मुरादाबाद में ATS की बड़ी कार्रवाई: IS के लिए भर्ती कर रहा था छात्र हारिश, कई जिलों में फैलाया नेटवर्क

मुरादाबाद एक बार फिर संदिग्ध आतंकी गतिविधियों को लेकर चर्चा में है। यहां एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो बाहर से एक सामान्य छात्र दिखता था, लेकिन अंदर ही अंदर खतरनाक मंसूबे पाले बैठा था। बीडीएस का छात्र हारिश पिछले दो साल से कथित तौर पर आईएस (IS) के लिए युवाओं की भर्ती कर रहा था।

क्या है पूरा मामला?

रविवार को ATS ने हारिश को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि वह मुरादाबाद में रहकर आतंकी संगठन IS के लिए युवाओं को जोड़ने का काम कर रहा था। उसकी गतिविधियां बेहद गुप्त थीं और वह सोशल मीडिया व ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को अपने जाल में फंसा रहा था।

बताया जा रहा है कि हारिश ने न सिर्फ मुरादाबाद बल्कि संभल, अमरोहा, बिजनौर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सैकड़ों युवाओं से संपर्क स्थापित किया था और उन्हें देश विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाने की कोशिश कर रहा था।

मासूम चेहरा, खतरनाक इरादे

सिर्फ 19 साल की उम्र में हारिश का दोहरा व्यक्तित्व सामने आया है। कॉलेज में वह एक पढ़ाकू और शांत स्वभाव का छात्र माना जाता था। उसके चेहरे पर मासूमियत थी, जिससे किसी को शक नहीं होता था कि वह इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकता है।

लेकिन ATS की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने सभी को चौंका दिया है।

डिजिटल सबूतों से खुला राज

हारिश के लैपटॉप और मोबाइल से कई अहम चैट्स और मैसेज बरामद हुए हैं। इन चैट्स से साफ हुआ है कि वह हर रात अलग-अलग लोगों से संपर्क करता था और नई-नई साजिशें रचता था। उसके पास से आतंकी संगठनों से जुड़े लेख और सामग्री भी मिली है।

जांच एजेंसियों का कहना है कि जिन नंबरों से हारिश संपर्क में था, उनकी भी गहन जांच की जा रही है। इससे नेटवर्क का पूरा खुलासा हो सकता है।

खुफिया एजेंसियां अलर्ट

हारिश की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।

पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए कई टीमें सक्रिय कर दी गई हैं।

यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि

उसके संपर्क में आए युवक किस स्तर तक प्रभावित हुए हैं।

सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि कहीं

इस नेटवर्क का संबंध बड़े आतंकी मॉड्यूल से तो नहीं है।

युवाओं को भटकाने की कोशिश

यह मामला इस बात का संकेत है कि किस तरह कुछ लोग युवाओं को गुमराह कर

उन्हें गलत रास्ते पर ले जाने की कोशिश करते हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए कट्टरपंथी विचार फैलाना और

युवाओं को प्रभावित करना एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार और समाज को ऐसे मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है।

मुरादाबाद में हारिश की गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, लेकिन

यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक चेतावनी भी है। समय रहते

कार्रवाई न होती तो यह नेटवर्क और बड़ा खतरा बन सकता था।

अब सभी की नजर आगे की जांच और नेटवर्क के खुलासे पर है।