देशभर में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के बीच लोगों ने अब पहाड़ों का रुख करना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। Uttarakhand और Himachal Pradesh के कई मशहूर हिल स्टेशनों में होटलों की बुकिंग पूरी तरह फुल हो चुकी है।
सप्ताहांत और छुट्टियों के चलते हजारों वाहन पहाड़ी सड़कों पर उतर आए हैं, जिससे कई जगह लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। पर्यटकों की बढ़ती भीड़ ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है।
मसूरी और नैनीताल में घंटों जाम,
Mussoorie, Nainital और Rishikesh जाने वाले मार्गों पर कई किलोमीटर लंबा जाम देखने को मिला। देहरादून से मसूरी जाने वाले रास्ते पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जहां कई पर्यटकों को 3 से 5 घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ा।
नैनीताल में पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह भर जाने के बाद प्रशासन को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। पुलिस और प्रशासन लगातार ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में जुटे हुए हैं।
शिमला और मनाली में रिकॉर्ड भीड़,
Shimla और Manali में भी भारी संख्या में पर्यटक पहुंचे हैं। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों से पहाड़ों की ओर जा रहे हैं।
मनाली-अटल टनल मार्ग और शिमला-कालका हाईवे पर लंबा जाम लग गया। होटल, रिसॉर्ट और होमस्टे लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं। प्रशासन ने पर्यटकों से यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट लेने की अपील की है।
होटल कारोबारियों के चेहरे खिले,
पर्यटकों की रिकॉर्ड भीड़ से होटल और पर्यटन कारोबार को बड़ा फायदा मिल रहा है। कोरोना काल के बाद पर्यटन उद्योग में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।
स्थानीय दुकानदार, टैक्सी चालक, होटल मालिक और रेस्टोरेंट संचालक इस भीड़ से काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
कई पर्यटन स्थलों पर होटल किराए में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
ट्रैफिक व्यवस्था बनी बड़ी चुनौती,
पहाड़ी क्षेत्रों की संकरी सड़कों और सीमित पार्किंग व्यवस्था के कारण प्रशासन को
ट्रैफिक संभालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
कई जगहों पर वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू किया गया है।
ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
प्रशासन लगातार लोगों से भीड़भाड़ वाले समय में यात्रा से बचने की अपील कर रहा है।
पर्यावरण पर भी बढ़ रहा दबाव,
विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक बढ़ती पर्यटक संख्या का असर पर्यावरण पर भी पड़ रहा है। प्लास्टिक कचरा,
पानी की बढ़ती खपत और वाहनों से निकलने वाला धुआं पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता को प्रभावित कर रहा है।
पर्यावरणविदों ने नियंत्रित पर्यटन नीति लागू करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी,
Uttarakhand और Himachal Pradesh प्रशासन ने पर्यटकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।
लोगों को मौसम और ट्रैफिक अपडेट देखकर यात्रा करने की सलाह दी गई है।
इसके साथ ही ऑनलाइन होटल बुकिंग और पार्किंग की जानकारी पहले से लेने को कहा गया है
ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।,
गर्मी से राहत पाने के लिए पहाड़ों की ओर बढ़ती भीड़ ने पर्यटन कारोबार को नई रफ्तार दी है,
लेकिन इसके साथ ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था जैसी चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।
यदि आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या इसी तरह बढ़ती रही तो
प्रशासन को और सख्त इंतजाम करने पड़ सकते हैं।
पहाड़ों की खूबसूरती बनाए रखने के लिए पर्यटकों और प्रशासन दोनों को जिम्मेदारी से काम करना होगा।