हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। एटा हाईवे पर तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना में कार सवार तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक मासूम बच्चे समेत चार लोग घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
रात करीब ढाई बजे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के मुताबिक हादसा सिकंदरा राव से करीब छह किलोमीटर आगे उमरावपुर गांव के पास हुआ। घटना रात लगभग 2:30 बजे की बताई जा रही है। कार नोएडा से बांगरमऊ की ओर जा रही थी। इसी दौरान वाहन चालक का कार पर नियंत्रण नहीं रहा और कार सड़क किनारे लगे इंडिकेटर बोर्ड को तोड़ते हुए पुलिया की साइड में जाकर पलट गई।
हादसा इतना गंभीर था कि कार में सवार लोगों को बाहर निकालने के लिए पुलिस को वाहन को सीधा कराना पड़ा। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हाईवे पर गश्त कर रही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायलों और कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कार्रवाई की।
कार में सवार थे सात लोग
बताया गया है कि दुर्घटना के समय कार में कुल सात लोग सवार थे। इनमें एक छोटा बच्चा भी शामिल था। हादसे में कार चालक राम जी, अवधेश और जगतपाल की मौत हो गई। राम जी बांगरमऊ, हरदोई के रहने वाले बताए गए हैं, जबकि अवधेश का संबंध आलापुर, मुरादाबाद से बताया गया है। जगतपाल की उम्र करीब 50 वर्ष बताई गई है और वह भी बांगरमऊ क्षेत्र के निवासी थे।
दुर्घटना में गोल्डी, राजीव, करीब ढाई वर्षीय नकश और माया घायल हुए हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हाथरस के बागला सिविल अस्पताल भेजा गया। हादसे में बच्चे के घायल होने की जानकारी सामने आने के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है।
गमी में शामिल होने जा रहे थे सभी लोग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार में सवार लोग नोएडा से बांगरमऊ जा रहे थे। बताया गया है कि उन्हें किसी परिजन की गमी में शामिल होना था। लेकिन रास्ते में हुए इस भीषण हादसे ने परिवार की यात्रा को मातम में बदल दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजनों में भी कोहराम मच गया।
पुलिस ने दुर्घटना के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही हाईवे पर मौजूद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने दुर्घटनाग्रस्त कार को सीधा करवाया और उसमें फंसे लोगों को बाहर निकाला। सभी घायलों और मृतकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद घायलों को बेहतर इलाज के लिए हाथरस भेजा गया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कार किस वजह से अनियंत्रित हुई।
शुरुआती तौर पर वाहन के नियंत्रण से बाहर होने की बात सामने आई है,
लेकिन दुर्घटना के कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
हाईवे पर रफ्तार बनी चिंता का विषय
हाथरस और आसपास के इलाकों में हाईवे पर होने वाली सड़क दुर्घटनाएं लगातार चिंता का विषय रही हैं।
रात के समय तेज रफ्तार, चालक की थकान, नींद, वाहन पर नियंत्रण खोना और
सड़क की परिस्थितियां दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा सकती हैं। ऐसे में हाईवे पर
वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन और पर्याप्त सावधानी बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार लंबी दूरी की यात्रा करने वाले चालकों को लगातार
कई घंटे वाहन चलाने से बचना चाहिए। रात में यात्रा के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर
दुर्घटना का कारण बन सकती है। यात्रियों को सीट बेल्ट का इस्तेमाल करना चाहिए
और चालक को वाहन की गति परिस्थितियों के अनुसार नियंत्रित रखनी चाहिए।
तीन परिवारों में पसरा मातम
हादसे में तीन लोगों की जान जाने से उनके परिवारों में मातम छा गया है। जिन लोगों की यात्रा
एक जरूरी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शुरू हुई थी, वह दर्दनाक हादसे में बदल गई।
वहीं चार घायलों के उपचार को लेकर परिजन अस्पताल पहुंचे हैं।
पुलिस की जांच के साथ अब घायलों की स्थिति और हादसे से जुड़े
अन्य तथ्यों पर भी नजर बनी हुई है। प्रशासन की ओर से भी दुर्घटना की
परिस्थितियों को लेकर आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।
निष्कर्ष
हाथरस के एटा हाईवे पर हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को
लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक ही कार में सवार सात लोगों की यात्रा में
तीन लोगों की जान चली गई, जबकि चार लोग घायल हो गए।
खास तौर पर रात के समय हाईवे पर वाहन चलाते हुए गति पर नियंत्रण, चालक की सतर्कता और
यातायात नियमों का पालन बेहद जरूरी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और
हादसे के पीछे की वास्तविक वजह सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी
read this post :गोरखपुर में नागपंचमी पर कुश्ती का महासंग्राम, 325 पहलवान दिखाएंगे दमखम; यूपी केसरी समेत तीन खिताबों पर नजर