लखनऊ में मिठाई कारखाने पर छापा: बर्फी के घोल में मरी मक्खी, मिठाइयों पर गोबर के छींटे; गंदगी देख टीम हैरान

लखनऊ में मिठाई कारखाने में मिली गंदगी ने खड़े किए गंभीर सवाल

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के काकोरी क्षेत्र के हरदोईया लालनगर में एक मशहूर मिठाई प्रतिष्ठान के कारखाने में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम के निरीक्षण के दौरान कथित तौर पर बेहद खराब स्वच्छता व्यवस्था सामने आई। निरीक्षण के दौरान अधनिर्मित खाद्य पदार्थ के घोल में मरी हुई मक्खी, मिठाइयों के आसपास मृत मक्खियां, गंदे ड्रम और खाद्य सामग्री पर गोबर के छींटे मिलने की जानकारी सामने आई है। कारखाने के आसपास बड़ी संख्या में भैंसें मौजूद होने और तेज दुर्गंध की बात भी सामने आई।

मामला सामने आने के बाद खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और निर्माण प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने संदिग्ध सामग्री को मौके पर निष्क्रिय कराने के साथ खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। अब प्रयोगशाला रिपोर्ट से आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

काकोरी के मिठाई कारखाने में निरीक्षण के दौरान मिली गंदगी

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने हरदोईया लालनगर स्थित मिठाई कारखाने का निरीक्षण किया। बताया गया कि कारखाने के आसपास करीब 40 से 50 भैंसें मौजूद थीं। पशुओं की मौजूदगी वाले क्षेत्र और खाद्य निर्माण स्थल के आसपास गंदगी मिलने की बात सामने आई।

निरीक्षण के दौरान अधनिर्मित खाद्य पदार्थ के घोल पर कथित तौर पर गोबर के छींटे भी पाए गए। इसके अलावा खाद्य सामग्री रखने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे ड्रम और आसपास का क्षेत्र भी साफ-सफाई के लिहाज से संतोषजनक नहीं पाया गया।

बर्फी के घोल में मिली मरी हुई मक्खी

निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली जानकारी अधनिर्मित खाद्य पदार्थ के घोल में मरी हुई मक्खी मिलने से जुड़ी है। मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थ में किसी बाहरी पदार्थ या कीट का पाया जाना स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

मिठाइयां सीधे उपभोक्ताओं के खाने के लिए तैयार की जाती हैं। ऐसे में निर्माण प्रक्रिया के दौरान खाद्य सामग्री को मक्खियों, धूल, गंदगी और अन्य संभावित दूषित तत्वों से सुरक्षित रखना बेहद जरूरी होता है।

हालांकि किसी खाद्य पदार्थ से वास्तविक स्वास्थ्य जोखिम जुड़ा है या नहीं, इसका अंतिम निर्धारण केवल वैज्ञानिक प्रयोगशाला जांच के बाद ही किया जा सकता है।

मिठाइयों पर भी मृत मक्खियां मिलने की जानकारी

निरीक्षण के दौरान मिठाइयों के आसपास बड़ी संख्या में मरी हुई मक्खियां मिलने की बात सामने आई। यदि खाद्य पदार्थ खुले में रखे हों और उनके आसपास मक्खियों की मौजूदगी हो तो खाद्य स्वच्छता को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

खोया, दूध, बर्फी, पेड़ा और अन्य दुग्ध उत्पादों से बनी मिठाइयों को तैयार करने तथा सुरक्षित रखने के दौरान विशेष स्वच्छता और उचित भंडारण व्यवस्था की जरूरत होती है।

खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री को ढककर रखना, साफ बर्तनों का इस्तेमाल करना और निर्माण क्षेत्र को कीटों तथा गंदगी से सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है।

खाद्य सामग्री पर गोबर के छींटे मिलने से बढ़ी चिंता

कारखाने में अधनिर्मित खाद्य पदार्थ के घोल पर गोबर के छींटे मिलने की जानकारी ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

खाद्य निर्माण क्षेत्र और पशुओं के स्थान के बीच पर्याप्त दूरी होना जरूरी है। पशुओं, अपशिष्ट और खाद्य सामग्री को अलग-अलग रखने के लिए उचित व्यवस्था नहीं होने पर खाद्य पदार्थ के दूषित होने की आशंका बढ़ सकती है।

इस तरह की परिस्थितियां खाद्य कारोबार में स्वच्छता मानकों के पालन की आवश्यकता को सामने लाती हैं।

गंदे ड्रम और तेज दुर्गंध ने भी उठाए सवाल

निरीक्षण के दौरान गंदे ड्रम और अन्य अस्वच्छ परिस्थितियां मिलने की बात कही गई है। खाद्य पदार्थों के निर्माण और भंडारण में इस्तेमाल होने वाले बर्तन, ड्रम और उपकरणों की नियमित सफाई जरूरी होती है।

