पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा: कुशीनगर में 11 परियोजनाओं को मिली मंजूरी, विकास को नई रफ्तार

उत्तर प्रदेश के Kushinagar जनपद में पर्यटन विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जिले में 11 प्रमुख परियोजनाओं के लिए लगभग 6.94 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का व्यापक विकास किया जाएगा।

डीएम की पहल से तेज होगा विकास

जिलाधिकारी Mahendra Singh Tanwar ने बताया कि यह पहल जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी मददगार साबित होगी।

परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था के रूप में CNDS को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष फोकस

इन परियोजनाओं में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के प्रमुख धार्मिक स्थलों को विकसित किया जाएगा:

रामकोला क्षेत्र के गुरु गोरक्षपीठ स्थित राम जानकी मंदिर के लिए 73 लाख रुपये
हाटा के श्री राम जानकी मंदिर के लिए 67 लाख रुपये
फाजिलनगर के शंकर जी मंदिर के लिए 58 लाख रुपये

इन कार्यों से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

घाट और अन्य स्थलों का भी होगा विकास

पडरौना क्षेत्र के बांसी नदी घाट के विकास के लिए 60 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

तमकुहीराज के घूरपट्टी स्थित राम जानकी मंदिर और खड्डा क्षेत्र के हड़ावा मंदिर के लिए 82-82 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

अन्य प्रमुख परियोजनाएं

कोक माता भुवनेश्वरी देवी मंदिर के विकास के लिए 65 लाख रुपये
पडरौना के रामघाट और अन्य स्थानों पर

बहुउद्देशीय हाल निर्माण के लिए 55 और 59 लाख रुपये
हाटा क्षेत्र के कर्महा स्थित प्राचीन

नाथ संप्रदाय मंदिर के लिए 38 लाख रुपये
रामकोला के सौतही मनी ताल के

विकास के लिए 55 लाख रुपये

ये सभी परियोजनाएं पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय सुविधाओं को भी बेहतर बनाएंगी।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा

पर्यटन परियोजनाओं के शुरू होने से स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन और छोटे व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा।

इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।

कुशीनगर में पर्यटन विकास के लिए उठाया गया यह कदम जिले को

नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास से न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी,

बल्कि स्थानीय लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।