सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर बढ़नी चेकपोस्ट के पास सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने वाहन जांच के दौरान एक ग्राम प्रधान को लाइसेंसी पिस्टल और कारतूस के साथ पकड़ा। तलाशी के दौरान वाहन से एक लाइसेंसी पिस्टल और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पकड़े गए व्यक्ति की पहचान गोंडा जिले के मलथुआ ग्राम प्रधान गौरव सिंह उर्फ मोनू मलथुआ के रूप में बताई गई है। उनके साथ मौजूद प्रमोद सिंह को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। दोनों के नेपाल जाने की बात सामने आई है।
बढ़नी चेकपोस्ट पर चल रही थी वाहन जांच
जानकारी के अनुसार भारत-नेपाल सीमा पर बढ़नी चेकपोस्ट के पास SSB की टीम वाहनों की सघन जांच कर रही थी। उप निरीक्षक प्रियंका यादव के नेतृत्व में चल रही चेकिंग के दौरान एक चार पहिया वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई।
तलाशी में वाहन के अंदर पिस्टल और कारतूस मिलने के बाद वाहन में सवार दोनों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पिस्टल के साथ मिले नौ जिंदा कारतूस
जांच के दौरान SSB को एक लाइसेंसी पिस्टल और नौ जिंदा कारतूस मिले। पूछताछ में गौरव सिंह और प्रमोद सिंह ने बताया कि वे नेपाल जा रहे थे और हथियार गलती से वाहन में रह गया था।
SSB ने हथियार के दस्तावेजों की जांच की, जिसमें लाइसेंस वैध पाया गया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करते समय हथियार ले जाने की अनुमति से जुड़े नियमों को अलग से लागू माना गया।
लाइसेंस वैध होने के बावजूद सीमा पार ले जाने पर कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार किसी हथियार का लाइसेंसी होना उसे दूसरे देश की सीमा में ले जाने की स्वत: अनुमति नहीं देता। भारत-नेपाल सीमा पार करते समय हथियार ले जाने के लिए संबंधित नियमों और आवश्यक अनुमति का पालन करना होता है।
इसी आधार पर SSB ने मामले को नियमों के उल्लंघन से जुड़ा मानते हुए आगे की कार्रवाई के लिए दोनों लोगों को स्थानीय पुलिस के सुपुर्द किया।
हथियार और वाहन पुलिस को सौंपे गए
SSB ने बरामद पिस्टल, नौ कारतूस और संबंधित वाहन को भी पुलिस के हवाले कर दिया। दोनों व्यक्तियों को हथियार से संबंधित दस्तावेजों और सीमा पार करने की परिस्थितियों के संबंध में पुलिस के समक्ष पेश किया गया।
इसके बाद ढेबरुआ पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
आर्म्स एक्ट के तहत जांच
पुलिस की ओर से मामले में आर्म्स एक्ट समेत सीमा पार हथियार ले जाने से संबंधित नियमों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि हथियार किस उद्देश्य से वाहन में रखा गया था और नेपाल जाने से पहले इसके संबंध में कोई आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीमा पर सुरक्षा जांच को लेकर सतर्कता
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां वाहनों और यात्रियों की जांच करती हैं। बढ़नी
चेकपोस्ट पर हुई इस कार्रवाई से एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करते समय हथियार और
अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं से जुड़े नियमों के पालन का मुद्दा सामने आया है।
निष्कर्ष
सिद्धार्थनगर के बढ़नी चेकपोस्ट पर SSB ने वाहन जांच के दौरान एक ग्राम प्रधान समेत
दो लोगों को लाइसेंसी पिस्टल और नौ कारतूस के साथ पकड़ा। हथियार का लाइसेंस वैध बताया गया है,
लेकिन नेपाल जाने के दौरान हथियार ले जाने की अनुमति से जुड़े नियमों की जांच की जा रही है।
SSB ने दोनों व्यक्तियों को हथियार, कारतूस और वाहन समेत ढेबरुआ
पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
FAQs
Q1. SSB ने ग्राम प्रधान को कहां पकड़ा?
बढ़नी चेकपोस्ट के पास भारत-नेपाल सीमा पर वाहन जांच के दौरान उन्हें पकड़ा गया।
Q2. उनके पास से क्या बरामद हुआ?
एक लाइसेंसी पिस्टल और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
Q3. क्या पिस्टल का लाइसेंस वैध था?
दिए गए विवरण के अनुसार जांच में पिस्टल का लाइसेंस वैध पाया गया।
Q4. फिर कार्रवाई क्यों की गई?
लाइसेंसी हथियार होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय सीमा पार दूसरे देश में हथियार ले जाने के लिए
अलग नियम और आवश्यक अनुमति लागू होती है। इसी पहलू की जांच की जा रही है।
Q5. SSB ने दोनों लोगों को किसे सौंपा?
SSB ने दोनों लोगों को हथियार, कारतूस और वाहन समेत ढेबरुआ पुलिस के हवाले किया।
Q6. मामले में कौन सी कार्रवाई हो रही है?
पुलिस ने आर्म्स एक्ट और सीमा पार हथियार ले जाने से संबंधित
नियमों के तहत मामले की जांच शुरू की है।
read this post :यूपी चुनाव से पहले विकास कार्यों में तेजी, निकायों को चार माह में अधूरे काम पूरे कराने के निर्देश