुक्त राज्य बनाती है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में
निवेश का माहौल बेहतर हुआ है और बड़ी कंपनियां यहां आकर निवेश कर रही हैं।
टाटा मोटर्स के 10 लाखवें वाहन की लॉन्चिंग उत्तर प्रदेश के औद्योगिक
विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
यह न केवल उत्पादन क्षमता को दर्शाता है बल्कि राज्य को
एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात हब बनाने की दिशा में मजबूत संकेत भी देता है।
