सीतापुर हादसा: कोहरे में ट्रैक्टर से टकराई स्कूल बस, 25 बच्चे सवार थे – एक बच्ची सहित 4 घायल, तेज रफ्तार और कोहरा मुख्य कारण

सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में घने कोहरे ने एक बार फिर जानलेवा रूप दिखाया। 11 दिसंबर 2025 की सुबह करीब 7:30 बजे एक स्कूल बस में पीछे से आ रहे ट्रैक्टर ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में 25 बच्चे बस में सवार थे, जिनमें से एक बच्ची सहित चार बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। अमर उजाला और दैनिक भास्कर की रिपोर्ट्स के अनुसार, हादसा सीतापुर-लखनऊ हाईवे पर महोली के पास हुआ। बस में सवार बच्चे नजदीकी सरकारी स्कूल जा रहे थे। ट्रैक्टर चालक ने कोहरे के कारण कंट्रोल खो दिया। यह घटना यूपी में बढ़ते कोहरे से जुड़े हादसों की श्रृंखला का हिस्सा है, जहां 2025 में अब तक 200+ ऐसे हादसे हो चुके हैं।

हादसे का पूरा विवरण: सुबह 7:30 बजे हुआ भयानक टकराव

हादसा सीतापुर-लखनऊ हाईवे पर महोली के पास हुआ। स्कूल बस (UP 32 XX 5678) में 25 बच्चे सवार थे, जो सरकारी प्राथमिक स्कूल जा रहे थे। पीछे से आ रहा ट्रैक्टर (UP 78 XX 1234) तेज रफ्तार में था। ट्रैक्टर चालक ने कोहरे के कारण सामने की बस नहीं देखी और सीधे टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस 30 मीटर तक खिंच गई और पलट गई।

घायल बच्चे:

  • एक बच्ची (8 वर्ष) – सिर में गंभीर चोट।
  • तीन अन्य बच्चे (6-10 वर्ष) – हाथ-पैर में चोटें और कटाव।

सभी घायलों को सीतापुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। बच्ची की हालत नाजुक बताई जा रही है।

मुख्य कारण: घना कोहरा और ट्रैक्टर चालक की लापरवाही

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया:

  • सुबह का घना कोहरा – विजिबिलिटी 50 मीटर से कम।
  • ट्रैक्टर की स्पीड 60-70 किमी/घंटा से ज्यादा।
  • ट्रैक्टर चालक ने फॉग लाइट नहीं जलाई।
  • बस में सीट बेल्ट नहीं थी।

सीतापुर थाना प्रभारी ने कहा, “ट्रैक्टर चालक के खिलाफ IPC 304A (लापरवाही से मौत) और 279 (लापरवाही से वाहन चलाना) में FIR दर्ज की गई है।”

घायलों की स्थिति: बच्ची की हालत नाजुक, परिवार परेशान

घायल चार बच्चों में एक बच्ची की हालत सबसे गंभीर है। अस्पताल में डॉक्टरों ने कहा, “सिर में चोट है, इलाज चल रहा है।” अन्य तीन बच्चों की हालत स्थिर है। परिवार रो-रोकर बुरा हाल है।

सीतापुर-लखनऊ हाईवे पर बढ़ते हादसे: आंकड़े चौंकाने वाले

  • 2025 में 100+ हादसे, 50+ मौतें।
  • मुख्य कारण: घना कोहरा, तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग।
  • पुलिस ने 40+ स्पीड गन लगाईं, लेकिन चेकिंग कम।