तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की बढ़ीं मुश्किलें! मद्रास हाईकोर्ट में पेरंबूर सीट की जीत को चुनौती, चार चुनाव याचिकाएं दाखिल

मुख्यमंत्री विजय की जीत पर कानूनी चुनौती

तमिलनाडु की राजनीति में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के संस्थापक विजय की पेरंबूर विधानसभा सीट से हुई जीत को मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस संबंध में कुल चार चुनाव याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनके बाद मामला न्यायिक जांच के दायरे में आ गया है।

हालांकि, केवल चुनाव याचिका दाखिल होने से किसी निर्वाचित प्रतिनिधि का पद स्वतः समाप्त नहीं होता। जब तक अदालत सुनवाई के बाद चुनाव को निरस्त नहीं करती, तब तक विजय मुख्यमंत्री और विधायक के रूप में अपने पद पर बने रहेंगे।

किसने दायर की हैं चार चुनाव याचिकाएं?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चार याचिकाओं में दो विपक्षी उम्मीदवारों और दो मतदाताओं ने विजय की पेरंबूर सीट से हुई जीत को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं में डीएमके के उम्मीदवार आर. डी. शेखर और एस. इनिगो इरुदयराज के अलावा दो मतदाता भी शामिल हैं।

इन याचिकाओं में चुनाव प्रक्रिया और परिणाम की वैधता की न्यायिक जांच की मांग की गई है। अब मद्रास हाईकोर्ट इन याचिकाओं की सुनवाई करेगा और तय करेगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी।

पेरंबूर सीट क्यों बनी चर्चा का केंद्र?

विजय ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पहली बार चुनाव लड़ते हुए पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट—दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने पेरंबूर सीट अपने पास रखी और दूसरी सीट से इस्तीफा दे दिया।

पेरंबूर सीट पर विजय ने 53 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। यही कारण है कि यह सीट चुनाव परिणाम के बाद भी लगातार राजनीतिक और कानूनी चर्चा का विषय बनी हुई है।

चुनाव याचिका का क्या असर होगा?

विशेषज्ञों के अनुसार, चुनाव याचिका दायर होने का अर्थ यह नहीं है कि चुनाव स्वतः रद्द हो गया। भारतीय कानून के तहत चुनाव परिणाम तब तक प्रभावी रहता है,

जब तक संबंधित हाईकोर्ट विस्तृत सुनवाई के बाद उसे निरस्त न कर दे।

यदि अदालत को चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता मिलती है, तभी चुनाव को

अमान्य घोषित किया जा सकता है। अन्यथा निर्वाचित उम्मीदवार अपने पद पर बने रहते हैं।

इसलिए फिलहाल मुख्यमंत्री विजय की संवैधानिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

तमिलनाडु की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर?

मुख्यमंत्री विजय की सरकार बनने के बाद यह पहला बड़ा कानूनी मामला माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मामले की सुनवाई पर पूरे राज्य की नजर रहेगी।

हालांकि अदालत की प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

फिलहाल यह मामला केवल न्यायिक विचाराधीन है और

अंतिम फैसला मद्रास हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद ही आएगा।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की पेरंबूर सीट को चुनौती देने वाली चार चुनाव याचिकाओं ने राज्य की

राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि याचिका दाखिल होना और चुनाव

रद्द होना दोनों अलग-अलग बातें हैं। अंतिम निर्णय मद्रास हाईकोर्ट की सुनवाई और

उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा। तब तक विजय अपने पद पर बने रहेंगे।

FAQ

प्रश्न 1. मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ कितनी चुनाव याचिकाएं दायर हुई हैं?
उत्तर: पेरंबूर विधानसभा सीट की जीत को चुनौती देते हुए चार चुनाव याचिकाएं दायर की गई हैं।

प्रश्न 2. क्या इन याचिकाओं के बाद विजय मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे?
उत्तर: नहीं। केवल याचिका दाखिल होने से उनका पद प्रभावित नहीं होता।

अदालत के अंतिम निर्णय तक वे पद पर बने रहेंगे।

प्रश्न 3. यह मामला किस अदालत में पहुंचा है?
उत्तर: मद्रास हाईकोर्ट में।

प्रश्न 4. अदालत अब क्या करेगी?
उत्तर: हाईकोर्ट याचिकाओं की सुनवाई करेगा और दोनों पक्षों की दलीलों एवं साक्ष्यों के आधार पर निर्णय देगा।

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