राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर: गोला थाना क्षेत्र के जानीपुर (भुवहिया) में आयोजित स्व. गोविंद प्रसाद केवट कबड्डी प्रतियोगिता का मंगलवार को रोमांचक फाइनल मुकाबले के साथ समापन हुआ। खिताबी मुकाबले में झझवापार और विरती की टीमों के बीच जोरदार संघर्ष देखने को मिला। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी। अंततः झझवापार ने विरती को शिकस्त देकर प्रतियोगिता की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
फाइनल मैच देखने के लिए जानीपुर सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और खेल प्रेमी मैदान में पहुंचे थे। खिलाड़ियों की शानदार रेड, मजबूत डिफेंस और बेहतरीन दांव-पेंच ने दर्शकों को पूरे मुकाबले के दौरान बांधे रखा।
झझवापार ने जीता खिताब, विरती बनी उपविजेता
फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच शुरुआत से ही कड़ी प्रतिस्पर्धा रही। झझवापार के खिलाड़ियों ने अहम मौकों पर बेहतर तालमेल और रणनीति का प्रदर्शन किया। विरती की टीम ने भी मुकाबले में लगातार वापसी का प्रयास किया और खिलाड़ियों ने पूरा दमखम दिखाया।
मुकाबला आगे बढ़ने के साथ दोनों टीमों के बीच संघर्ष और तेज होता गया। अंत में झझवापार की टीम अपनी बढ़त कायम रखने में सफल रही और विजेता का खिताब अपने नाम कर लिया।
झझवापार की जीत के बाद टीम के खिलाड़ियों और समर्थकों में खुशी का माहौल देखने को मिला। वहीं विरती की टीम को उपविजेता के रूप में सम्मानित किया गया।
विजेता टीम को मिली हीरो की गाड़ी और ट्रॉफी
प्रतियोगिता के समापन समारोह में भीम आर्मी बांसगांव के प्रभारी हर्ष प्रियदर्शी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने दोनों टीमों के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं।
पुरस्कार वितरण के दौरान विजेता झझवापार की टीम को हीरो की गाड़ी और ट्रॉफी प्रदान की गई। वहीं उपविजेता विरती की टीम को इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों में उत्साह और खुशी का माहौल रहा।
ग्रामीण युवाओं को खेलों से जोड़ने पर जोर
मुख्य अतिथि हर्ष प्रियदर्शी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाली खेल
प्रतियोगिताएं स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का
महत्वपूर्ण अवसर देती हैं। कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल युवाओं में अनुशासन,
टीम भावना, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने में मदद करते हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में प्रतिभावान खिलाड़ियों की कमी नहीं है।
आवश्यकता है कि उन्हें सही मंच और पर्याप्त प्रोत्साहन मिलता रहे।
उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी टीमों और खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने यह भी कहा कि खेल में जीत और हार दोनों का अपना महत्व है।
लगातार अभ्यास, मेहनत और खेल के प्रति समर्पण ही खिलाड़ियों को भविष्य में आगे बढ़ने में मदद करता है।
आयोजन मंडल ने सभी सहयोगियों का जताया आभार
प्रतियोगिता के सफल आयोजन और समापन पर आयोजन मंडल ने खिलाड़ियों, निर्णायकों,
दर्शकों और प्रतियोगिता को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया।
आयोजकों ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर ऐसे खेल आयोजनों से युवाओं को
सकारात्मक दिशा मिलती है। साथ ही स्थानीय स्तर पर छिपी खेल
प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर भी मिलता है।
आयोजन में ये लोग रहे मौजूद
समापन समारोह के दौरान आयोजन मंडल से जुड़े शुभम निषाद, प्रदीप निषाद,
सचिन निषाद, अंकित, अमित यादव, रौनक और डॉ. संतोष निषाद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
रोमांचक मुकाबले के साथ यादगार बना आयोजन
स्व. गोविंद प्रसाद केवट की स्मृति में आयोजित इस कबड्डी प्रतियोगिता में शुरुआत से लेकर
फाइनल तक खिलाड़ियों का उत्साह और दर्शकों का जोश देखने को मिला। निर्णायक
मुकाबले में झझवापार ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए खिताब पर कब्जा जमाया।
हीरो की गाड़ी और ट्रॉफी के साथ झझवापार की जीत तथा इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी के
साथ विरती का उपविजेता बनना प्रतियोगिता का खास आकर्षण रहा। आयोजन ने ग्रामीण क्षेत्र में खेल
प्रतिभाओं को मंच देने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने का संदेश भी दिया।
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