कुशीनगर में होगा राष्ट्रीय स्तर का भव्य आयोजन
उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक एवं बौद्ध धर्म की पवित्र स्थली कुशीनगर में 12 एवं 13 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा का चौथा राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। दो दिवसीय यह आयोजन म्यांमार वर्मी बुद्ध विहार, कुशीनगर नगर में प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से शुरू होगा। अधिवेशन का उद्देश्य सामाजिक न्याय, समानता, शिक्षा, संविधान के मूल्यों और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है।
देशभर से जुटेंगे प्रतिनिधि और समाजसेवी
अधिवेशन में उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, शिक्षाविद, बुद्धिजीवी, युवा और महिला प्रतिनिधि बड़ी संख्या में भाग लेंगे। सम्मेलन के दौरान संगठन को मजबूत बनाने, सामाजिक समरसता बढ़ाने और समाज के वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।
बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर
आयोजन का मुख्य उद्देश्य संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों, सिद्धांतों और सामाजिक दर्शन को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। सम्मेलन में शिक्षा, सामाजिक समानता, आर्थिक सशक्तिकरण, युवाओं की भूमिका और संवैधानिक अधिकारों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इन महत्वपूर्ण विषयों पर होगी चर्चा
दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में सामाजिक न्याय, आरक्षण, शिक्षा का अधिकार, महिला सशक्तिकरण, युवाओं की भागीदारी, संविधान की मूल भावना, संगठन विस्तार और सामाजिक चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। प्रतिभागियों को विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर मार्गदर्शन भी मिलेगा।
कुशीनगर का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व
भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर विश्वभर में शांति, करुणा और मानवता के संदेश के लिए प्रसिद्ध है। ऐसे ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थल पर राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों को नई ऊर्जा देने वाला माना जा रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किया सहभागिता का आह्वान
राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद भारती (एडवोकेट) ने देशभर के सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में अधिवेशन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सामाजिक परिवर्तन और संगठन की मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सुबह 9 बजे से शुरू होगा कार्यक्रम
दोनों दिनों का कार्यक्रम प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से शुरू होगा। आयोजन स्थल पर प्रतिभागियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आने वाले प्रतिनिधियों को अपने विचार साझा करने और संगठन की भविष्य की रणनीति पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा।
सामाजिक एकता और संविधान जागरूकता का संदेश
राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा का यह अधिवेशन केवल संगठनात्मक बैठक नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, समानता, भाईचारे और संविधान के प्रति जनचेतना को मजबूत करने का अभियान भी होगा। आयोजन के माध्यम से बाबा साहेब के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
निष्कर्ष
कुशीनगर में आयोजित होने वाला राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा का चौथा राष्ट्रीय अधिवेशन सामाजिक न्याय,
संविधान और समानता के मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है।
देशभर से आने वाले प्रतिनिधियों की सहभागिता इस सम्मेलन को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान देगी।
FAQ
Q1. राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा का चौथा राष्ट्रीय अधिवेशन कब होगा?
उत्तर: यह अधिवेशन 12 और 13 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।
Q2. अधिवेशन का आयोजन कहां होगा?
उत्तर: कार्यक्रम म्यांमार वर्मी बुद्ध विहार, कुशीनगर नगर (उत्तर प्रदेश) में आयोजित होगा।
Q3. कार्यक्रम किस समय शुरू होगा?
उत्तर: दोनों दिन कार्यक्रम सुबह 9:00 बजे से प्रारंभ होगा।
Q4. अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: सामाजिक न्याय, समानता, शिक्षा, संविधान के मूल्यों और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना।
Q5. इस अधिवेशन में कौन-कौन भाग लेगा?
उत्तर: देशभर से सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, शिक्षाविद, बुद्धिजीवी, युवा, महिला प्रतिनिधि और राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा के पदाधिकारी शामिल होंगे।
Q6. राष्ट्रीय अध्यक्ष ने क्या अपील की है?
उत्तर: राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद भारती (एडवोकेट) ने सभी सामाजिक संगठनों,
युवाओं और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में अधिवेशन में भाग लेने की अपील की है।
मो.: 99849 79796
read this post :गोला तहसील के नवागत एसडीएम मनीष कुमार ने संभाला कार्यभार, जनता को बेहतर प्रशासन का दिया भरोसा