गोरखपुर में ‘द एक्सपोज’ बैनर तले दो शॉर्ट फिल्मों की शूटिंग शुरू, ‘बेटी-बेटा में नहीं है कोई अंतर’ और ‘तिरंगा हमारी शान’ का हुआ शुभारंभ

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोरखपुर में सामाजिक जागरूकता और देशभक्ति की दो फिल्मों का आगाज

गोरखपुर। सामाजिक जागरूकता, देशभक्ति और भारतीय संस्कृति को केंद्र में रखकर बनाई जा रही दो शॉर्ट फिल्मों की शूटिंग रविवार को उरुवा कस्बे में शुरू हो गई। ‘द एक्सपोज’ बैनर तले तैयार की जा रही इन फिल्मों के नाम ‘बेटी–बेटा में नहीं है कोई अंतर’ और ‘तिरंगा हमारी शान’ हैं।

दोनों फिल्मों के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने और लोगों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।

🪔 नारियल फोड़कर और दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ शुभारंभ

उरुवा कस्बे में आयोजित शूटिंग के शुभारंभ कार्यक्रम में पूर्व अपर जिला कृषि अधिकारी राम अधार यादव और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जेपी तिवारी मौजूद रहे।

दोनों अतिथियों ने नारियल फोड़कर और दीप प्रज्ज्वलित कर फिल्मों की शूटिंग का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान फिल्म यूनिट से जुड़े कलाकारों, तकनीकी सहयोगियों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

शूटिंग के शुभारंभ के अवसर पर मौजूद अतिथियों ने फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि दोनों शॉर्ट फिल्में समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

👧 ‘बेटी–बेटा में नहीं है कोई अंतर’ देगा समानता का संदेश

‘द एक्सपोज’ बैनर तले बनाई जा रही पहली शॉर्ट फिल्म ‘बेटी–बेटा में नहीं है कोई अंतर’ समाज में बेटियों और बेटों के बीच समानता का संदेश देने पर केंद्रित है।

फिल्म के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि परिवार और समाज के विकास में बेटियों की भूमिका किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं है।

बेटियों की शिक्षा, सम्मान, सुरक्षा और उन्हें समान अवसर दिए जाने जैसे विषय आज सामाजिक विमर्श के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। ऐसे में इस तरह की शॉर्ट फिल्म आम लोगों तक सरल और प्रभावी तरीके से संदेश पहुंचाने का माध्यम बन सकती है।

🇮🇳 ‘तिरंगा हमारी शान’ में दिखेगा देशभक्ति का भाव

दूसरी शॉर्ट फिल्म ‘तिरंगा हमारी शान’ देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना पर आधारित है। तिरंगा भारत की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है।

फिल्म के माध्यम से देश के राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और नागरिकों में राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।

फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों का मानना है कि मनोरंजन के साथ-साथ सिनेमा सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों को लोगों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम भी हो सकता है। इसी सोच के साथ दोनों फिल्मों को तैयार किया जा रहा है।

🎥 सामाजिक सरोकारों वाली फिल्मों की जरूरत

शूटिंग के शुभारंभ अवसर पर पूर्व अपर जिला कृषि अधिकारी राम अधार यादव ने कहा कि सामाजिक सरोकारों और देशभक्ति से जुड़ी फिल्मों की आज के दौर में बेहद आवश्यकता है।

उन्होंने इस प्रकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जब फिल्मों और मनोरंजन के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश मिलता है तो उसका प्रभाव व्यापक स्तर पर दिखाई दे सकता है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘बेटी–बेटा में नहीं है कोई अंतर’ और ‘तिरंगा हमारी शान’ जैसी फिल्मों से दर्शकों को मनोरंजन के साथ सामाजिक और राष्ट्रीय संदेश भी प्राप्त होगा।

