राकेश शर्मा की रिपोर्ट
Intro
गोरखपुर के गोला क्षेत्र में सेवा सप्ताह के तहत सीएचसी, पीएचसी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान मरीजों का हालचाल जाना गया और फल वितरित किए गए।
Main News
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से शुरू हुए सेवा सप्ताह कार्यक्रम के तहत गोरखपुर के गोला क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पकड़ी, चिलवां और नेवाईजपार सहित क्षेत्र के विभिन्न आयुष्मान आरोग्य मंदिर और स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मियों ने सेवा गतिविधियों में भाग लिया।
सीएचसी गोला में मरीजों से मिले अधीक्षक
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला में सेवा सप्ताह के तहत अधीक्षक डॉ. अमरेन्द्र नाथ ठाकुर ने अस्पताल में भर्ती और उपचार के लिए पहुंचे मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजों का हालचाल जाना और उनके स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी ली। इस दौरान मरीजों को फल भी वितरित किए गए।
अधीक्षक ने स्वास्थ्यकर्मियों से अस्पताल में आने वाले मरीजों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सेवा सप्ताह के उद्देश्य के अनुरूप मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और उन्हें उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का उचित लाभ दिलाने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है।
अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार के साथ सम्मानजनक व्यवहार मिलना जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को उनके नजदीक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
गोला क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सीएचसी और पीएचसी के अलावा आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा स्वास्थ्य उपकेंद्रों के माध्यम से लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सेवा सप्ताह के कार्यक्रमों के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करने और जरूरतमंद मरीजों की सहायता करने पर भी जोर दिया।
सीएचसी अधीक्षक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उनके नजदीक मिले, यह स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से मरीजों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार आवश्यक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई। सीएचसी गोला में डॉ. रजनीश, डॉ. राहुल, डॉ. सीके मौर्य, डॉ. राजेश राहुल, जेके सिंह, सरिता राय, स्वाति सिंह, सत्येंद्र सिंह, आफरीन जिलानी, तारा, ओमप्रकाश और इरावती सहित कई चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से मरीजों के साथ सीधे संवाद, उनकी समस्याओं की जानकारी और बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। सेवा सप्ताह के तहत स्वास्थ्य संस्थानों में सेवा भावना के साथ मरीजों की देखभाल और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी गई।
Facts/Details
कार्यक्रम की शुरुआत 17 सितंबर से हुई।
गोला सीएचसी में मरीजों से मुलाकात की गई।
मरीजों को फल वितरित किए गए।
पकड़ी, चिलवां और नेवाईजपार के स्वास्थ्य केंद्रों पर भी कार्यक्रम हुए।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर और स्वास्थ्य उपकेंद्र भी कार्यक्रमों में शामिल रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीणों के नजदीक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
Statement
सीएचसी गोला के अधीक्षक डॉ. अमरेन्द्र नाथ ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है।
अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार मिलना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है।
FAQ
1. गोला में सेवा सप्ताह कब शुरू हुआ?
सेवा सप्ताह कार्यक्रम 17 सितंबर से शुरू हुआ।
2. किन स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यक्रम हुए?
सीएचसी गोला, पीएचसी पकड़ी, चिलवां, नेवाईजपार सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों पर कार्यक्रम आयोजित हुए।
3. सीएचसी गोला में क्या किया गया?
मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना गया और फल वितरित किए गए।
4. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या रहा?
मरीजों की बेहतर देखभाल और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
5. कार्यक्रम में कौन शामिल हुए?
चिकित्सक, अधीक्षक और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
Conclusion
गोला क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवा सप्ताह के दौरान मरीजों की देखभाल और जनसेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य अधिकारियों ने ग्रामीणों तक बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया।