उत्तर प्रदेश के कानपुर में बीएसएफ कांस्टेबल (मिनिस्ट्रियल) भर्ती परीक्षा के दौरान बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए पेपर लीक होने का आरोप लगाया। चकेरी थाना क्षेत्र के श्याम नगर स्थित एमडी इन्फोटेक परीक्षा केंद्र पर तकनीकी दिक्कतों के बाद परीक्षार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते केंद्र पर हंगामा और तोड़फोड़ शुरू हो गई।
स्थिति बिगड़ने के बाद कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन और बीएसएफ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया। अब इस केंद्र पर परीक्षा 18 सितंबर 2026 को दोबारा कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
आखिर परीक्षा केंद्र पर क्या हुआ?
रिपोर्ट के अनुसार, पहली पाली में परीक्षा शुरू होने के बाद अभ्यर्थियों को करीब 40 मिनट तक सिस्टम संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई कंप्यूटरों में सिस्टम शुरू होने के बावजूद कीबोर्ड और माउस काम नहीं कर रहे थे। इसी दौरान परीक्षा केंद्र में बिजली और पंखों की व्यवस्था को लेकर भी परीक्षार्थियों ने शिकायत की।
अभ्यर्थियों का कहना था कि परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया के दौरान तकनीकी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं थीं। परेशान परीक्षार्थियों को जब अपनी समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं मिला तो नाराजगी बढ़ती चली गई।
पेपर लीक का भी लगाया आरोप
हंगामे के बीच कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा का पेपर लीक होने का आरोप लगाया। इसके अलावा केंद्र पर परीक्षार्थियों की जांच और प्रवेश प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए। हालांकि, पेपर वास्तव में लीक हुआ था या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
यही वजह है कि इस मामले में पेपर लीक को फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। परीक्षा व्यवस्था में हुई कथित अनियमितताओं की जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
गुस्साए छात्रों ने सिस्टम में की तोड़फोड़
लगातार बढ़ती अव्यवस्था के बीच कुछ आक्रोशित परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्र के कंप्यूटर सिस्टम को नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट के मुताबिक कीबोर्ड और सीपीयू समेत अन्य उपकरणों में तोड़फोड़ की गई।
हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की। हालात को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची
प्रदर्शन और हंगामे की सूचना पर एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह और एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार सिंह समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। चकेरी, कैंट, जाजमऊ, नौबस्ता और रेलबाजार थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया।
अभ्यर्थी परीक्षा की नई तारीख की आधिकारिक घोषणा की मांग पर अड़े हुए थे। उनका कहना था कि जब तक परीक्षा की अगली तारीख स्पष्ट नहीं की जाती, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे।
18 सितंबर को होगी दोबारा परीक्षा
लगातार बढ़ते तनाव के बीच पुलिस कमिश्नर ने बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी एडीजी मकरंद देवेशकर से संपर्क किया। इसके बाद परीक्षा को रद्द कर नई तारीख घोषित की गई। अब प्रभावित अभ्यर्थियों की परीक्षा 18 सितंबर को कराए जाने की जानकारी दी गई है।
इस फैसले के बाद मौके पर मौजूद अभ्यर्थियों को कुछ राहत मिली, हालांकि परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं और कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल अभी भी बने हुए हैं।
परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
इस घटना ने ऑनलाइन भर्ती परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों की तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अभ्यर्थियों की शिकायतों में कंप्यूटर सिस्टम, बिजली, पंखे और प्रवेश के दौरान जांच जैसी व्यवस्थाएं प्रमुख रहीं।
मौके पर पहुंचीं एसीएम-2 कैंट शिखा शुक्ला ने भी केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई और ऐसे लापरवाह परीक्षा केंद्रों को ब्लैकलिस्ट किए जाने की जरूरत बताई।
उन्होंने मामले की विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपने की बात कही।
जयपुर समेत अन्य केंद्रों पर भी गड़बड़ी की चर्चा
कानपुर की घटना के बीच राजस्थान और जयपुर के कुछ परीक्षा केंद्रों पर भी इसी तरह की
समस्याओं की खबरें सामने आने का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है।
ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि वे परीक्षा की नई तारीख, केंद्र और
प्रवेश पत्र से जुड़ी जानकारी केवल बीएसएफ के आधिकारिक माध्यमों से ही प्राप्त करें।
अभ्यर्थियों के लिए क्या है जरूरी?
- 18 सितंबर की परीक्षा की आधिकारिक सूचना जरूर जांचें।
- नया एडमिट कार्ड जारी होने पर उसे डाउनलोड करें।
- परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग टाइम में किसी बदलाव को नजरअंदाज न करें।
- पेपर लीक से जुड़े अपुष्ट संदेशों और सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें।
- किसी भी अनियमितता की स्थिति में संबंधित परीक्षा प्राधिकरण को शिकायत दर्ज कराएं।
मुख्य बातें
- कानपुर के श्याम नगर स्थित एमडी इन्फोटेक केंद्र पर BSF परीक्षा के दौरान हंगामा।
- अभ्यर्थियों ने पेपर लीक और तकनीकी अव्यवस्था के आरोप लगाए।
- करीब 40 मिनट तक सिस्टम संबंधी परेशानी की शिकायत।
- गुस्साए अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र के उपकरणों में तोड़फोड़ की।
- कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची।
- परीक्षा रद्द कर दी गई।
- अब 18 सितंबर को परीक्षा दोबारा कराने की जानकारी सामने आई है।
- पेपर लीक का आरोप फिलहाल जांच का विषय है।
FAQ: BSF परीक्षा विवाद से जुड़े सवाल
1. कानपुर में BSF परीक्षा को लेकर विवाद क्यों हुआ?
परीक्षार्थियों ने तकनीकी खराबी, परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं और पेपर लीक होने के आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
2. परीक्षा कहां आयोजित की गई थी?
परीक्षा कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के श्याम नगर स्थित एमडी इन्फोटेक केंद्र पर आयोजित की गई थी।
3. क्या BSF का पेपर वास्तव में लीक हुआ था?
अभ्यर्थियों ने पेपर लीक का आरोप लगाया है। इसकी वास्तविक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
4. परीक्षा क्यों रद्द की गई?
केंद्र पर तकनीकी समस्याओं और भारी हंगामे के बाद प्रशासन तथा बीएसएफ अधिकारियों के हस्तक्षेप से परीक्षा रद्द की गई।
5. अब परीक्षा कब होगी?
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार प्रभावित परीक्षा 18 सितंबर 2026 को दोबारा कराई जाएगी।
6. क्या परीक्षा केंद्र पर पुलिस पहुंची थी?
हां, हंगामे के बाद कई थानों से पुलिस बल मौके पर बुलाया गया था।
7. क्या परीक्षा केंद्र में तोड़फोड़ हुई?
रिपोर्ट के अनुसार आक्रोशित अभ्यर्थियों ने कंप्यूटर सिस्टम के कुछ उपकरणों में तोड़फोड़ की।
8. अभ्यर्थियों ने किन समस्याओं की शिकायत की?
अभ्यर्थियों ने सिस्टम बंद रहने, कीबोर्ड-माउस के काम नहीं करने,
बिजली और पंखों की समस्या तथा प्रवेश प्रक्रिया को लेकर शिकायतें कीं।
9. अभ्यर्थी नई परीक्षा की जानकारी कहां से लें?
अभ्यर्थियों को परीक्षा की तारीख, एडमिट कार्ड और केंद्र संबंधी
जानकारी के लिए बीएसएफ के आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करना चाहिए
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