🌿 भारतीय संस्कृति और सामाजिक जागरूकता पर जोर

प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जेपी तिवारी ने कहा कि आज के दौर में जब मनोरंजन की दुनिया में व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, ऐसे समय में सामाजिक सरोकार और देशभक्ति को केंद्र में रखकर फिल्म बनाना सराहनीय पहल है।

उन्होंने कहा कि ‘द एक्सपोज’ बैनर तले निर्माता सुनील गहलोत सामाजिक जागरूकता और

देशभक्ति से जुड़ी शॉर्ट फिल्मों के जरिए भारतीय संस्कृति की

विरासत को सहेजने और समाज को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं।

उनके अनुसार फिल्मों और डिजिटल माध्यमों की पहुंच आज बहुत व्यापक है,

इसलिए सामाजिक संदेश को प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने में इनका महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है।

🎬 उरुवा में फिल्म शूटिंग को लेकर दिखा उत्साह

उरुवा कस्बे में दोनों शॉर्ट फिल्मों की शूटिंग शुरू होने से

स्थानीय स्तर पर भी उत्साह का माहौल देखने को मिला।

फिल्म यूनिट से जुड़े कलाकार और सहयोगी शूटिंग को लेकर तैयारियों में जुटे रहे।

स्थानीय परिवेश में शूटिंग होने से क्षेत्र के लोगों में भी फिल्मों को लेकर उत्सुकता दिखाई दी।

फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है,

बल्कि सामाजिक विषयों को कहानी के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाना भी है।

यही कारण है कि दोनों फिल्मों के विषय समाज और राष्ट्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को केंद्र में रखते हैं।

👥 फिल्म यूनिट के कलाकार और सहयोगी रहे मौजूद

शूटिंग के शुभारंभ अवसर पर फिल्म यूनिट से जुड़े शैलेंद्र कुमार, अनिल पेंटर, रविन्द्र कुमार, वीरू,

जितेंद्र साहनी, रंजीता, पूजा, लाडो और रुकमौता चौहान सहित अन्य कलाकार एवं सहयोगी मौजूद रहे।

सभी ने फिल्मों के सफल निर्माण और बेहतर प्रस्तुति के लिए अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

दोनों फिल्मों के निर्माण से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि इनके माध्यम से दर्शकों तक सामाजिक समानता,

बेटियों के सम्मान, देशभक्ति और भारतीय संस्कृति से जुड़ा सकारात्मक संदेश पहुंचाया जाएगा।

📱 मनोरंजन के साथ संदेश देने की कोशिश

आज सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दौर में शॉर्ट फिल्मों की पहुंच तेजी से बढ़ी है।

कम समय में किसी महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे को प्रभावी ढंग से

दर्शकों तक पहुंचाने में शॉर्ट फिल्में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

ऐसे में ‘द एक्सपोज’ के बैनर तले बनाई जा रही दोनों फिल्मों को

इसी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

‘बेटी–बेटा में नहीं है कोई अंतर’ के जरिए लैंगिक समानता और बेटियों के

सम्मान का संदेश देने की कोशिश है, जबकि ‘तिरंगा हमारी शान’ के माध्यम से

देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

🌟 समाज को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास

फिल्म निर्माण टीम का यह प्रयास सामाजिक जागरूकता को

रचनात्मक माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक पहल है।

समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच, समान अवसर, राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और

देश के प्रति जिम्मेदारी जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से

प्रस्तुत करने की कोशिश इन दोनों फिल्मों के जरिए की जा रही है।

उरुवा में शूटिंग शुरू होने के साथ ही इन दोनों शॉर्ट

फिल्मों के निर्माण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ गई है।

अब दर्शकों को इन फिल्मों के पूरा होने और रिलीज होने का इंतजार रहेगा।

उम्मीद है कि ‘बेटी–बेटा में नहीं है कोई अंतर’ और ‘तिरंगा हमारी शान’

सामाजिक जागरूकता एवं देशभक्ति से जुड़े अपने संदेश को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने में सफल होंगी।