रेलवे स्टेशन और आश्रय गृह के पास से हुई बरामदगी
गोरखपुर के राजघाट स्थित राजकीय मानसिक मंदित आश्रय गृह यानी एमआर होम से मंगलवार देर रात फरार हुए चार संवासियों में से तीन को पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस के अनुसार रवि को गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पास से बरामद किया गया, जबकि बबलू और सोमारू आश्रय गृह के आसपास ही मिले। चौथे युवक आजम उर्फ आलम की तलाश अभी जारी है।
पुलिस और प्रशासन की टीमों ने फरार युवकों की तलाश के लिए अलग-अलग स्थानों पर अभियान चलाया था। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई गई थी।
पूछताछ में युवकों ने बताई भागने की वजह
पकड़े गए युवकों से पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि वे खुद को स्वस्थ मानते हैं और अब आश्रय गृह में नहीं रहना चाहते। उनके मुताबिक उन्होंने अधिकारियों से कई बार बाहर भेजने की बात कही थी, लेकिन जब उन्हें वहां से नहीं भेजा गया तो उन्होंने खुद बाहर निकलने का फैसला किया।
हालांकि, युवकों के इस बयान की प्रशासनिक स्तर पर जांच की जा रही है। उनके आश्रय गृह से बाहर निकलने की परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक को लेकर भी पुलिस पड़ताल कर रही है।
16 CCTV और आठ फीट की दीवार के बावजूद कैसे भागे?
घटना ने एमआर होम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिसर और आसपास के हिस्सों में करीब 16 सीसीटीवी कैमरे लगे होने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद युवकों ने मुख्य गेट पर लगे कैमरे का तार काट दिया और इसके बाद मौका देखकर बाहर निकल गए।
आश्रय गृह की दीवार करीब आठ फीट ऊंची बताई गई है। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि चारों युवक दीवार फांदने के बजाय मुख्य गेट से बाहर निकले।
ड्यूटी पर तैनात गार्ड के सोने की बात सामने आई
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना के समय मुख्य गेट की सुरक्षा में तैनात गार्ड के सो जाने का फायदा युवकों ने उठाया। कैमरे का तार पहले खराब किए जाने और उसके बाद मुख्य गेट से निकलने की बात सामने आई है।
इस घटनाक्रम ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि इतनी संवेदनशील जगह पर सुरक्षा ड्यूटी के दौरान निगरानी में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।
एमआर होम में रहते हैं 48 संवासी
राजघाट स्थित एमआर होम में वर्तमान में करीब 48 संवासियों के रहने की जानकारी दी गई है। इनकी सुरक्षा के लिए तीन गार्ड तैनात रहते हैं और उनकी आठ-आठ घंटे की शिफ्ट निर्धारित है।
चार युवकों के एक साथ परिसर से निकल जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि सीसीटीवी कैमरे का तार किस तरह काटा गया और घटना के दौरान अन्य कर्मचारियों की भूमिका क्या रही।
भागने वालों में तीन युवक लंबे समय से रह रहे थे
पुलिस के अनुसार फरार हुए युवकों में रवि की उम्र 22 वर्ष, आजम की 19 वर्ष, बबलू की 23 वर्ष और सोमारू की उम्र 19 वर्ष बताई गई है।
रवि, आजम और बबलू को वर्ष 2014 में लखनऊ स्थित बाल सुधार गृह से एमआर होम भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं सोमारू जून 2025 में आश्रय गृह आया था।
लंबे समय से परिसर के आसपास रहने वाले लोगों से भी पुलिस जानकारी जुटा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवकों ने भागने की योजना पहले से बनाई थी या अचानक मौका मिलने पर बाहर निकले।
चौथे युवक आजम की तलाश जारी
तीन युवकों के मिलने के बाद पुलिस की प्राथमिकता अब चौथे युवक आजम उर्फ
आलम को तलाशना है। पुलिस संभावित ठिकानों के साथ-साथ रेलवे स्टेशन,
बस अड्डे और शहर के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी निगरानी कर रही है।
पुलिस CCTV फुटेज की मदद से युवकों की आवाजाही और उनके संभावित रास्तों का पता लगाने में जुटी है।
सुरक्षा व्यवस्था की जांच भी होगी
घटना के बाद अधिकारियों ने आश्रय गृह की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि मुख्य गेट पर लगे कैमरे का तार कब और
कैसे काटा गया तथा ड्यूटी के दौरान सुरक्षा में किस स्तर पर लापरवाही हुई।
इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए CCTV,
मुख्य गेट, गार्ड ड्यूटी और निगरानी व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाने की जरूरत है।
रात में पहले ही बंद किया गया मुख्य गेट
घटना के बाद एहतियाती कदम उठाते हुए एमआर होम का मुख्य गेट सामान्य समय से पहले बंद करने की
व्यवस्था की गई। इससे परिसर में आने-जाने की गतिविधियों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा सके।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है।
मुख्य बातें
- गोरखपुर के राजघाट स्थित एमआर होम से चार युवक फरार हुए थे।
- पुलिस ने तीन युवकों को बरामद कर लिया है।
- रवि रेलवे स्टेशन के पास मिला।
- बबलू और सोमारू आश्रय गृह के आसपास मिले।
- आजम उर्फ आलम की तलाश अभी जारी है।
- युवकों ने आश्रय गृह में नहीं रहने की इच्छा जताई।
- मुख्य गेट के CCTV कैमरे का तार काटने की बात सामने आई है।
- घटना के समय सुरक्षा ड्यूटी में लापरवाही की जांच की जा रही है।
- एमआर होम में करीब 48 संवासियों के रहने की जानकारी है।
FAQ
गोरखपुर एमआर होम से कितने युवक भागे थे?
एमआर होम से चार युवक फरार हुए थे, जिनमें से तीन को पुलिस ने पकड़ लिया है।
कितने युवक अभी नहीं मिले हैं?
एक युवक आजम उर्फ आलम की तलाश अभी जारी है।
तीनों युवकों को कहां से पकड़ा गया?
रवि को रेलवे स्टेशन के पास से, जबकि बबलू और सोमारू को आश्रय गृह के आसपास से पकड़ा गया।
युवकों ने आश्रय गृह से भागने की क्या वजह बताई?
पूछताछ में उन्होंने खुद को स्वस्थ बताते हुए कहा कि वे आश्रय गृह में नहीं रहना चाहते थे और
अधिकारियों से बाहर भेजने का अनुरोध कर चुके थे।
क्या CCTV कैमरे लगे हुए थे?
हां, परिसर में करीब 16 CCTV कैमरे लगे होने की जानकारी सामने आई है।
युवक बाहर कैसे निकले?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मुख्य गेट के CCTV कैमरे का तार काटने के बाद वे गेट से बाहर निकले।
क्या सुरक्षा गार्ड की लापरवाही सामने आई है?
घटना के समय ड्यूटी पर तैनात गार्ड के सोने की बात सामने आई है।
इसकी जिम्मेदारी और परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
एमआर होम में कितने लोग रहते हैं?
आश्रय गृह में करीब 48 संवासियों के रहने की जानकारी है।
क्या पुलिस ने चौथे युवक की तलाश बंद कर दी है?
नहीं। आजम उर्फ आलम की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
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