लखनऊ में चौंकाने वाला मामला: जिसे शिवानी समझकर किया अंतिम संस्कार, वह 28 दिन बाद जिंदा लौट आई!

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के बीकेटी थाना क्षेत्र से सामने आया एक हैरान करने वाला मामला पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। जिस 28 वर्षीय युवती को मृत समझकर परिवार ने अंतिम संस्कार तक कर दिया था, उसके करीब 28 दिन बाद अचानक जिंदा लौटने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल गई है।

अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आईआईएम रोड के पास नाले से बरामद किया गया शव आखिर किस महिला का था? मामले में शव की पहचान से लेकर युवती के इतने दिनों तक गायब रहने तक कई सवालों की जांच की जा रही है।

लापता हुई थी 28 वर्षीय शिवानी

मिली जानकारी के मुताबिक, शिवानी नाम की 28 वर्षीय महिला के लापता होने के बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की थी। इसी दौरान आईआईएम रोड के पास एक नाले में महिला का शव बरामद हुआ।

शव की पहचान से जुड़े कुछ संकेत मिलने के बाद परिवार ने उसे शिवानी का शव मान लिया। बताया जा रहा है कि शव के हाथ में कलावा और अंगूठी जैसी चीजें देखी गई थीं। इन्हीं संकेतों के आधार पर परिवार को शव के शिवानी होने का विश्वास हुआ।

इसके बाद परिजनों ने शव को शिवानी का मानते हुए उसका अंतिम संस्कार कर दिया।

शिवानी की मौत मानकर दर्ज हुआ हत्या का मुकदमा

शिवानी की कथित मौत के बाद उसके ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए शव की पहचान और मौत की परिस्थितियों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल शुरू की।

लेकिन आगे की जांच में मामला उस समय पूरी तरह बदल गया, जब डीएनए जांच से शव की पहचान को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया।

DNA रिपोर्ट ने बदल दी पूरी कहानी

मामले में सबसे अहम मोड़ डीएनए जांच की रिपोर्ट के बाद आया। रिपोर्ट के अनुसार, नाले से बरामद शव का डीएनए शिवानी से मेल नहीं खाने की बात सामने आई।

इस रिपोर्ट के बाद पुलिस के सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया कि जिस शव को

शिवानी समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था, वह वास्तव में किस महिला का था?

अब जांच का एक प्रमुख केंद्र उस शव की वास्तविक पहचान बन गया है।

पुलिस को यह पता लगाना होगा कि नाले से बरामद महिला की मौत कैसे हुई और

उसकी पहचान शिवानी के रूप में किस आधार पर हुई।

5 सितंबर को अचानक मायके पहुंची शिवानी

मामले में नया घटनाक्रम 5 सितंबर को सामने आया, जब शिवानी अचानक अपने मायके पहुंच गई।

उसके जिंदा होने की जानकारी मिलते ही परिवार और

पुलिस के सामने पहले से चल रही पूरी कहानी पर नए सवाल खड़े हो गए।

जिस महिला की मौत मानकर परिवार अंतिम संस्कार कर चुका था, उसके

अचानक सामने आने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि

शिवानी करीब 28 दिनों तक कहां थी और इस दौरान उसके साथ क्या घटनाक्रम हुआ।

हत्या के मुकदमे से जिंदा वापसी तक बदला मामला

शिवानी की कथित मौत के बाद ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया गया था।

लेकिन अब शिवानी के जिंदा मिलने के बाद मामले की जांच की दिशा बदल गई है।

पुलिस के सामने अब कई अहम सवाल हैं—शव की पहचान में गलती कैसे हुई? शव को शिवानी का मानने का आधार क्या था? डीएनए जांच से सामने आई जानकारी के बाद उस शव की वास्तविक पहचान क्या है? और शिवानी इतने दिनों तक कहां रही?

इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच के आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

पुलिस जांच में सामने आएंगे कई राज

फिलहाल पूरे मामले में किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। शिवानी के बयान,

डीएनए रिपोर्ट, नाले से बरामद शव की पहचान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस जांच आगे बढ़ेगी।

एक महिला को मृत समझकर अंतिम संस्कार किए जाने और करीब 28 दिन बाद उसके जिंदा लौटने की

जानकारी सामने आने से बीकेटी क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबसे ज्यादा नजर

अज्ञात शव की पहचान और शिवानी के 28 दिनों तक गायब रहने की वजह पर है।

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