गोरखपुर में रोहिंग्या का शक: बहरामपुर में संदिग्धों की संख्या 200 के पार, अब आधार कार्ड का होगा सत्यापन

गोरखपुर। गोरखपुर के बहरामपुर इलाके में रोहिंग्या संदिग्धों की संख्या अब 200 के पार पहुंच गई है। 11 दिसंबर 2025 को पुलिस ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर छापेमारी की, जिसमें कई घरों से विदेशी दस्तावेज और आधार कार्ड बरामद हुए। अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने इन आधार कार्डों का सत्यापन शुरू कर दिया है। स्थानीय लोग डर के मारे हैं और प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। यह मामला गोरखपुर में बढ़ते बाहरी लोगों के प्रवेश और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है।

बहरामपुर में रोहिंग्या संदेह: 200+ संदिग्ध, आधार कार्ड सत्यापन शुरू

बहरामपुर इलाके की बस्तियों में पुलिस को सूचना मिली कि कई लोग रोहिंग्या या बांग्लादेशी हैं। 11 दिसंबर की सुबह पुलिस ने 50+ घरों की तलाशी ली। जांच में:

  • 200 से ज्यादा लोगों के पास असम, बांग्लादेश या म्यांमार के आधार कार्ड मिले।
  • कई लोगों के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं था।
  • कुछ ने बताया कि वे मजदूरी के लिए आए हैं, लेकिन स्थानीय लोग कहते हैं कि ये “अवैध प्रवासी” हैं।

पुलिस ने 15 लोगों को हिरासत में लिया और आधार कार्डों का सत्यापन शुरू कर दिया। थाना प्रभारी ने कहा, “सभी आधार कार्डों की जांच हो रही है। फर्जी मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।”

पुलिस की जांच: विदेशी दस्तावेज और फर्जी आधार

*पुलिस ने बरामद दस्तावेजों की जांच की तो पता चला:

  • आधार कार्ड असम, बंगाल या बांग्लादेश के हैं।
  • कुछ लोगों का कोई स्थानीय पता नहीं।
  • संदेह: ये लोग अवैध प्रवासी हैं या किसी अपराधी गिरोह से जुड़े हैं।

पुलिस ने असम और बांग्लादेश पुलिस से संपर्क किया है।

गोरखपुर में पिछले 6 महीनों में 300+ ऐसे लोगों की पहचान हुई है।

स्थानीय लोगों की चिंता: असुरक्षा और दहशत

बहरामपुर के लोग डर के मारे हैं। एक महिला ने कहा, “रात में अजनबी घूमते हैं, चोरी की कई घटनाएं हुईं।”

वार्ड पार्षद ने कहा, “अवैध प्रवासियों की जांच जरूरी।” स्थानीय लोगों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की।