कन्नौज जेल में सनसनीखेज फरार
कन्नौज जिला कारागार से दो विचाराधीन बंदियों के फरार होने की घटना ने जेल सुरक्षा पर बड़े सवाल उठा दिए हैं। नए साल की रात अफसर और पुलिसकर्मी जश्न मनाने में मशगूल रहे, इसी बीच बंदियों ने कंबलों को जोड़कर रस्सी बनाई और 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर भाग निकले।
यह घटना 1 जनवरी 2026 की रात की है और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
बंदियों ने पेड़ की टहनियों का सहारा लेकर दीवार पार की। कंबल और चादर जोड़कर बनाई
रस्सी से वे ऊपर चढ़े और बाहर निकल गए।
जेल में गिनती के दौरान अनुपस्थिति पता चली। दोनों बंदी गंभीर अपराधों में आरोपी थे।
फरार होने के बाद पुलिस ने तलाश शुरू की, लेकिन अभी तक पकड़े नहीं गए हैं।
जेल में नए साल का जश्न
अफसर और कर्मी ड्यूटी पर नहीं थे या लापरवाही बरत रहे थे। निगरानी पूरी तरह ढीली पड़ गई। बैरक में बंदी सोने का नाटक कर रहे थे। रात में मौका देखकर वे बाहर निकले। दीवार पर सीसीटीवी थे, लेकिन कोई अलर्ट नहीं हुआ। यह लापरवाही जेल सुरक्षा की पोल खोल रही है।
प्रशासन की कार्रवाई: निलंबन और तलाश
घटना की जानकारी मिलते ही डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और एसपी विनोद कुमार जेल पहुंचे। प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर जेलर विनय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद समेत 5 कर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया। शासन ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं, संभावित ठिकानों पर छापेमारी चल रही है। आसपास के जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। एसपी ने कहा, “दोनों शातिर अपराधी हैं, जल्द पकड़े जाएंगे।”
सुरक्षा पर बड़े सवाल
यह घटना यूपी जेलों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठा रही है। नए साल का जश्न जेल में मनाना और निगरानी ढीली छोड़ना बड़ी चूक है। विशेषज्ञों का कहना है कि वॉच टावरों पर चौकीदार तैनात न होना, सीसीटीवी की कमी और रात में गश्त न होना
ऐसी वारदातों को न्योता देता है।
योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के बावजूद ऐसी लापरवाही चिंता का विषय है।
सतर्कता जरूरी
कन्नौज जेल से कैदियों की यह फरारी जेल प्रशासन के लिए सबक
है। अफसर जश्न मनाते रहे और बंदी भाग निकले।
अब पुलिस की चुनौती है कि फरार कैदियों को जल्द पकड़ा जाए।
जेलों में सुरक्षा कड़ी करने और लापरवाही पर सख्ती की जरूरत है।
जनता भी सतर्क रहे, अगर कोई संदिग्ध दिखे तो पुलिस को सूचना दें।
