फसल-मकान नुकसान का होगा तत्काल सर्वे, व्यापारियों और मंदिरों को हुए नुकसान का भी बनेगा आकलन; मंदाकिनी नदी से हटेगा अतिक्रम
णचित्रकूट। मुख्यमंत्री ने लखनऊ लौटने के बाद चित्रकूट में हालात और राहत कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए और पात्र परिवारों को नियमानुसार शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जाए।
प्रभावित परिवारों को जल्द मिलेगी सहायता
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों की स्थिति का मौके पर जाकर आकलन किया जाए। जिन लोगों के मकान, फसल या अन्य संपत्तियों को नुकसान हुआ है, उनका तत्काल सर्वे कराया जाए। सर्वे के आधार पर पात्र प्रभावितों को शासन के नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई तेजी से पूरी की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आपदा की स्थिति में आम लोगों को राहत देना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
फसल और मकान के नुकसान का होगा सर्वे
बैठक में फसलों और मकानों को हुए नुकसान का विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए गए। संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक नुकसान का आंकलन करने को कहा गया है। इससे पात्र लाभार्थियों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
व्यापारियों के नुकसान का भी होगा आकलन
मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को हुए नुकसान को भी समीक्षा में शामिल किया। प्रभावित बाजारों और दुकानों में नुकसान का आकलन कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को वास्तविक स्थिति के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने और नियमानुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया।
मंदिरों को हुए नुकसान का भी होगा सर्वे
धार्मिक स्थलों को हुए नुकसान को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए। चित्रकूट में मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों को हुई क्षति का सर्वे कराया जाएगा। संबंधित विभाग नुकसान का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार करेंगे।
मंदाकिनी के कैचमेंट एरिया से हटेगा अतिक्रम
णबैठक में मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने नदी के प्राकृतिक क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बेहतर बनाए रखना और भविष्य में जलभराव जैसी परिस्थितियों के प्रभाव को कम करना है।
फुट ओवरब्रिज का होगा सेफ्टी ऑडिट
मंदाकिनी नदी पर बने फुट ओवरब्रिज को लेकर भी सुरक्षा जांच के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से पुल का सेफ्टी ऑडिट कराने को कहा, ताकि उसकी संरचनात्मक सुरक्षा की स्थिति स्पष्ट हो सके और जरूरत पड़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
पीडब्ल्यूडी की परियोजनाओं का भी सुरक्षा ऑडिट
लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सुरक्षा मानकों की समीक्षा के निर्देश दिए। संबंधित निर्माण कार्यों और संरचनाओं का सेफ्टी ऑडिट कराकर उनकी स्थिति की जांच की जाएगी।
सीवर और नालों का पानी नदी में जाने पर रोक
मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी नदी की स्वच्छता और जल गुणवत्ता को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीवर और नालों का गंदा पानी सीधे नदी में नहीं जाना चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों को प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंदाकिनी घाट के विस्तारीकरण की बनेगी कार्ययोजना
मंदाकिनी घाट के विस्तार को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। घाट के विस्तारीकरण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके जरिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर करने के साथ-साथ नदी क्षेत्र के विकास और व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने पर जोर रहेगा।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासनिक अमले में तेजी की उम्मीद
समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर राहत, सर्वे, सुरक्षा और नदी संरक्षण से जुड़े कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। प्रभावित परिवारों के नुकसान का सर्वे, व्यापारियों और मंदिरों को हुई क्षति का आकलन, पुलों का सुरक्षा ऑडिट तथा मंदाकिनी नदी क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने जैसे मुद्दे अब प्राथमिकता में रहेंगे।
