जर्जर तार और बदहाल बिजली व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों ने विद्युत उपकेंद्र पर किया प्रदर्शन

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोरखपुर बिजली समस्या विद्युत उपकेंद्र विधानापार क्षेत्र के गुलहरिया गांव में जर्जर बिजली तारों और बाधित विद्युत आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बावजूद तार नहीं बदले गए। अवर अभियंता के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

जर्जर तारों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी

गुलहरिया गांव में बिजली व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में विद्युत आपूर्ति के लिए लगाए गए कई तार काफी समय से जर्जर हालत में हैं। इन तारों के टूटकर गिरने की घटनाओं से ग्रामीणों के बीच दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

ग्रामीणों ने बताया कि जर्जर तार कई बार टूटकर नीचे गिर चुके हैं। ऐसी ही एक घटना में बिजली के तार की चपेट में आने से एक गाय और बछड़ा बाल-बाल बच गए। इसके बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से समस्या के समाधान की मांग की, लेकिन उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद अब तक जर्जर तारों को बदलने की कार्रवाई नहीं हुई।

शिकायत के बाद भी समस्या बनी रहने का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत विभाग के अधिकारियों को कई बार स्थिति से अवगत कराया गया। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से नाराजगी बढ़ती गई। ग्रामीणों ने कहा कि जर्जर तार कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।

ग्रामीणों ने विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भी अपनी परेशानी बताई। उनका कहना है कि शाम और रात के समय कई बार बिजली बाधित रहती है। विशेष रूप से बारिश के दौरान बिजली कटने से ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

रात में अंधेरे से बढ़ता है खतरा

ग्रामीणों के मुताबिक रात के समय बिजली आपूर्ति बाधित होने पर गांव के कई हिस्सों में अंधेरा छा जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह घास और झाड़ियां होने के कारण अंधेरे में लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने सर्पदंश जैसे खतरों की आशंका भी जताई।

इन्हीं समस्याओं को लेकर शुक्रवार को ग्रामीण विद्युत उपकेंद्र विधानापार पहुंचे और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जर्जर तारों को बदलने तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की मांग रखी।

आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन

विद्युत उपकेंद्र विधानापार पर रतन मौर्य के नेतृत्व में जय हिंद मौर्य, अमर लाल मौर्य, छाबर तिवारी, पिंटू तिवारी, हीरा मौर्य, भीम मौर्य, बेचन मौर्य, रितेश मौर्य निकयी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं विद्युत विभाग के अधिकारियों के सामने रखीं। उपकेंद्र के अवर अभियंता मनोज कुमार सान्याल ने ग्रामीणों को विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

अब ग्रामीणों की नजर विभाग की कार्रवाई पर है। ग्रामीणों की मांग है कि जर्जर विद्युत तारों को जल्द बदला जाए और आपूर्ति व्यवस्था को नियमित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी तरह की अप्रिय घटना की स्थिति न बने।

मामला गुलहरिया गांव, विद्युत उपकेंद्र विधानापार क्षेत्र का है। ग्रामीणों ने जर्जर विद्युत तारों को बदलने की मांग की।

ग्रामीणों के अनुसार तार टूटकर गिरने की घटनाएं हुई हैं।

एक गाय और बछड़ा बिजली की चपेट में आने से बाल-बाल बचने की बात कही गई।

ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायत भी की।

बारिश के दौरान बिजली कटने से परेशानी बढ़ने का दावा किया गया।

रतन मौर्य के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।

अवर अभियंता मनोज कुमार सान्याल के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर बिजली तारों के कारण गांव में लगातार खतरा बना हुआ है।

उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

ग्रामीणों ने विभाग से तारों को जल्द बदलने और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।

वहीं, अवर अभियंता मनोज कुमार सान्याल ने आपूर्ति व्यवस्था को ठीक कराने का आश्वासन दिया।

FAQ

Q1. मामला कहां का है?

गोरखपुर के विद्युत उपकेंद्र विधानापार क्षेत्र के गुलहरिया गांव का है।

Q2. ग्रामीणों ने प्रदर्शन क्यों किया?

जर्जर विद्युत तारों और बाधित बिजली आपूर्ति को लेकर प्रदर्शन किया गया।

Q3. ग्रामीणों ने क्या मांग की?

जर्जर तार बदलने और बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधारने की मांग की।

Q4. प्रदर्शन कब समाप्त हुआ?

अवर अभियंता के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

Q5. प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?

प्रदर्शन का नेतृत्व रतन मौर्य ने किया।

गुलहरिया गांव में जर्जर बिजली तार और आपूर्ति व्यवस्था ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

विभाग की ओर से समस्या दूर करने का आश्वासन दिया गया है।

अब ग्रामीणों को तार बदलने और विद्युत व्यवस्था में सुधार की कार्रवाई का इंतजार है।