कारखाने में तेज दुर्गंध होने की जानकारी भी सामने आई। खाद्य निर्माण स्थल पर दुर्गंध, कचरा और गंदगी पाए जाने से स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने लिए नमूने

निरीक्षण के बाद संदिग्ध खाद्य सामग्री को मौके पर निष्क्रिय कराने और खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

अब प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। रिपोर्ट से पता चलेगा कि संबंधित खाद्य नमूने निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।

यदि जांच में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो

संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

मशहूर मिठाई की दुकान पर भी जरूरी है निगरानी

यह घटना उपभोक्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करती है।

किसी दुकान की लोकप्रियता या लंबे समय से कारोबार करने का मतलब यह नहीं है कि

वहां हर समय खाद्य सुरक्षा के सभी मानकों का पालन हो रहा हो।

खाद्य पदार्थ की वास्तविक गुणवत्ता उसके निर्माण स्थल की स्वच्छता, कच्चे माल की गुणवत्ता,

भंडारण व्यवस्था और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन से तय होती है।

इसलिए उपभोक्ताओं को भी केवल प्रतिष्ठान की लोकप्रियता देखकर

खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं होना चाहिए।

त्योहारों से पहले खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच जरूरी

त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग काफी बढ़ जाती है। रक्षाबंधन, जन्माष्टमी,

दीपावली और अन्य त्योहारों के समय बड़ी संख्या में लोग मिठाइयां खरीदते हैं।

ऐसे समय में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिठाई की दुकानों,

कारखानों और खाद्य निर्माण इकाइयों का निरीक्षण और नमूना जांच विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाती है।

खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है कि वे निर्माण स्थल को साफ रखें,

खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से स्टोर करें और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करें।

मिठाई खरीदते समय ग्राहक इन बातों का रखें ध्यान

उपभोक्ताओं को मिठाई खरीदते समय भी कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।

  • मिठाई ढककर रखी गई है या नहीं, यह देखें।
  • दुकान और आसपास की साफ-सफाई पर ध्यान दें।
  • खाद्य पदार्थ के आसपास मक्खियां या अन्य कीट तो नहीं हैं, यह देखें।
  • पैक्ड मिठाई खरीदते समय लेबल और संबंधित तारीखों की जांच करें।
  • खराब गंध, असामान्य रंग या संदिग्ध स्थिति वाली मिठाई खरीदने से बचें।
  • किसी प्रतिष्ठान में गंभीर गंदगी दिखाई देने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत की जा सकती है।

जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी आगे की कार्रवाई

काकोरी के हरदोईया लालनगर स्थित कारखाने में निरीक्षण के दौरान सामने

आई कथित अनियमितताओं के बाद अब खाद्य नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार रहेगा।

जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि नमूनों में किसी प्रकार की

खाद्य सुरक्षा या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई गई है या नहीं। यदि नियमों का

उल्लंघन प्रमाणित होता है तो विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

सवाल सिर्फ एक मिठाई कारखाने का नहीं, उपभोक्ता सुरक्षा का है

यह मामला केवल एक प्रतिष्ठान तक सीमित नहीं है। खाद्य सुरक्षा का सवाल हर उस स्थान से जुड़ा है

जहां लोगों के खाने के लिए खाद्य पदार्थ तैयार किए जाते हैं।

मिठाइयां परिवार के हर वर्ग के लोग खाते हैं। इसलिए इनके निर्माण में स्वच्छता,

सुरक्षित भंडारण और गुणवत्तापूर्ण सामग्री का इस्तेमाल बेहद जरूरी है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की नियमित जांच से जहां नियमों का पालन

सुनिश्चित करने में मदद मिलती है, वहीं खाद्य कारोबारियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

निष्कर्ष

लखनऊ के काकोरी क्षेत्र के हरदोईया लालनगर स्थित मिठाई कारखाने में खाद्य सुरक्षा टीम के निरीक्षण के

दौरान कथित तौर पर मरी हुई मक्खी, मृत मक्खियां, गंदे ड्रम, खाद्य सामग्री पर गोबर के छींटे और

तेज दुर्गंध जैसी परिस्थितियां सामने आने की जानकारी है।

विभाग ने संदिग्ध सामग्री को निष्क्रिय कराने और खाद्य नमूने जांच के लिए

भेजने की कार्रवाई की है। अब प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

इस घटना से उपभोक्ताओं के लिए साफ संदेश है कि मिठाई खरीदते समय केवल दुकान की लोकप्रियता नहीं,

बल्कि स्वच्छता, खाद्य पदार्थ की स्थिति और सुरक्षित निर्माण व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए।

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